(डाउनलोड) उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) मुख्य परीक्षा वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम हिंदी में "इतिहास" (Download) UPPCS Mains Optional Subject Exam Syllabus in Hindi (History)


(डाउनलोड) उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) मुख्य परीक्षा वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम हिंदी में "इतिहास" (Download) UPPCS Mains Optional Subject Exam Syllabus in Hindi (History)


:: प्रश्नपत्र - I (Paper - I)::

खण्ड-क (Section - A)

1. भारतीय इतिहास के आरंभिक काल के अध्ययन के स्रोत एवं दृष्टिकोण।

2. आरंभिक पशुचारण एवं कृषि समुदाय, पुरातत्विक साक्ष्य (नवपाषणिक एवं ताम्र पाषणिक संस्कृतियां)।

3. सिन्धु सभ्यताः इसके उद्गम तथा प्रकृति एवं हृास।

4. भारत में (2000ई पूर्व से 500 ई पूर्व तक ) बस्ती का स्वरूप, अर्थव्यवस्था, सामाजिक संगठन, धर्मः पुरातात्विक परिप्रेक्ष्य।

5. उत्तर भारतीय समाज तथा संस्कृति का विकासः वैदिक ग्रंथो का साक्ष्य (संहिताओं से सूत्रों तक)।

6. महावीर तथा बुद्ध की शिक्षा समकालीन समाज राज्य निर्माण तथा नगरीकरण के प्रारम्भिक चरण।

7. मगध का उदय मौर्य साम्राज्य, अशोक के शिलालेख, उसका धम्म (धर्म) मौर्य कालीन राज्य की प्रकृति।

8-9. उत्तरी तथा प्रायद्वीपीय भारत में मौर्योत्तर काल राजनीतिक एवं प्रशासनिक इतिहास, समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति तथा धर्म तमिलकम एवं इसका समाज संगम ग्रंथ।

10-11. गुप्तकाल में तथा गुप्तोत्तर काल में भारत (750 ई0 तक) उत्तरी तथा प्रायद्वीपीय भारत का राजनीतिक इतिहास, सामंती व्यवस्था तथा राजनीतिक संरचना में परिवर्तन, अर्थव्यस्था, सामाजिक संरचना, संस्कृति, धर्म।

12. आरंभिक भारतीय सांस्कृतिक इतिहास की विषयवस्तु भाषाएं एवं ग्रंथ कला तथा स्थापत्य के विकास के प्रमुख चरण, प्रमुख दार्शनिक विचारक एवं विचारधाराएं विज्ञान तथा गणित संबंधित विचार।

खण्ड-ख (Section - B)

13. 750ई0 से 1200 ई0 तक उत्तर भारत के प्रमुख राजवंश तथा राजनीतिक संरचना, राजपूत राजवंशों का उदय तथा चोल साम्राज्य।

14. अरबों की सिंध विजय और गजनवी साम्राज्य, इस्लाम का आगमन और सूफीवाद, अलबेरूनी तथा उसका भारतीय विज्ञान तथा सभ्यता का अध्ययन।

15. भारत (750ई0 से 1200ई0 तक): अर्थव्यवस्था, समाज, साहित्य, प्रमुख ऐतिहासिक ग्रन्थ, स्थापत्य कला की प्रमुख शैलियां, धार्मिक विचार तथा संस्थाएं, भक्ति आन्दोलन का उदय।

16. गोर आक्रमणः आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिणाम तथा सल्तनत की स्थापना।

17. सल्तनत काल तथा राजनैतिक राजवंशः गुलाम, खिलजी, तुगलक, सैयद तथा लोदी वंश, प्रमुख ऐतिहासिक स्रोत तथा विदेशी यात्रियों के वृत्तान्त, सल्तनतकालीन समाज एवं संस्कृति।

18. क्षेत्रीय राजवंशो का उदयः बहमनी तथा विजयनगर राज्य।

19. मुगलकालः बाबर, हुमायूॅ, सूरकाल, अकबर, जहांगीर, शाहजहां, औरगंजेब, मुगल साम्राज्य का पतन मुगलकालीन समाज, संस्कृति प्रशासन एवं आर्थिक परिवर्तन, यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियों का आगमन।

20. शिवाजी और पेशवाओं तथा मराठों का उत्कर्श, सिख शक्ति का उदय, पानीपत का तीसरा युद्ध।

21. मुगलकाल के इतिहास के स्रोतः फारसी तथा देशज, विदेशी यात्रियों के वृत्तान्त।

:: प्रश्न पत्र - II (Paper - II) ::

खण्ड क (Section - A)

1. भारत में अंगे्रजी शासन की स्थापना- ईस्ट इण्डिया कम्पनी और क्षेत्रीय शक्तियों के साथ सम्बन्ध।

2. औपनिवेशिक अर्थ व्यवस्था- ट्रिबूट प्रणाली, सम्पत्ति का अपवाह (ड्रेन आफ वेल्थ) तथा अनौद्योगीकरण, वित्तीय एवं भू- राजस्व व्यवस्थायें (जमींदारी, रैयतबारी और महालवारी व्यवस्था), प्रशासनिक नीतियाँ एवं
1857 तक ब्रिटिश राज्य की संरचना (संवैधानिक विकास सहित)।

3. औपनिवेशिक शासन का विरोध- आरम्भिक विद्रोह, कारण, स्वरूप एवं 1857 के विद्रोह का प्रभाव, 1858 एवं उसके बाद ब्रिटिश राज्य का पुनर्गठन।

4. औपनिवेशिक शासन का सामाजिक- सांस्कृतिक प्रभावः शासकीय सामाजिक सुधार के उपाय, प्राच्य आंग्लिक विवाद, अंग्रेजी शिक्षा एवं प्रेस का आगमन, ईसाई मिशनरियों के क्रियाकलाप, बंगाल एवं देश के अन्य
भागों में हुए सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आन्दोलन।

5. आर्थिक नीतियाँ- 1858 से 1914 तकः रेलवे, भारतीय कृषि का व्यवसायीकरण, भूमिहीन श्रमिकों एवं ग्रामीण ऋणग्रस्तता में बढ़ोत्तरी, अकाल, ब्रिटिश उद्योग के लिए भारत एक बाजार, ड्रेन सिद्धान्त।

6. भारतीय राष्ट्रवाद का आरम्भिक चरण- सामाजिक पृष्ठभूमि, राजनीतिक संगठनों का गठन, प्रारम्भिक राष्ट्रवादी युग के दौरान कृषक एवं जनजातीय विद्रोह, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना, कांग्रेस का नरमपंथी चरण, मुस्लिम लीग का जन्म, 1909 का भारतीय परिषद् अधिनियम, 1919 का भारत सरकार अधिनियम।

7. दो महायुद्धों के बीच भारत की अर्थव्यवस्थाः उद्योग तथा संरक्षण की समस्या, कृषि सम्बन्धी संकट, ग्रेट डिप्रेशन, ओटावाकरार तथा पक्षपातपूर्ण संरक्षण, श्रम संगठनों का विकास, किसान आन्दोलन।

8. होम रूल आंदोलन, गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रवाद- गांधी के विचार और जन जागरूकता की विधियां एवं अन्य आन्दोलन, राज्यों में हुए जन आंदोलन तथा राष्ट्रीय आंदोलन के अन्य तत्वः

(A) भारत एवं विदेश में हुए क्रान्तिकारी आंदोलन
(B) स्वराजिस्ट, उदारवादी, प्रतिसंवेदी सहयोग
(C) भारत में वामपंथ का उदय
(D) सुभाश चन्द्र बोस एवं इण्डियन नेशनल आर्मी।

9. साम्प्रदायिकता का विकास- कारण अन्य सम्बन्धित घटनायें, मुस्लिम लीग, हिन्दू महासभा आदि, राष्ट्रीय आंदोलन एवं महिलायें।

10. साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विकास- टैगोर, प्रेमचन्द, सुब्रामनियम भारती, इकबाल उदाहरण के रूप में।

11. स्वतंत्रता की ओर- 1935 का अधिनियम, कांग्रेस का मंत्रिमण्डल (1937-1939), पाकिस्तान आंदोलन।

12. 1945 के बाद की लहर (RIN विद्रोह, तेलंगाना विद्रोह आदि), संवैधानिक वार्तायें तथा सत्ता हस्तान्तरण, स्वतंत्रता एवं विभाजन।

खण्ड ख (Section - B)

13. पुनर्जागरण, धर्म सुधार आंदोलन एवं प्रतिधर्म सुधार आंदोलन, ’प्रबोधन‘- काल, कान्ट, रूसो आदि, यूरोप के बाहर ’प्रबोधन‘- का विस्तार, समाजवादी विचारों का उदय।

14. आधुनिक राजनीति का उदय- यूरोपीय राज्य-प्रणाली, अमेरिकी क्रान्ति, फ्रासीसी क्रान्ति (1789-1815) एवं उसके परिणाम।

15. औद्योगिक क्रान्ति- कारण एवं समाज पर प्रभाव, अन्य देशों में हुए औद्योगीकरण।

16. राष्ट्र राज्य प्रणाली- 19वीं शताब्दी में राष्ट्रवाद का उदय, जर्मनी एवं इटली का एकीकरण, राष्ट्रीयताओं के आविर्भाव से साम्राज्यों का विघटन।

17. साम्राज्यवाद एवं उपनिवेशवाद- एटलांटिक पार का दास व्यापार, एशियाई विजय, साम्राज्य के प्रकारः बस्तीवाले एवं बस्ती रहित: लातीनी अमेरिका, दक्षिणी अफ्रीका, इण्डोनेशिया, आस्ट्रेलिया आदि।

18. क्रांतियाँ तथा प्रति क्रांतियाँ, 19वीं शताब्दी में यूरोपीय क्रांतियाँ- 1917 की रूसी क्रान्ति, फासीवादी प्रति क्रान्ति- इटली तथा जर्मनी, 1949 की चीनी क्रान्ति, 19. प्रथम एवं द्वितीय विश्वयुद्ध- कारण, परिणाम एवं अन्य घटनायें।

20. शीतयुद्ध- दो गुटों का आविर्भाव एवं अन्य संबंधित घटनायें, तृतीय दुनियाॅ का उदय एवं गुट निरपेक्षता, संयुक्त राष्ट्रसंघ एवं विवादों का समाधान।

21. उपनिवेश एवं उनकी स्वतंत्रता- लातीनी अमेरिका (बोलिविया), अरबी दुनिया (मिस्र), दक्षिण अफ्रीकाः रंगभेद नीति एवं लोकतंत्र की ओर, दक्षिणी-पूर्व एशिया (वियतनाम)।

22. उपनिवेशवाद का अंत तथा अविकासीकरण- औपनिवेशिक साम्राज्यों का विघटन, विकास के अवरोध कारक-(लातीनी अमेरिका, अफ्रीका एवं एशिया)।

23. सोवियत संघ का विघटन एवं एक ध्रुवीय विश्व- कारक, परिणाम एवं अन्य घटनाएं, वैश्वीकरण।

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