(इनफोकस - InFocus) मारथोमैन जैकोबाइट सीरियन कैथेड्रल चर्च (Marthoman Jacobite Syrian Cathedral Church)


(इनफोकस - InFocus) मारथोमैन जैकोबाइट सीरियन कैथेड्रल चर्च (Marthoman Jacobite Syrian Cathedral Church)



सुर्ख़ियों में क्यों?

केरल के एर्नाकुलम ज़िले के मुलंथुरूथी में मारथोमैन जैकोबाइट सीरियन कैथेड्रल (Marthoman Jacobite Syrian Cathedral Church) नाम का एक चर्च मौजूद है।

  • हाल ही में, एर्नाकुलम जिला प्रशासन ने इस चर्च को अपने कब्जे में ले लिया.
  • दरअसल यह चर्च जैकोबाइट एवं रूढ़िवादी गुटों के बीच विवाद का एक प्रमुख वजह बना हुआ है.

क्या है यह पूरा मामला?

मलंकरा चर्च गैर-कैथोलिक ईसाई समुदाय वालों का एक प्रमुख चर्च हुआ करता था।

  • कुछ विवादों के चलते साल 1912 में पहली बार यह चर्च जैकबाइट एवं रूढ़िवादी समूहों के बीच विभाजित हो गया।
  • हालाँकि दोनों गुटों के बीच साल 1959 में एक बार फिर से मेल-मिलाप हो गया, लेकिन यह मिलाप साल 1972-73 तक ही चल पाया।
  • इसके बाद से दोनों गुटों के बीच चर्चों और उनके धन के स्वामित्त्व को लेकर आपस में विवाद चल रहा है।
  • अभी तक इस चर्च को जैकोबाइट गुट द्वारा प्रबंधित किया जाता था.
  • लेकिन साल 2017 में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक, इसका स्वामित्व प्रतिद्वंद्वी रूढ़िवादी गुट के हाथ में आ गया।
  • दरअसल साल 1934 के चर्च संविधान के मुताबिक चर्च के अंतर्गत आने वाले इलाकों पर शासन व नियंत्रण करने के लिये मलंकरा ऑर्थोडॉक्स सीरियाई चर्च को ही जिम्मेदार माना गया है.
  • सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में साल 1934 के संविधान की वैधता को बरकरार रखा था।
  • अदालत के इस फैसले के बावजूद रूढ़िवादी गुट को चर्च का स्वामित्व नहीं दिया गया था.
  • इसलिये उन्होंने केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया.
  • अदालत ने केरल सरकार से चर्च को संभालने और इसका स्वामित्व रूढ़िवादी गुट को सौंपने का निर्देश दिया।
  • जैकोबाइट गुट अदालत के इस फैसले का विरोध कर रहा था.
  • इसीलिए जिला प्रशासन ने पुलिस की मदद से चर्च को जैकोबाइट गुट के कब्जे से आजाद करा लिया.

केरल के चर्च समूह

केरल की ईसाई आबादी में कैथोलिक, जैकोबाइट सीरियन, ऑर्थोडॉक्स सीरियन, मार थोमा (Mar Thoma), दक्षिण भारत के चर्च, दलित ईसाई और पेंटेकोस्टल चर्च शामिल हैं।

  • कैथोलिक केरल की कुल ईसाई आबादी का 61 फ़ीसदी हैं।
  • गैर-कैथोलिक मलंकरा चर्च के तहत कुल ईसाई आबादी के 15.9 फ़ीसदी लोग आते हैं।

मारथोमैन जैकोबाइट सीरियन कैथेड्रल चर्च

मारथोमैन जैकोबाइट सीरियन कैथेड्रल चर्च की स्थापना 1200 ईस्वी में की गई थी। यह केरल के सबसे पुराने चर्चों में से एक है.

  • यह गोथिक वास्तुकला (Gothic Architecture) का एक बेहतरीन मिसाल है।
  • इस चर्च के बनावट पर भारतीय, पश्चिम-एशियाई और यूरोपीय वास्तुकला का मिश्रित असर देखा जा सकता है.
  • इसमें नक्काशी, मूर्तियाँ, प्रतीकात्मक चिन्ह और दीवार पेंटिंग आदि प्रमुख विशेषताएँ शामिल हैं।

गोथिक वास्तुकला

यह वास्तुकला की एक मध्ययुगीन यूरोपीय शैली है, जो 12वीं-16वीं शताब्दी में लोकप्रिय हुई।

  • यह वास्तुकला मूल रूप से फ्राँस और इंग्लैंड से संबंधित है।
  • यह संभवत: जर्मन गोथ जाति के प्रभाव से निकल कर आई थी।
  • इसकी विशेषताओं में नोकदार मेहराब, रिब वॉल्ट (Rib Vault), फ्लाइंग बट्रेस (Flying Buttresses), कॉलम एंड पियर्स (Columns and Piers) और टावर्स एवं स्पियर्स (Towers and Spires) शामिल हैं.
  • जब अंग्रेज भारत आए तो उन्होंने कुछ ऐसे इमारतों का निर्माण किया जिसमें उन्होंने गोथिक शैली के साथ भारतीय वास्तुकला की शैली को मिश्रित कर दिया.
  • इससे वास्तुकला की एक नई शैली इंडो-गोथिक शैली (Indo-Gothic Style) का विकास हुआ।
  • मद्रास उच्च न्यायालय, विक्टोरिया मेमोरियल और द छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जैसी तमाम इमारतें ऐसी हैं जो इंडो गोथिक शैली में निर्मित की गई हैं।