निःशुल्क यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन टेस्ट सीरीज (Free Online Test Series for UPPCS Mains Examination): सामान्य अध्ययन (पेपर - II) General Studies (Paper - II) - 09, अक्टूबर 2019


निःशुल्क यूपीपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन टेस्ट सीरीज (Free Online Test Series for UPPCS Mains Examination)


सामान्य अध्ययन : पेपर - II (General Studies - Paper II)

मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम:

  • शासन व्यवस्था, संविधान शासन-प्रणाली, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय संबंध (Governance, Constitution, Polity, Social Justice and International Relations)

खण्ड ख : दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Section B : Long Answer Questions)

Q. भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास की एक रूपरेखा प्रस्तुत कीजिए? (12 marks/200 words)

मॉडल उत्तर:

भूमिकाः

भारतीयों द्वारा, भारत के लिए एक संविधान निर्माण की मांग, राष्ट्रीय आंदोलन से उपजे स्वशासन की चेतना तथा भारतीयों में अपने भविष्य निर्धारण की इच्छा का परिणाम थी।

मुख्य भागः

भारत का संवैधानिक विकास मुख्यतः राष्ट्रीय आंदोलन, औपनिवेशिक नीतियों (अंग्रेजों द्वारा समय-समय पर भारतीयों में व्याप्त असंतोष को संतुलित करने के लिए विधि निर्माण करना) एवं विदेशी घटनाओं (विभिन्न क्रांतियाँ, आधुनिक मूल्य आधारित संविधान) से प्रेरित रहा है।

  • सर्वप्रथम संविधान निर्माण की अभिव्यक्ति वर्ष 1895 में तिलक के निर्देशन में तैयार स्वराज्य विधेयक में मिलती है।
  • वर्ष 1919 के अधिनियम के पश्चात् महात्मा गांधी द्वारा हरिजन पत्रिका में भारतीयों की इच्छानुसार एक संविधान निर्माण की बात कही गयी।
  • 1923 में गठित सप्रू समिति द्वारा पारित ‘‘कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिया’’ बिल को सर्वदलीय सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया। संविधान निर्माण की दिशा में यह पहला प्रमुख प्रयास था।
  • वर्ष 1928 में भारत के संविधान निर्माण हेतु आधारभूत सिद्धांत निर्धारित करने के लिए नेहरू समिति का गठन किया गया। यह भारतीयों द्वारा अपने देश के लिए संविधान निर्माण का प्रथम प्रयास था। इस समिति में मूल अधिकार डोमिनियन स्टेटस जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान को सम्मिलित किया गया।
  • वर्ष 1934 में एम-एन- राय द्वारा संविधान निर्माण का औपचारिक प्रतिपादन किया गया।
  • वर्ष 1934 में कांग्रेस कार्य समिति द्वारा पारित प्रस्ताव में यह कहा गया कि भारतीय संविधान का निर्माण वयस्क मताधिकार पर निर्वाचित संविधान सभा द्वारा किया जायेगा।
  • वर्ष 1940 में लॉर्ड लिनलिथगो द्वारा पारित अगस्त प्रस्ताव में युद्धोपरांत संविधान सभा बनाने की घोषणा की गयी। यह भारतीयों द्वारा संविधान निर्माण की मांग को अंग्रेजों की प्रथम स्वीकृति थी।
  • वर्ष 1942 में पारित क्रिप्स प्रस्ताव में प्रथम बार स्वीकार किया गया कि नए संविधान का निर्माण पूर्णतया भारतीयों के हाथों में होगा तथा युद्धोपरांत निर्वाचित संविधान सभा का गठन किया जाएगा जो भारत के लिए संविधान बनाएगी।
  • वर्ष 1945 के बेवेल प्लान में भी इस बात को दोहराया गया।
  • कैबिनेट मिशनः इस मिशन ने भारतीय संविधान निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मार्ग प्रशस्त किया। राष्ट्रीय हित के मामलों को छोड़कर अन्य विषयों को प्रांतों के अधिकार क्षेत्र में रखा गया।

संविधान सभा का गठन-

  • कैबिनेट मिशन प्रावधानों के अंतर्गत 9 दिसंबर 1946 को प्रथम बैठक।
  • 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान राष्ट्र को अर्पित कर दिया गया।
  • 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अंतिम बैठक हुई तथा 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान पूर्णतः लागू कर दिया गया।

निष्कर्षः

राष्ट्रीय आंदोलन के सशक्त नेतृत्व में एकत्रित भारतीयों (सभी वर्ग, लिंग, धर्म) के प्रबल विरोध ने अंग्रेजों को संविधान सभा के रूप में संविधान के विकास के लिए मजबूर किया। परिणामस्वरूप भारतीयों को एक समावेशी, गत्यात्मक एवं जीवंत संविधान प्राप्त हुआ।


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