(Video) Daily Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPSC, RPSC & All State PSC/PCS Exams - 19 November 2020


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चापरे या चपेरे वायरस, एक नई आफत

  • बोलीबिया दक्षिण अमेरिका स्थित एक स्थलरुद्ध (Land Locked) देश है। इसकी प्रशासनिक (सरकारी) राजधानी ला पाज है तथा संवैधानिक राजधानी सूक्रे है। दक्षिण अमेरिका में इसके अलावा एक अन्य स्थलरुद्ध देश पराग्वे है।
  • यहां की जनसंख्या में 30 प्रतिशत मेस्टिजो समुदाय के लोग, 30 प्रतिशत खेचुआ, 25 प्रतिशत अयमारा तथा 15 प्रतिशत श्वेत लोगों की हिस्सेदारी है।
  • यह देश अपनी जैविविधता के लिए प्रसिद्ध है।
  • यह ब्राजील, पराग्वे, अर्जोटिया, चिली तथा पेरु के साथ सीमा साझा करता है। इस देश का एक तिहाई हिस्सा एंडीज पर्वत श्रृंखला पर स्थित है।
  • बोलिबिया को तीन भौगोलिक क्षेत्रें में विभाजित किया जाता है।
  1. एंडियन क्षेत्र- देश का लगभग 28 प्रतिशत क्षेत्र इसके अंतर्गत आता है। यह इस देश का सबसे ऊँचा भाग है। यह देश का दक्षिणी-पश्चिमी क्षेत्र है। इसी क्षेत्र में टिटिकाका झील अवस्थित है जो दुनिया की सबसे बड़ी नौकायन झील होने के साथ-साथ दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी झील है। इस झील का जल क्षेत्र पेरु के साथ साझा होता है।
  2. इस एंडियन क्षेत्र के अंतर्गत अल्टीप्लानो और सालार डी उयुनी है, जो दुनिया का सबसे बड़ा नमक सपाट क्षेत्र और लिथियम का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
  3. उप-एंडियन क्षेत्र- देश का मध्यवर्ती दक्षिण में एंडियन से लगा क्षेत्र इसके अंतर्गत आता है। यह कृषि के लिए महत्वपूर्ण है। 13 प्रतिशत एरिया इसके अंतर्गत आता है।
  4. लानोस क्षेत्र या मैदानी क्षेत्र- देश का पूर्वोत्तर हिस्सा इसके अंतर्गत आता है, देश के लगभग 59 प्रतिशत क्षेत्र पर इसका विस्तार है। यह मैदानी भूमि छोटे पठारों का एक क्षेत्र है जो व्यापक जैवविविधता वाले वर्षा वनों से ढ़का है।
  • बोलिबिया के मध्य भाग में एक नदी प्रवाहित होती है, जिसका नाम चपेरे है जो ममोरे नदी की सहायक है। यह दोनों नदियां अमेजन नदी में अपना जल डालती हैं। चपेरे नदी बेसिन को चपेरे क्षेत्र के नाम से जाना जाता है। यहां की जलवायु उष्ण एवं आर्द्र है।
  • हाल ही में यू-एस- सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेंशन (CDC) ने अपने शोध में यह पुष्टि की है कि चपेरे वायरस (Chapare Virus) एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल संकता है। बोलिबिया के चपेरे क्षेत्र में इस वायरस की उत्पत्ति हुई थी, इसके कारण इस वायरस को चपेरे के नाम से जाना जाता है।
  • चपेरे वायरस एरीनावायरस फैमिली का वायरस है जो कृंतकों के माध्यम से फैलता है। यह चूहों के संपर्क में आने से, उनके मल- मूत्र के संपर्क में आने से, या संक्रमित कृंतकों के संपर्क में आने से इंसानों तक पहुँचता है।
  • इसका पूरा नाम The Chapare Hemorrhagic Fever (CHHF) है। यह एरीनावायरस फैमिली से संबंधित है। इस कारण इसके लक्षण इसी फैमिली की बीमारी इबोला के तरह होते है।
  • इससे संक्रमित होने पर व्यक्ति को तेज बुखार आता है, जिसकी वजह शरीर के अंग तक काम करना बंद कर देते है। इसके अलावा इसकी वजह से पेट दर्द की समस्या, उल्टी, मसूढ़ों से खून निकलने की समस्या, आंखों के पिछले भाग में दर्द की समस्या आती है। बुखार के साथ खून भी आता है, जिससे मरीज की मौत तक हो जाती है।
  • CDC ने अपने शोध में पाया है कि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। वैज्ञानिकों एवं स्वास्थ्य के जानकारों का कहना है कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक यह तभी पहुँचता है जब संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकले तरल पदार्थ के संपर्क में आता है। अर्थात व खून, मूत्र स्लाइवा और सिमेन के माध्यम से यह फैसला है।
  • संक्रमित व्यक्ति से इसके फैलने का खतरा सबसे ज्यादा परिवार के सदस्यों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं सहकर्मियों को होता है। यह श्वसन तंत्र के माध्यम से नहीं फैलता है।
  • शोध में पाया गया कि इस क्षेत्र के कृंतकों के अंदर यह वायरस पाया गया है, इसलिए आने वाले समय में इसके संदर्भ में सावधानी नहीं बरती गई तो इसका बड़ा आउटब्रेक देखने को मिल सकता है। उष्णकटिबंधीय क्षेत्र इस बीमारी के लिए संवेदनशील होते है।
  • यह वाइरस पहली बार 2004 में पाया गया गया था, जिसके लक्षण इबोला वायरस की तरह देखे गये थे।
  • इसका अब तक सबसे बड़ा आउटब्रेक ला पाज में वर्ष 2019 में देखा गया था। यह मानव शरीर में 24 सत्ताह तक रह सकता है।
  • अभी तक इसी बीमारी का कोई दवा नहीं है, इसलिए इसके लक्षण के आधार पर इसका इलाज किया जाता है।

इथोपिया में गृह युद्ध की स्थिति क्यों ?

  • हॉर्न ऑफ अफ्रीका, अफ्रीका महाद्वीप का उत्तर-पूर्वी भाग है। इसके अंतर्गत जिबूती, इरीट्रिया, इथोपिया और सोमालिया को शामिल किया जाता है। इथोपिया को इथोपिया संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य (FDR) के नाम से जाना जाता है।
  • इसकी राजधानी अदिस अबाबा है। यहां के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली है।
  • यह दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला स्थलरुद्ध देश है। इसकी सीमा इरीट्रिया, जिबूती, सोमालिया, केन्या, दक्षिणी सूडान एवं उत्तरी सूडान से लगती है।
  • इस देश की जनसंख्या लगभग 85 लाख है।
  • वर्ष 2019 में यहां के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली को शांति के नोबेल पुरस्कार के लिये चुना गया और उन्हें यह पुरस्कार दिया भी गया। उन्हें यह पुरस्कार अपने पड़ोसी देश इरीट्रिया के साथ सीमा विवाद को खत्म करने के उनके पहल और प्रयास के लिए दिया गया।
  • अबी अहमद नेल्सन मंडेला के बड़े प्रशंसक माने जाते है और इन्हें इथोपिया का नेल्सन मंडेला कहा जाता है।
  • 2018 में अबी अहमद यहां के प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री बनने के कुछ दिन बाद ही जुलाई 2018 में इरीट्रिया के राष्ट्रपति के साथ जॉइंट डिक्लेयरेशन ऑफ पीस ऐंड फ्रेंडशिप पर हस्ताक्षर किया। इसके बाद अबी अहमद द्वारा यह घोषण की गई कि 20 साल से चला आ रहा युद्ध खत्म हो गया, जिसने 80 अजार लोगों की जान ली थी।

इतिहास

  • इथोपिया पर 1936 में मुसोलिनी (इटली शासक) ने हमला कर दिया और 3.5 लाख लोगों को जान से मार दिया गया। इटली पहले भी यहां हमला कर चुका था लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाया था। इस हार का बदला लेने के लिए मुसोलिनी ने कत्लेआम मचाया था। 1941 तक इथोपिया इटली के कब्जे में रहा। मुसोलिनी के आक्रमण से हेली सेलसई इथोपिया से भाग गया था जो 1941 के बाद फिर वापस आया और इथोपिया की गद्दी पर बैठा।
  • हेली सेलसई ने आंतरिक मुद्दों का सही तरीके से समाधान किया और इथोपिया को आर्थिक विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ाया। हेली सलसई अच्छा कर रहे थे लेकिन भागने की छवि को सुधारने के लिए कोई बड़ा कदम उठाना चाहते थे।
  • हेली सेलसई ने इरीट्रिया पर हमला कर दिया और उस पर कब्जा कर लिया। इसके बाद यहां आजादी के लिए संघर्ष प्रारंभ हो गया।
  • 1974 में इथोपिया में तख्तापलट हो गया और हेली सेलसई को जेल में डाल दिया गया। यहां इसके बाद गृहयुद्ध प्रारंभ हो गया।
  • 1988 में यहां चार पार्टियों के ने मिलकर एक गठबंधन- EPRDF (इथोपियन पिपल्स रिवोल्यूशनरी डेमोक्रेटिक फंड) बनाया। इस गठबंधन मे सरकार बनाया और नया संविधान भी।
  • 1993 में इरीट्रिया को आजाद का दिया गया इरीट्रिया के आजाद होने के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने दोनों के बीच सीमा खींची लेकिन असब बंदरगाह का महत्व ज्यादा होने के कारण इथोपिया के शासकों ने उस पर कब्जा नहीं छोड़ा तथा सीमा को पूर्णरूप से मानने से इंनकार कर दिया था। इस बंदरगाह को लेकर ही इथोपिया और इरीट्रिया मे दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू हो गया। यह युद्ध वर्ष 2000 तक चला। सीमा विवाद के चलते दोनों देशों ने अपने राजदूतों को वापस बुला लिया। अबी अहमद उन हजारों इथोपियाई सैनिकों में शामिल थे जिन्होंने इरीट्रिया के साथ युद्ध लड़ा था। वर्ष 2000 के बाद भी संघर्ष चलता रहा।

अभी क्या हो रहा है?

  • इथोपिया के उत्तर में और इरीट्रिया के साथ सीमा साझा करने वाला इथोपियाई राज्य टिग्रे (Tigray) है। यहां टिग्रे पिपल्स लिवरेशन फ्रांट (TPLF) की सरकार है। TPLF अभी अहमद पर राज्यों को कमजोर करने का आरोप लगाति आई है।
  • इथोपिया में अगस्त 2020 में आम चुनाव होने थे जो कोरोना की वजह से केंद्र सरकार ने चुनाव को 2021 तक के लिए टाल दिया। TPLF ने इसे मानने से माना कर दिया और कहा कि वह चुनाव करवायेगी, क्योंकि चुनाव कराना राज्यों के अधिकार में आता है। सितंबर 2020 में TPLF ने टिग्रे क्षेत्र में चुनाव करवाये लेकिन यहां के प्रधानमंत्री ने इस चुनाव को अवैध घोषित कर दिया। TPLF ने कहा कि प्रधानमंत्री राज्यों के अधिकारों को छीनकर उसे कमजोर कर रहे हैं और राज्यों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहें है। TPLF ने कहा कि टिग्रे के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप का मतलब युद्ध होगा।
  • 4 नवंबर को यहां के प्रधानमंत्री ने कहा कि TPLF ने सेना के बेस पर हमला कर हथियार लूट लिये हैं इसलिए अब सेना TPLF के खिलाफ मोर्चा संभालेगी। TPLF ने इस आरोप से इंकार किया।
  • अबी अहमद ने 4 नवंबर को टिग्रे में आपातकाल लगा दिया गया और सप्लाई बंद कर दी गई। टेलीफोन एवं इंटरनेट कनेक्शन बंदकर दिये। देश के अन्य भागों की आर्मी को टिग्रे की ओर कूच करने का आदेश दे दिया गया।
  • यहां आर्मी और TPLF के बीच जंग चल रही है जिसमें सैकड़ों लोग मारे जा चुके है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार यह संख्या ज्यादा है।
  • 14 नवंबर को TPLF ने पड़ोसी देश इरीट्रिया पर मिसाइल दागा। वहीं TPLF का कहना है कि सेना टिग्रे पर हमले के लिए इरीट्रिया के एयरपोर्ट का इस्तेमाल कर रही है।
  • TPLF का कहना है कि अबी अहमद इरीट्रिया के साथ दोस्ती निभाने के लिए टिग्रे को कमजोर कर रहे है।
  • अबी अहमद TPLF के समर्पण से कम कुछ नहीं चाहते है और उन्होंने UN के शांति की अपील को भी ठुकरा दिया है टिग्रे में खाद्य असुरक्षा उत्पन्न हो गई है और लोग देश छोड़कर पड़ोसी देशों में जा रहे है।