(इनफोकस - InFocus) क्या होता है ब्लैक बॉक्स? (What is Black Box?)


(इनफोकस - InFocus) क्या होता है ब्लैक बॉक्स? (What is Black Box?)



सुर्ख़ियों में क्यों?

  • हाल ही में, केरल के कोझीकोड में एक बोइंग 737-800 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, और अभी कुछ दिन पहले इस विमान का ब्लैक बॉक्स भी मिल गया।
  • उम्मीद है कि इस ब्लैक बॉक्स के ज़रिए इस दुर्घटना के असल वजह का पता चल जाएगा।

ब्लैक बॉक्स क्या है?

साल 1953-54 में विमान हादसों की बढ़ती तादाद को देखते हुए विमान बनाने वाली कंपनियों को फ्लाइट में एक ऐसी मशीन लगाने की ज़रूरत समझ में आई जिससे हादसों के सही वजह का पता लगाया जा सके। इस तरह, ब्लैक बॉक्स का खोज हुआ।

  • यहां पर एक दिलचस्प बात यह है कि इस यंत्र का नाम तो ब्लैक बॉक्स है जबकि इसका असल रंग नारंगी होता है।
  • चूँकि ब्लैक बॉक्स का रंग लाल जैसा होता है इसलिए शुरुआत में इसे 'रेड एग' कहा जाता था। लेकिन बाद में, इसका नाम ब्लैक बॉक्स पड़ गया।
  • इसका नाम ब्लैक बॉक्स कैसे पड़ा इसके बारे में कोई स्पष्ट वजह नहीं है.
  • ऐसा कयास लगाया जाता है कि शायद ब्लैक बॉक्स की भीतरी दीवार को काला रखा जाता था इसीलिए इसे ‘ब्लैक बॉक्स’ कहा जाने लगा।

क्या काम करती है यह मशीन?

ये मशीन एक फ्लाइट रिकार्डर की तरह काम करती है। जिसमें विमान की पल-पल की जानकारी दर्ज़ होती है। यानी ये किसी भी फ्लाइट में उड़ान के दौरान होने वाली सभी गतिविधियों को बारीकी से रेकॉर्ड करने वाली मशीन है।

  • इसे हवाई जहाज़ के पिछले हिस्से में फिट किया जाता है।
  • इसके दो प्रमुख काम होते हैं - पहला बतौर फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और दूसरा कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर के रूप में।

ब्लैक बॉक्स की विशेषताएं

बतौर फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर इसमें विमान की दिशा, ऊंचाई, ईंधन, गति और केबिन के तापमान समेत तकरीबन 88 प्रकार के आंकड़े रिकॉर्ड होते हैं।

  • यह 25 घंटों से ज्यादा की रिकार्डेड जानकारी रखने में सक्षम होता है।
  • साथ ही, 11000°C के तापमान को एक घंटे तक झेल सकता है।
  • इसके अलावा, इस बॉक्स के भीतर लगा यंत्र 260°C के तापमान को 10 घंटे तक सह सकता है।
  • इसकी एक और ख़ासियत होती है कि ये 30 दिनों तक बिना बिजली के काम कर सकता है।
  • कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर के रूप में लगा ब्लैक बॉक्स, फ्लाइट की उड़ान की 2 घंटे तक की आवाज को रिकार्ड करता है। यानी ये इंजन, इमरजेंसी अलार्म, केबिन और कॉकपिट की आवाज़ और फ्लाइट कंट्रोल के बीच की बातचीत रिकॉर्ड करता है।
  • इन रिकार्डेड आंकड़ों से ये पता लगाया जा सकता है कि हादसे के पहले विमान का माहौल कैसा था।
  • ये ब्लैक-बॉक्स टाइटेनियम धातु का बना होता है जो काफी मजबूत धातु मानी जाती है।
  • इसे टाइटेनियम के ही एक डिब्बे में बंद करके रखा जाता है। इसके चलते ख़तरनाक से ख़तरनाक प्लेन क्रैश के बावजूद ब्लैक-बॉक्स सही सलामत बच जाता है।

ब्लैक बॉक्स को खोजते कैसे हैं?

जब ब्लैक बॉक्स विमान से टूट कर अलग होता है तो हर सेकंड में एक तरंग के साथ एक बीप की आवाज निकालता रहता है।

  • चूँकि ये तरंग 30 दिनों तक निकलती रहती है इसीलिए इसकी मदद से, खोजी दल 2 से 3 किलोमीटर के दायरे में इसे आसानी से खोज लेता है।
  • इतना ही नहीं, यह ब्लैक बॉक्स 15000 फीट गहरे समुंदर से भी तरंगें भेजने में सक्षम होता है।