(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) क्या होता है करेंसी चेस्ट? (What is Currency Chest?)


(डेली न्यूज़ स्कैन - DNS हिंदी) क्या होता है करेंसी चेस्ट? (What is Currency Chest?)



हाल ही में, चंडीगढ़ में एक्सिस बैंक के एक प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड ने बैंक की करेंसी चेस्ट से 4 करोड़ 4 लाख रुपये लूट लिए है। इसकी वजह से करेंसी चेस्ट सुर्खियों में आ गया है। बता दें कि एक्सिस बैंक भारत में निजी और कॉर्पोरेट बैंकिंग के लिए वित्तीय सेवाओं की पेशकश करने वाली तीसरी सबसे बडी निजी क्षेत्र की बैंक हैं।

डीएनएस में आज हम आपको करेंसी चेस्ट के बारे में बताएंगे और साथ ही समझेंगे इससे जुड़े कुछ अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को भी

बैंकों में करेंसी चेस्ट एक ऐसी जगह होती है जहां भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई द्वारा बैंकों और एटीएम के लिए भेजे जाने वाले पैसे को रखा जाता है। यह करेंसी चेस्ट तमाम बैंकों में मौजूद होता है और इसकी कमान भारतीय रिजर्व बैंक के हाथ में होती है यानी यह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रशासित होता है। आरबीआई के प्रतिनिधि समय-समय पर इन करेंसी चेस्ट का निरीक्षण करते हैं। ये करेंसी चेस्ट पूरे देश में बैंकों में रखे गए हैं। यहां रखा हुआ पैसा आरबीआई का होता है जबकि करेंसी चेस्ट के बाहर स्ट्रांग रूम में रखा पैसा बैंक का होता है।

बैंकों के जिन शाखाओं में करेंसी चेस्ट मौजूद होता है उन्हें करेंसी चेस्ट शाखाएं कहते हैं। यह आरबीआई द्वारा अधिकृत ऐसी चुनिंदा शाखाएं होती हैं जिन्हें नोटों और सिक्कों के वितरण का काम करने का अधिकार प्राप्त होता है। इन सभी शाखाओं में नोटों और सिक्कों के जमा करने का काम आरबीआई के आदेश के आधार पर किया जाता है। यही शाखाएं अन्य क्षेत्रों में काम कर रही शाखाओं को भी नोटों और सिक्कों की आपूर्ति करती हैं।

बैंकों में मौजूद नकदी की सुरक्षा करना बैंकों की जिम्मेदारी होती है। हालांकि इस सुरक्षा पर होने वाले खर्च को आरबीआई द्वारा वहन किया जाता है। आरबीआई द्वारा दिए जाने वाले हर्ज़ाने में एक बैंक से दूसरे बैंक में पैसे पहुंचाने का खर्च transportation charge भी शामिल होता है। करेंसी चेस्ट को देशभर में स्थापित करने के लिए रिजर्व बैंक प्रमुख सरकारी बैंकों जैसे कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का सहयोग लेता है। इसके अलावा इस काम में 6 सहयोगी बैंकों, सभी राष्ट्रीयकृत बैंक, प्राइवेट सेक्टर के कुछ चुने हुए बैंक, 1 विदेशी बैंक, 1 कोऑपरेटिव बैंक और ग्रामीण बैंक को भी शामिल किया जाता है।

देशभर में करेंसी के संचरण यानी फ्लो को बनाए रखने के लिए मौजूदा समय में रिजर्व बैंक के पास तकरीबन 4211 करेंसी चेस्ट हैं। इसके अलावा, सिक्कों का संचालन करने के लिए उसके पास 3990 डिपो हैं। ये चेस्ट देशभर में फैले हुए हैं क्योंकि संचार के साथ-साथ इन खजानों में किसी भी सामान्य बैंक में जमा कराए गए रुपयों यानी कैश रिजर्व रेशियो को भी रखा जाता है। बता दें कि देश में लागू बैंकिंग नियमों के तहत हरेक बैंक को अपनी कुल नकदी का एक निश्चित हिस्सा रिजर्व बैंक के पास रखना होता है। इसे ही कैश रिजर्व रेश्यो यानी सीआरआर या नकद आरक्षित अनुपात कहते हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक के बारे में आपको बताए तो यह देश का केंद्रीय बैंक है जिसकी स्थापना साल 1935 में बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1934 के तहत की गई थीl देश के लिए मौद्रिक नीति तैयार करना, उसको लागू करना और उसकी निगरानी करना, वित्तीय प्रणाली का रेगुलेशन और निगरानी करना, विदेशी मुद्रा का प्रबन्धन करना, मुद्रा जारी करना, उसका विनिमय करना और परिचालन योग्य न रहने पर उन्हें नष्ट करना जैसे कई प्रमुख काम आरबीआई के जिम्मे हैंl इसके अलावा आरबीआई साख नियन्त्रित करने और मुद्रा के लेन देन को नियंत्रित करने का कार्य तथा सरकार के बैंकर और बैंकों के बैंकर के रूप में भी काम करती है।