(इनफोकस - InFocus) डिजिटल पेमेंट का बढ़ता दायरा (Spike in Digital Payment)


(इनफोकस - InFocus) डिजिटल पेमेंट का बढ़ता दायरा (Spike in Digital Payment)


सुर्ख़ियों में क्यों?

  • हाल ही में, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली यानी NPCI द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक़ भीम-UPI के ज़रिए से किया जाने वाले लेन-देन में बढ़ोत्तरी हुई है। अक्टूबर महीने में डिजिटल लेन-देन का ये आंकड़ां 2 बिलियन के पार पहुँच गया। अगर इसे मूल्य के पदों में देखें तो सितंबर में ये 3.2 ट्रिलियन रुपए था, जबकि अक्टूबर में ये बढ़के कुल 3.8 ट्रिलियन रुपए हो गया।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • पिछले आठ महीनों में UPI प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जहाँ अक्टूबर 2019 में 141 बैंक NPCI द्वारा विकसित UPI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे, तो वहीँ अक्टूबर 2020 में 189 बैंक इसे इस्तेमाल में लाने लगे हैं। नकदी के सीमित उपयोग की वजह से भुगतान करने वाले और भुगतान प्राप्त करने वाले - दोनों ही तेज़ी से डिजिटल पेमेंट सिस्टम को अपना रहे हैं।

भीम क्या है?

बेहद आसान शब्दों में कहें तो भीम UPI के जरिए लोग डिजिटल तरीके से पैसे भेज सकते हैं और प्राप्त कर सकते हैं। इसका पूरा नाम 'भारत इंटरफेस फॉर मनी' है। यह UPI आधारित भुगतान प्रणाली पर काम करता है।

  • ‘भीम’ एप के जरिए भुगतान प्राप्त करने के लिए भुगतान करने वाले व्यक्ति के मित्र, रिश्तेदार या किसी व्यापारी - जिसे भुगतान किया जाना है, को इस एप्लीकेशन पर होना जरूरी नहीं है।
  • इसके जरिए भुगतान प्राप्त करने के लिये सिर्फ एक बैंक खाते की ज़रूरत होती है। साथ ही, जरूरत पड़ने पर यह एप बिना इंटरनेट के भी काम कर सकता है।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली (NPCI) क्या है?

  • NPCI देश में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणाली के संचालन के लिये जिम्मेदार एक संगठन है। इसे भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक और भारतीय बैंक संघ द्वारा एक मज़बूत भुगतान और निपटान इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के मक़सद से स्थापित किया गया है।
  • इसे कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 25 के प्रावधानों के तहत ‘गैर-लाभकारी संगठन’ का दर्जा मिला हुआ है।

NPCI द्वारा किया गए कुछ ख़ास पहल

देश में भुगतान प्रणाली को बेहतर बनाने के लिहाज से NPCI ने कई कदम उठाए हैं जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं -

  • एकीकृत भुगतान प्रणाली यानी UPI: इसके जरिए लोग अपने स्मार्टफोन से अन्य बैंक खातों में कभी भी और तुरंत पैसा भेज सकते हैं या फिर मंगा सकते हैं। इस प्रक्रिया में प्राप्तकर्ता के बैंक खाते का नंबर या IFSC कोड जानने की भी जरूरत नहीं होती है। साथ ही, एक ही पते के साथ कई बैंक खाते जोड़े जा सकते हैं।
  • तत्काल भुगतान सेवा प्रणाली यानी IMPS: इसके जरिए एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में कभी भी किसी भी समय रुपया भेजा जा सकता है। साथ ही, इस सेवा का इस्तेमाल उपयोग बैंक की छुट्टियों के समय भी किया जा सकता है।
  • भारत बिल भुगतान प्रणाली यानी BBPS: यह भारत की एक समन्वित बिल भुगतान प्रणाली है जिसके ज़रिये ग्राहक बड़े आराम से तमाम प्रकार के बिल, फीस आदि का भुगतान एक ही स्थान पर कर सकते हैं।
  • चेक ट्रंकेशन सिस्टम यानी CTS: यह चेक को क्‍लीयर करने की एक प्रक्रिया है। इसमें जारी किए गए फिजिकल चेक को एक जगह से दूसरी जगह भेजना नहीं पड़ता है। इस तरह चेक क्लियर होने समय कम लगता है।
  • नेशनल फाइनेंशियल स्विच यानी NFS: साधारण भाषा में कहें तो यह साझे एटीएम का एक नेटवर्क है। इसका मकसद देश के विभिन्न एटीएम को आपस में जोड़ना और बैंकिंक सुविधा को बढ़ाना है।