(डाउनलोड) यूपीपीएससी सहायक वन संरक्षक/क्षेत्रीय वन अधिकारी मुख्य परीक्षा वैकल्पिक विषय "भौतिकी" पाठ्यक्रम हिंदी में (Download) UPPSC ACF, RFO Mains Optional Subject "Physics" Exam Syllabus in Hindi


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:: प्रश्न पत्र - 1 (Paper - I) ::

खण्ड-क (Section - A)

1. क्लासिकी यांत्रिकीः

(क) कण गतिकीः

द्रव्यमान केन्द्र तथा प्रयोगशाला निर्देशांक, रेखीय तथा कोणीय आघूर्णों का संरक्षण, राकेट समीकरण, रदरफोर्ड प्रकीर्णन, गैलीलियन रूपान्तरण जड़त्वीय तथा अजड़त्वीय फ्रेम, घूर्णी फ्रेम अपकेन्द्री तथा कोरियालिस बल, फूको लोलक।

(ख) कण निकायः

व्यवरोध, स्वतन्त्रता की कोटि, सामान्यीकृत निर्देशांक तथा आघूर्णी लग्रांज का समीकरण तथा रेखीय सनांदी दोलित्र में उसके अनुप्रयोग, सरल लोलक तथा केन्द्रीय बल समस्याएं, चक्रीय निर्देशांक, हेमिल्टोनियन, हेमिल्टन के सिद्धान्त से लग्रांज समीकरण।

(ग) दृढ़ पिण्ड गतिकीः

आयलरी कोण, जड़त्व तानिका, जड़त्व के मुख्य आघूर्णी दृढ़ पिण्ड की गति का आयलर का समीकरण, दृढ़ पिण्ड की बल मुक्त गति, घर्णाक्षस्थायी (जाइरो स्कोप)।

2. विशिष्ट आपेक्षिकी, तरंग तथा ज्यामितीय प्रकाशिकीः

(क) विशिष्ट आपेक्षिकीः

माइक्लसन-मोर्ले प्रयोग और उसके अनुषंगिक, लारेंज रूपान्तरण दैर्ध्य संकोच, काल वृद्धि, वेग परिवर्द्धन, विपथन तथा डाप्लर प्रभाव, द्रव्यमान ऊर्जा सम्बन्ध, क्षय प्रक्रिया के सरल अनुप्रयोग, मिंकोव्स्की चित्र, चतुष आयामी आघूर्णों सदिश भौतिकी समीकरणों के सह प्रसारण।

(ख) तरंगें:

सरल आवर्त गति, अवमंदित दोलन, प्रणोदित दोलन तथा अनुनाद, विस्पंद, तन्तु में स्थिर तरंगे, स्पन्दन तथा तरंग संचायिका, प्रावस्था तथा समूह वेग, हाईजन के सिद्धान्त से परावर्तन तथा अपवर्तन।

(ग) ज्यामितीय प्रकाश विज्ञानः

फरमेट के सिद्धान्त से परावर्तन तथा अपर्वतन के नियम, उपाक्षीय प्रकाश विज्ञान में आव्यूह (मैट्रिक्स) पद्धति, पतले लेंस के सूत्र, निस्पन्द तल, दो पतले लैंसों की प्रणाली, वर्ण तथा गोलीय विपथन।

3. भौतिकी प्रकाश विज्ञानः

(क) व्यतिकरणः

प्रकाश का व्यतिकरण-यंग का प्रयोग, न्यूटन वलय, तनु फिल्मों द्वारा व्यतिकरण, माइकल्सन व्यतिकरण मापी, विविध किरणपुंज व्यतिकरण तथा फेब्री-पेरट व्यतिकरण मापी, होलोग्राफी तथा उसके सरल अनुप्रयोग।

(ख) विवर्तनः

फ्रानहोफर विवर्तन-एकल रेखा छिद्र (स्लिट), द्विरेखा छिद्र, विवर्तन ग्रेटिंग विभेदन क्षमता-प्रेजनेल विवर्तन- अर्द्ध आवर्तन जोन तथा जोन प्लेट, फ्रेजनल समाकल, कोर्नू केसर्पिल (स्पिरल) का एक सीधे कोर पर विवर्तन तथा लम्बी संकीर्ण रेखा छिद्र के विश्लेषण में अनुप्रयोग-वृत्तीय द्वारक द्वारा विवर्तन तथा वायवीय पैटर्न।

(ग) धु्रवीकरण तथा आधुनिक प्रकाश विज्ञानः

रेखीय, वृत्तीय तथा दीर्घवृत्तीय ध्रुवित प्रकाश का उत्पादन तथा अभिज्ञान द्विअपवर्तन, चतुर्थांश तरंग प्लेट, ध्रुवण घूर्णकता-रेशा प्रकाशिकी के सिद्धान्त क्षीणन, स्टेप-इंडेक्स तथा परबलयिक इंडेक्स तन्तुओं में स्पन्द परिक्षेपण, पदार्थ परिक्षेपण, एकल रूप रेशा (फाइबर), लेसर-आइन स्टाइन क और ख गुणांक, रूबी तथा हीलियम-नियान लेसर, लेसर प्रकाश की विशेषताएं, स्थानिक तथा कालिक सम्बद्धता, लेसर किरणपुंज को फोकस करना, लेसर क्रिया के लिए तीन स्तरीय योजना।

खण्ड-ख (Section - B)

4. विद्युत एवं चुम्बकत्वः

(क) स्थिर वैद्युत एवं स्थिर चुम्बकीयः

स्थिर वैद्युत में लाप्लेस एवं प्वासों समीकरण एवं उनका अनुप्रयोग, आवेश निकाय की ऊर्जा, आदिश विभव का बहुध्रुव प्रसार, प्रतिबिम्ब विधि एवं उनका अनुप्रयोग, द्धिध्रुव के कारण विभव एवं क्षेत्र, बाह्य क्षेत्र में द्विध्रुव पर बल एवं बलआघूर्ण, परावैद्युत, ध्रुवण, परिसीमा-मान समस्या का हल-एक समान वैद्युत क्षेत्र में चालक तथा परावैद्युत गोलक, चुम्बकीय कोश, एक समान चुम्बकित गोलक, लौह चुम्बकीय पदार्थ, शैथिलय, ऊर्जा ह्रास।

(ख) धारा विद्युतः

किरचौफ नियम एवं उनका अनुप्रयोग, बायो-सवार्ट नियम, ऐम्फ्यिर का नियम, फैराडे का नियम, लेन्ज का नियम, स्व-एवं अन्योन प्रेरकत्व, प्रत्यावर्ती धारा (प्र.धा.) परिपथ में माध्य एवं वर्ग माध्य मूल (आर.एम.एस.) मान, एलआर, सीआर, एवं एलसीआर परिपथ-श्रेणीबद्ध एवं समान्तर अनुनाद, गुणता कारक, परिणामित्र (ट्रान्सफॉर्मर) के सिद्धान्त।

5. विद्युत चुम्बकीय सिद्धान्त एवं कृष्णिका विकिरणः

(क) विद्युत चुम्बकीय सिद्धान्तः

विस्थापना धारा एवं मेक्सवेल का समीकरण, निर्वात में तरंग समीकरण, प्वाइन्टिंग प्रमेय, सदिश एवं अदिश विभव, प्रमापी निश्चरता, लोरेन्ट्स एवं कूलॉम प्रमापी, विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र प्रदिश, मैक्सवेल समीकरण का सहप्रसरण, समदैशिक परावैद्युत में तरंग समीकरण, दो परावैद्युतों के परिसीमा पर परावर्तन तथा अपवर्तन, फ्रेनल सम्बन्ध, प्रसामान्य एवं असंगत वर्ण विक्षेपण, रैले प्रकीर्णन।

(ख) कृष्णिका विकिरणः

कृष्णिका विकिरण एवं प्लांक विकिरण नियम-स्टेफॉन-वोल्जमान नियम, वीन विस्थापन नियम तथा रैले-जीन्स नियम, प्लांक द्रव्यमान, प्लांक लम्बाई, प्लांक समय, प्लांक तापमान एवं प्लांक ऊर्जा।

6. तापीय एवं सांख्यिकीय भौतिकीः

(क) ऊष्मागतिकीः

ऊष्मागतिकी का नियम, उत्क्रम्य तथा अप्रतिक्रम्य प्रक्रम, एन्ट्रॉपी, समतापी, रुद्धोष्म, समदाब, समआयतन प्रक्रम तथा ऐन्ट्रॉपी परिवर्तन, ऑटो एवं डीजल इंजन, गिव्स प्रावस्था नियम एवं रासायनिक विभव, वास्तविक गैस की अवस्था के लिए वेन्डरवाल समीकरण, क्रातिक स्थिरांक आण्विक वेग के लिए मैक्सवेल वोल्जमान वितरण, परिवहन परिघटना, समविभाजन, वीरियल प्रमेय, ठोस की विशिष्ट ऊष्मा का ड्यूलां-पेती, आइंस्टाइन, डेबाइ सिद्धान्त, मेक्सवेल सम्बन्ध एवं अनुप्रयोग, क्लेपिरॉन क्लासिअस समीकरण, रूद्धोष्म विचुम्बकन, जूल-केल्विन प्रभाव एवं गैसों का द्रवण।

(ख) सांख्यिकीय भौतिकीः

साहा आयनन सूत्र, बोस-आइंस्टाइन द्रवण/संघनन, आदर्श फर्मी गैस का ऊष्मागतिक व्यवहार। चन्द्रशेखर सीमा, न्यूट्रान तारा एवं पॅल्सार के विषय में प्रारम्भिक धारणा, यादृच्छिक घ्रमण के रूप में ब्राउनी गति, विसरण प्रक्रम, नाकारात्मक ताप की अवधारणा।

:: प्रश्न पत्र - 2 (Paper - II) ::

खण्ड-क (Section - A)

1. क्वान्टम यांत्रिकी-I:

कण तरंग द्वैतता, श्रोडिंगर समीकरण एवं प्रत्याशा मान, अनिश्चितता सिद्धान्त, एक विमीय श्रोडिंगर समीकरण का हल-मुक्त कण (गाउसीय तरंग-वेस्टन (पैकेट)) बाक्स में कण, परिमित कूप में कण, रैखिक आवर्ती लोलक, विभव स्टेप एवं आयाताकार रोधिका द्वारा परावर्तन एवं संचरण, अल्फाह्रास समस्या में जीवन अवधि परिकलन हेतु डब्ल्यू के बी सूत्र का उपयोग।

2. क्वान्टम यांत्रिकी-II एवं परमाणु भौतिकीः

(क) क्वान्टम यांत्रिकी-II:

त्रिविमीय बाक्स में कण, अवस्थाओं का घनत्व, धातुओं का मुक्त इलेक्ट्रान सिद्धान्त, कोणीय संवेग समस्या, हाइड्रोजन परमाणु, अर्द्ध चक्रण समस्या एवं पाउली चक्रण आव्यूह के गुणधर्म।

(ख) परमाणु भौतिकीः

स्टर्न-गर्लेक प्रयोग, इलेक्ट्रान चक्रण, हाइड्रोजन परमाणु की सूक्ष्म संरचना, एल-एस (एल.एस.) युग्मन, जे-जे (जे.-जे.) युग्मन, परमाणु अवस्था का स्पेक्ट्रमी संकेतन, जेमान प्रभावं फ्रांक-कॉन्डन सिद्धान्त एवं अनुप्रयोग।

3. आणिवक भौतिकीः

द्विपरमाणु अणु के धूर्णनी, काम्पनिक एवं इलेक्ट्रानिक स्पेक्ट्रम का प्राथमिक सिद्धान्त, रमन प्रभाव एवं आणिवक संरचना, लेजर रमन स्पेक्ट्रम विज्ञान, खगोल-विज्ञान एवं उदासीन हाइड्रोजन परमाणु, आण्विक हाइड्रोजन एवं आण्विक हाइड्रोजन आयन का महत्व, प्रतिदीप्ति एवं स्फुरदीप्ति, एन.एम.आर. (एनएमआर) का प्राथमिक सिद्धान्त एवं अनुप्रयोग, लैम्ब सृति की प्राथमिक व्याख्या एवं इनका महत्व।

खण्ड-ख (Section - B)

4. नाभिकीय भौतिकीः

मूलभूत नाभिकीय गुणधर्म आकार, बन्धन ऊर्जा, कोणीय संवेग, समता, चुम्बकीय आघूर्ण, सामि-आनुभाविक संहति सूत्र एवं अनुप्रयोग, द्रव्यमान परवलय, डयूटरान की मूल अवस्था, चुम्बकीय आघूर्ण एवं अकेन्द्रीय बल, नाभिकीय बल का मेसान सिद्धान्त, नाभिकीय बल की प्रमुख विशेषताएं, नाभिक का कोश मॉडल-सफलता एवं सीमाएं, बीटा ह्रास में समता का उल्लंघन, गामा ह्रास एवं आंतरिक रूपान्तरण, मासबौर स्पैक्ट्रम विज्ञान के बारे में प्राथमिक धारणा, नाभिकीय अभिक्रिया का (क्यू)-मान, नाभिकीय विखण्डन एवं संचयन, ताराओं में ऊर्जा उत्पादन, नाभिकीय रिऐक्टर।

5. कण भौतिकी एवं ठोस अवस्था भौतिकीः

(क) कण भौतिकीः

मूल कणों का वर्गीकरण एवं उनकी अन्योन्यक्रिया, संरक्षण नियम, हाइड्रोजन की क्वार्क संरचना, क्षीण वैद्युत एवं प्रबल अन्योन्य क्रिया का क्षेत्र क्वाण्टा, बलों के एकीकरण की प्राथमिक व्याख्या, न्यूट्रिनों की भौतिकी।

(ख) ठोस अवस्था भौतिकीः

घनीय क्रिस्टल संरचना, ठोसों का पट्ट सिद्धान्त-चालक, विद्युतरोधी एवं अर्द्धचालक, अतिचालकता के अवयव, माइस्नर प्रभाव जोजेफसन संधि एवं अनुप्रयोग, उच्च तापक्रम अतिचालकता की प्राथमिक व्याख्या।

6. इलेक्ट्रॉनिकीः

नेज एवं बाह्य अर्द्ध्रचालक- p-n-p (पी-एन-पी) एवं n-p-n (एन-पी-एन) ट्रांजिस्टर, प्रवर्धक एवं दोलित्र, संक्रियात्मक प्रबर्धक FET (एफईटी), JFET (जे.एफ.ई.टी.) एवं MOSFET (एमओएसएफईटी)। अंकीय इलेक्ट्रानिकी-बूलीय तत्समक, डी मार्गन नियम, तर्कदार एवं सत्यमान सारणी सरल तर्क परिपथ, ऊष्म प्रतिरोधी (थर्मिस्टर), सौर, सैल माइक्रोप्रोसेसर एवं अंकीय संगणक।

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