(इनफोकस - InFocus) योनोमामी जनजाति (Yanomami Tribe : Why in News?)


(इनफोकस - InFocus) योनोमामी जनजाति (Yanomami Tribe : Why in News?)



सुर्ख़ियों में क्यों?

हाल ही में, दक्षिण अमेरिका की योनोमामी जनजाति ने कोविड-19 महामारी के बीच अपने इलाके से 20,000 स्वर्ण खनिकों को बाहर निकालने के लिये एक वैश्विक अभियान शुरू किया है। इस अभियान का नाम ‘MinersOutCovidOut’ है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल साल 1980 के दशक से ही सोने की खानों के अवैध खनन के चलते इस जनजाति को कई तरह के हमलों का सामना करना पड़ रहा है.

  • गोल्ड माइन्स की गतिविधियों की वजह से इनके यहां मलेरिया समेत दूसरी बीमारियां तेजी से फैल रही है। साथ ही, खनन के चलते यहां प्रदूषण भी काफी बढ़ रहा है।
  • स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित होने के कारण यहां के लोगों को काफी परेशानियां उठानी पड़ती है. वेनेजुएला वाले इलाके में समस्या और भी गंभीर है।
  • इसी बीच कोरोनावायरस के कहर ने इस जनजाति की दिक्कतों को और बढ़ा दिया है.
  • इसी समस्या से उबरने के लिए यानोमामी जनजाति ने अपने क्षेत्र में काम कर रहे स्वर्ण खनिजों को बाहर निकालने के लिए अभियान चलाया है.
  • इस अभियान का मकसद उनके इलाके में कोरोनावायरस के प्रसार को रोकना है.

यानोमामी जनजाति के बारे में

यानोमामी उत्तरी ब्राज़ील और दक्षिणी वेनेज़ुएला के वर्षा वनों और पहाड़ों में रहते हैं. लंदन स्थित सर्वाइवल इंटरनेशनल संस्था की मानें तो यानोमामी दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी पृथक जनजाति है। आपको बता दें कि सर्वाइवल इंटरनेशनल अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकारों के लिए काम करने वाला एक एक संगठन है. यह दुनिया भर के देशज और आदिवासी लोगों के अधिकारों के लिये अभियान चलाता है।

  • मौजूदा वक्त में, इस जनजाति की संख्या तकरीबन 38,000 है जो ब्राज़ील के करीब 9.6 मिलियन हेक्टेयर और वेनेज़ुएला के 8.2 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र पर रहते हैं।
  • ये बड़े, गोलाकार घरों में रहते हैं जिन्हें यानोस या शाबोनोस कहा जाता है. शाबोनोस में एक साथ करीब 400 लोग रह सकते हैं।
  • ये लोग एक्सिरिआना (Xirianá) भाषा बोलते हैं।
  • यानोमामी जनजाति का कोई मुखिया नहीं होता है. ये सभी लोगों को बराबर मानते हैं।
  • यह समुदाय काफी लंबी चर्चा और बहस के बाद सर्वसम्मति से ही अपना फैसला लेता है।

अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

खबरों के मुताबिक इस क्षेत्र का सोना साल 2018 से अवैध रूप से भारत लाया जा रहा है। यानोमामी जनजाति ने अपने खून की कीमत पर निकाले जाने वाले इस सोने को ‘ब्लड गोल्ड’ नाम दिया है. हाल ही में, एक ब्राज़ीलियाई देशज नेता डारियो कोपेनावा (Dario Kopenawa) ने भारत सरकार से इस सोने की खरीद को रोकने की एक भावुक अपील की है।

  • डारियो कोपेनावा काफी लंबे समय से यानोमामी लोगों के भूमि अधिकारों के लिये काम कर रहे हैं. इस काम के लिए उन्हें राइट लिवलीहुड अवार्ड-2019 (Right Livelihood Award-2019) से सम्मानित भी किया जा चुका है. यह अवार्ड स्वीडन के वैकल्पिक नोबेल पुरस्कार के रूप में जाना जाता है।
  • दक्षिण अमेरिका के अमेज़न बेसिन की प्रसिद्ध जनजातियों में गुआरानी, कैंगंग, पैटाक्सो, एचए एचए एचएई (Ha Ha Hae) और यानोमामी शामिल हैं. इसके अलावा, तिकुना, तुपिनाम्बा और अकुंट्सू भी इस इलाके की प्रमुख जनजातियाँ हैं।

अमेज़न नदी:

अमेज़न दक्षिण अमेरिका की सबसे लंबी नदी है और इसका बेसिन दुनिया के सबसे बड़े उष्णकटिबंधीय वर्षावनों से ढका हुआ है।

  • इसका उद्गम पेरू में एंडीज़ पर्वतमाला से होता है और यहां से निकलकर यह पूरब की ओर बहते हुए अटलांटिक महासागर में मिलती है।
  • अपवाह क्षेत्र की लिहाज से देखें तो यह दुनिया की सबसे बड़ी नदी है। इसका अपवाह क्षेत्र करीब 70 लाख वर्ग किलोमीटर से ज़्यादा और इसकी लंबाई 6400 किलोमीटर है।