(इनफोकस - InFocus) व्हेलों का अंतर्पणन (Stranding of Whales)


(इनफोकस - InFocus) व्हेलों का अंतर्पणन (Stranding of Whales)


सुर्ख़ियों में क्यों?

  • हाल ही में, श्रीलंका में समुद्र तट पर फंसी 100 से ज़्यादा ह्वेल मछलियों को बचाया गया है। इस बचाव कार्य को नौसेना, पर्यावरण संरक्षण अधिकारियों, पुलिस और स्थानीय निवासियों की संयुक्त मदद से पूरा किया गया।

व्हेल मछलियों का अंतरपणन क्या है?

आमतौर पर इस शब्द का प्रयोग, डॉल्फिन और ह्वेल मछलियों के समुद्र तट पर फंस जाने की घटना के संदर्भ में किया जाता है। हम अक्सर समाचारों में पढ़ते हैं कि व्हेल और डॉल्फिन जैसी बड़ी मछलियां बड़ी मात्रा में समुद्र के किनारे मरी हुई पाई गई। इन बड़ी मछलियों का समुद्र तट पर आना बीचिंग कहलाता है। इसे ही अन्य शब्दों में ह्वेल अंतरपणन यानी Cetacean stranding कहते हैं।

  • ह्वेल बीचिंग, कोई असामान्य घटना नहीं है, यह अक्सर होता रहता है।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि इस परिघटना के पीछे की कोई ठोस वजह अभी तक पता नहीं चल पाई है, लेकिन कई कयास जरूर लगाएं गए हैं मसलन पानी के तापमान में परिवर्तन, ह्वेल के इकोलोकेशन में गड़बड़ी, भू-चुम्बकत्व और नेविगेशन में गड़बड़ी।
  • इसके अलावा, समुद्र तट के निकट भोजन की तलाश में, सोनार व्यतिकरण (Sonar interference) और मौसम में गड़बड़ी की वजह से भी यह मछलियां समुद्र के किनारे पर आ जाती हैं।
  • बता दें कि इकोलोकेशन एक ऐसी घटना है जिसमें ध्वनि तरंगों और गूँज का इस्तेमाल करके ये पता लगाया जाता है कि आसपास के क्षेत्र में वस्तुएँ कहाँ अवस्थित हैं। चमगादड़ अपने नेवीगेशन और अंधेरे में भोजन खोजने के लिये इकोलोकेशन का ही उपयोग करते हैं।

सामूहिक अंतरपणन (Mass Stranding) क्यों होता है?

ह्वेलों की अपनी एक जटिल समाजिक व्यवस्था होती है। इस व्यवस्था के तहत इनका बड़े-बड़े समूहों में रहना एक आम बात है।

  • यदि इनके समूह का कोई सदस्य बीमार हो जाता है, या किसी मुसीबत में फंस जाता है, तो उसकी मदद की आवाज सुनकर समूह के अन्य सदस्य समुद्र तट की ओर चले आते हैं।
  • इसके चलते बड़े पैमाने पर सामूहिक अंतरपणन (Mass Stranding) की घटनाएँ होती है।
  • गौरतलब है कि पायलट ह्वेल काफी सामाजिक स्तनधारी जीव होते हैं। ये खासतौर पर सामूहिक अंतरपणन के लिए जाने जाते है।

पायलट ह्वेल के बारे में

इन व्हेल मछलियों को पायलट व्हेल इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनके समूह को एक पायलट या नेता व्हेल द्वारा नेविगेट किया जाता है।

  • पायलट ह्वेल की दो प्रजातियां पायी जाती हैं पहला लघु पंख वाले पायलट ह्वेल, जो खासकर उष्णकटिबंधीय और गर्म-समशीतोष्ण क्षेत्रों में पाई जाती हैं, और दूसरा लंबे पंख वाले पायलट ह्वेल, जो ठंडे पानी में रहते हैं।
  • दोनों प्रजातियां IUCN की रेड लिस्ट में अपर्याप्त डेटा वाली संकटग्रस्त प्रजाति के रूप में दर्ज हैं।

इसके पहले भी हो चुका है सामूहिक अंतरपणन

अभी पिछले सितंबर महीने में ही, ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया तट पर करीब 300 व्हेलों की मौत हो गई थी। ऑस्ट्रेलिया के रिकॉर्ड में यह अब तक सबसे बड़े सामूहिक अंतरपणन की घटना थी।

  • अब तक के रिकॉर्ड के मुताबिक, इतिहास में सबसे बड़ा सामूहिक अंतरपणन साल 1918 में प्रशांत महासागर में न्यूजीलैंड के केथम द्वीप के तट पर हुआ था।
  • इसमें करीब 1,000 ह्वेल मछलियाँ तट पर आकर फंस गयी थीं।