(Wide Angle with Expert) 10000 ऊँटो को क्यों मार रहा है ऑस्ट्रेलिया द्वारा सुनील वर्मा (Why Australia is Killing 10,000 Camels? by Sunil Verma)

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(Wide Angle with Expert) 10000 ऊँटो को क्यों मार रहा है ऑस्ट्रेलिया द्वारा सुनील वर्मा (Why Australia is Killing 10,000 Camels? by Sunil Verma)


विषय का नाम (Topic Name): 10000 ऊँटो को क्यों मार रहा है ऑस्ट्रेलिया (Why Australia is Killing 10,000 Camels?)

विशेषज्ञ का नाम (Expert Name): सुनील वर्मा (Sunil Verma)


  • आस्ट्रेलिया में सितंबर माह से आग लगी है जिसकी वजह से 26 लोगों की मृत्यु हो चुकी है तो साथ ही 50 करोड़ से अधिक जानवरों की मौत हो चुकी है। इस आग को Australian Bushfire नाम दिया गया है।
  • यहाँ न सिर्फ जीवों (जंगली) के आवास की क्षति हो रही है बल्कि 1.5 हजार लोगों का घर जल चुका है।
  • पूरी दुनिया इस समय आस्ट्रेलिया की आग को लेकर चिंतित है तो इस समय एक विचित्र खबर हमारे सामने है।
  • आस्ट्रेलिया की स्थानीय सरकार ने 5 दिनों में 10000 ऊँटों को गोली मारने का आदेश दिया है।
  • इन्हें हेलीकाप्टर के माध्यम से मारा जायेगा।
  • ऊँटों को मारने की घटना आस्ट्रेलिया में पहली बार नहीं हो रही है।
  • 2013 में हजारों ऊँटों को मारा जा चुका है। उस समय वैश्विक आलोचना हुई थी।

कारण

  • आस्ट्रेलिया औसतन 60 सेमी. वर्षा प्राप्त करता है तो साथ ही इसका 35% से अधिक भौगोलिक क्षेत्र मरूस्थल है जिसके कारण ग्राउंडवाटर कम है।
  • कम भूमिगत जल के साथ-साथ यहाँ पर कई वर्षों से सूखे जैसी अवस्था है, जिसके कारण यहाँ जल अभाव बना हुआ है। 2019 दशक का सबसे सूखा साल था।
  • पहले से ही जल का अभाव था तो आग ने भी लोगों तक जल की आपूर्ति को बाधित कर दिया है जिससे यहाँ के लोगों के पास पीने का भी पानी नहीं है।
  • स्थिति इतनी खराब हो चुकि है कि लोग A.C से निकले पानी को एकत्रित कर रहे हैं जिसे यह ऊँट पी जा रहे हैं।
  • पानी पीने के साथ.साथ यह ऊँट आवास की तलाश में घरों में घुस रहे हैं जिससे मानव पशु संघर्ष बढ़ रहा है।
  • आग और तपिश ज्यादा (44-49 डिग्री सेल्सियस) होने के कारण ऊँटों को अधिक जल की आवश्यकता पड़ रही है।
  • आग लगने और बिजली गिरने की घटनाएं अभी तक नहीं रही हैं इसलिए जल संकट मानवनीय संकट में परिवर्तन न हो जाये इसके लिए इस कदम को जल संकट को निपटने के रक्षोपाय के रूप में देखा जा रहा है।
  • यहाँ यह ध्यान देना आवश्यक है कि आस्ट्रेलिया में एक समय था जब ऊँटों की कमी थी और इसके लिए ऊँटों को बाहर से मंगाया गया।
  • 1890 से 1910 के दशक तक हजारों की संख्या में अरेबियन क्षेत्र मध्य एशिया एवं भारत से ऊँटों को आस्ट्रेलिया लाया गया।
  • इनका प्रयोग व्यक्ति एवं सामानों की आवा-जाही को सुगम बनाना था।
  • 1920 के दशक के बाद गाड़ियों का प्रयोग बढ़ा और इनका महत्व कम हो गया तो लोगों ने इन ऊँटों को जंगल में छोड़ दिया।
  • ऐसे ऊँटों को Feral Camels के नाम से जाना जाता है।
  • आस्ट्रेलिया में 1 मिलियन से अधिक ऊँटों की संख्या है जो तेजी से बढ़ भी रही है। इसलिए South Australia में यह कदम उठाया जायेगा।
  • यह उन क्षेत्रों में शामिल है जो सूखे का सर्वाधिक सामना कर रहा है।
  • एक कारण इनके द्वारा ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाया जाना बताया जा रहा है। यह मिथेन का उत्सर्जन करते हैं।
  • यह मिथेन उत्सर्जन प्रति साल एक टन कार्बन दृडाइ. आॅक्साइड उत्सर्जन के बराबर है।
  • ऊँटो को आस्ट्रेलिया द्वारा अक्रामक प्रजाति के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
  • ऊँटों की बढ़ती संख्या के कारण दूसरे जीवों की संख्या कम हो रही है।
  • आस्ट्रेलिया में गर्मी के समय आग लगने की घटनाएं लगभग प्रत्येक साल होती है।
  • इससे पहले 2009 में भी भयंकर आग लगी थी जिससे 180 लोगों की मृत्यु हो गई थीं
  • रेगिस्तानी जलवायु, कम वर्षा और गर्मी के मौसम में शुष्कता जयादा होने के कारण आग लगने की घटनाएं होती हैं।
  • आग के प्रमुख कारण के रूप में बिजली का गिरना और पेड़ों की टकराहट को माना जाता है।
  • जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को भी कुछ समीक्षक इसके एक कारण के रूप में देख रहे हैं।
  • 1950 से 1 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान बढ़ चुका है।
  • आस्ट्रेलिया में आग का असर सबसे अधिक न्यू साउथ वेल्स में है जहाँ 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आग लगी है।
  • इस आग का प्रभाव सिर्फ आस्ट्रेलिया तक सीमित नहीं है। इसका असर न्यूजीलैण्ड, ब्राजील, चिली, अर्जेंटिना के ऊपर वायुमंडल में भी देखा जा रहा है।
  • भारत में 2016 में बिहार मे 200 से अधिक नीलगायों को मार दिया गया था।
  • कारण बताया गया कि फसलों को इससे नुकसान हो रहा था।
  • पूरे देश में इसकी आलोचनी हुई थी।