(डाउनलोड) उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) मुख्य परीक्षा वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम हिंदी में "वाणिज्य एवं लेखांकन" (Download) UPPCS Mains Optional Subject Exam Syllabus in Hindi (Commerce and Accountancy)


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:: प्रश्नपत्र - I (Paper - I) ::

भाग-2: वित्तीय प्रबन्धः

1. वित्तीय प्रबन्ध की प्रकृति, क्षेत्र एवं उद्देश्य, पूंजी बजटन निर्णय- महत्व, प्रक्रिया एवं परिसीमाएं, पद्धतियॉ- प्रत्यावर्तन अवधि, शुद्ध वर्तमान मूल्य, आन्तरिक प्रत्याय दर, औसत प्रत्याय दर

2. अल्प, मध्यम एवं दीर्घकालीन वित के स्रोत, पूर्वाधिकार एवं समता अंश, ऋणपत्र एवं बाण्ड वित्तीयन

3. कार्यशील पूंजी प्रबन्धन- वर्गीकरण, अपर्याप्त कार्यशील पूंजी के खतरे, कार्यशील पूंजी आवश्यकता अनुमान के उपागम, रोकड़, स्कन्ध और प्राप्य प्रबन्धन के उपकरण

4. पूंजी की लागत- वर्गीकरण एवं निर्धारण, भारित औसत पूंजी लागत की गणना, उत्तोलक एवं इसके प्रकार

5. लाभांश नीति- निर्धारक, वाल्टर, गार्डन, मोदीग्लानी और मिलर उपागम, स्थिर लाभांश नीति के गुण एवं दोष

6. भारतीय पूंजी बजार- प्रमुख विशेषताएं, पूंजी एवं मुद्रा बाजारों में भेद, पूंजी बाजार की खामियां, भारतीय स्कन्ध विनिमयों की कार्यप्रणाली, सेबी एक नियामक रूप में।

:: प्रश्न पत्र - II (Paper - II) ::

वाणिज्य एवं लेखांकन

(संगठनात्मक व्यवहार तथा मानव संसाधन प्रबन्ध)

भाग-1: संगठनात्मक व्यवहार

1. संगठन की प्रक्रति एवं अवधारणा, संगठनात्मक सिद्धान्त- परम्परावादी, नवपरम्परावादी, अफसरशाही एवं प्रणाली उपागम, केन्द्रीयकरण एवं विकेन्द्रीयकरण के गुण एवं अवगुण

2. शक्ति का आधार एवं स्रोत, शक्ति संरचना, बाधाएं एवं राजनीति

3. संगठनात्मक लक्ष्य- प्राथमिक, गौण, एकल एवं वहु लक्ष्य, लक्ष्यों का विस्थापन, उत्तराधिकार, विस्तार एवं गुणन

4. संगठन- प्रकार, संरचना, रेखा एवं स्टाफ, कार्यात्मक, समिति, आव्यूह एवं परियोजना, औपचारिक एवं अनौपचारिक संगठन, संगठनात्मक द्वन्द-कारण एवं समाधान

5. संगठनात्मक परिवर्तन- प्रकृति, महत्व, कारण, निवारण, परिवर्तन का प्रतिरोध एवं अनुकूलन

भाग-2: मानव संसाधन प्रबन्ध

1. मानव संसाधन प्रबन्ध- अवधारणा, उद्देश्य, महत्व, कार्य एवं मानव संसाधन प्रबन्धक की चुनौतियां

2. भर्ती एवं चयन, प्रशिक्षण की विधियां , अधिशासी विकास कार्यक्रम

3. अभिप्रेरणा- अवधारणा, सिद्धान्त- मास्लो की आवश्यकता क्रमबद्धता, हर्जवर्ग का स्वास्थ्य एवं आरोग्य तथा एल्डरमैन का जेड सिद्धान्त, मनोबल के निर्धारक, मनोबल और उत्पादकता

4. नेतृत्व- प्रकार एवं शैली, मजदूरी- मजदूरी भुगतान की पद्धतियां, विभेदात्मक मजदूरी तथा भारत में मजदूरी नीति

5. औद्योगिक सम्बन्ध- प्रकृति, उद्देश्य, क्षेत्र एवं महत्व

6. सामूहिक सौदेबाजी- अवधारणा, विशेषताएं, सफल सौदेबाजी की आवश्यकताएं, प्रबन्ध में श्रमिकों की भागेदारी- भागेदारी के स्तर एवं स्वरूप, भारत में श्रमिकों की भागेदारी

7. औद्योगिक विवाद- विवाद के कारण, हड़ताल, तालाबन्दी, औद्योगिक विवादों की रोक- थाम एवं निपटारा, श्रम संघ- अवधारणा, प्रकार, भारत में श्रमसंघ आन्दोलन

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