(डाउनलोड) यूपीएससी आईएएस 2013 (मुख्य परीक्षा) सामान्य अध्ययन पेपर - 2 (Download) UPSC IAS (Mains) 2013 General Studies (Paper - 2) Exam Question Paper


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परीक्षा का नाम (Exam Name): यूपीएससी आईएएस 2013 (मुख्य परीक्षा)

पाठ्यक्रम (Syllabus): प्रश्नपत्र-3: सामान्य अध्ययन-2: (शासन व्यवस्था, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध)

विषय (Subject) : सामान्य अध्ययन (पेपर - 2) General Studies (GS) Paper - 2

साल (Year): 2013

माध्यम (Medium): Hindi

निर्देशः निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 200 शब्दों से अधिक नहीं होना चाहिए। शब्द-विस्तार की अपेक्षा प्रश्नोत्तर की अन्तर्वस्तु अधिक महत्वपूर्ण है। सभी प्रश्नों के अंक समान है।

प्रश्न 1. कुछ वर्षों से सांसदों की व्यक्तिगत भूमिका में कमी आई है जिसके फलस्वरूप नीतिगत मामलों में स्वस्थ रचनात्मक बहस प्रायः देखने को नहीं मिलती। दल परिवर्तन विरोधी कानून, जो भिन्न उद्देश्य से बनाया गया था, को कहाँ तक इसके लिए उत्तरदायी माना जा सकता है?

प्रश्न 2. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66A की इससे कथित संविधान के अनुच्छेद 19 के उल्लंघन के संदर्भ में विवेचना कीजिए।

प्रश्न 3. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के हाल के निदेशों को ‘नागाओं’ द्वारा उनके राज्य को मिली विशिष्ट स्थिति को रद्द करने के ऽतरे के रूप में देखा गया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371A के आलोक में इसकी विवेचना कीजिए।

प्रश्न 4. ‘संविधान में संशोधन करने संसद के स्वैच्छिक अधिकार पर भारत का उच्चतम न्यायालय नियंत्रण रखता है।’ समालोचनात्मक विवेचना कीजिए।

प्रश्न 5. अनेक राज्य सरकारें बेहतर प्रशासन के लिए भौगोलिक प्रशासनिक इकाईयों जैसे जनपद व तालुकों को विभाजित कर देती हैं। उक्त के आलोक में, क्या यह भी औचित्यपूर्ण कहा जा सकता है कि कि अधिक संख्या में छोटे राज्य, राज्य स्तर पर प्रभावी शासन देंगे? विवेचना कीजिए।

प्रश्न 6. अन्तर-राज्य जल विवादों का समाधान करने में सांविधानिक प्रक्रियाएँ समस्याओं को सम्बोधित करने व हल करने में असफल रही है। क्या यह असफलता संरचनात्मक अथवा प्रक्रियात्मक अपर्याप्तता अथवा दोनों के कारण हुई है? विवेचना कीजिए।

प्रश्न 7. तेरहवें वित्त आयोग की अनुशंसाओं की विवेचना कीजिए जो स्थानीय शासन की वित्त-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पिछले आयोगों से भिन्न है।

प्रश्न 8. वित्तीय संस्थाओं व बीमा कम्पनियों द्वारा की गई उत्पाद विविधता के फलस्वरूप उत्पादों व सेवाओं में उत्पन्न परस्पर व्यापन ने सेबी (SEBI) व इर्डा (IRDA) नामक दोनों नियामक अभिकरणों के विलय के प्रकरण को प्रबल बनाया है। औचित्य सिद्ध कीजिए।

प्रश्न 9. मध्याह्न भोजन योजना की संकल्पना भारत में लगभग एक शताब्दी पुरानी है जिसका आरम्भ स्वतंत्रता-पूर्व भारत के मद्रास महाप्रान्त (प्रेसीडेंसी) में किया गया था। पिछले दो दशकों से अधिकांश राज्यों में इस योजना को पुनः प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके दोहरे उद्देश्यों, नवीनतम आदेशों और सफलता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

प्रश्न 10. प्रभावक-समूह राजनीति को कभी-कभी राजनीति का अनौपचारिक मुखपृष्ठ माना जाता है। उपर्युक्त के संबंध में, भारत में प्रभावक-समूहों की संरचना व कार्यप्रणाली का आकलन कीजिए।

प्रश्न 11. स्वयं सहायता समूहों की वैधता एव जवाबदेही और उनके संरक्षक, सूक्ष्म-वित्त पोषक इकाइयों का, इस अवधारणा की सतत सफलता के लिए योजनाबद्ध आकलन व संवीक्षण आवश्यक है। विवेचना कीजिए।

प्रश्न 12. केन्द्र सरकार प्रायः राज्य सरकारों के समाज के अतिसंवेदनशील वर्गों के कष्ट निवारण में ख़राब प्रदर्शन की शिकायत करती है। जनसंख्या के अतिसंवेदनशील वर्गों के सुधार हेतु सभी क्षेत्रों में केन्द्रीय प्रवर्तित योजनाओं की पुनर्रचना का उद्देश्य राज्यों को उनके बेहतर कार्यान्वयन में लचीलापन प्रदान करना है। समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।

प्रश्न 13. भ्रष्टाचार को नगण्य करने, अपव्यय को समाप्त करने और सुधारों को सुगम बनाने हेतु कल्याणकारी योजनाओं में इलेक्ट्रॉनीय नकद हस्तांतरण प्रणाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। टिप्पणी कीजिए।

प्रश्न 14. ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं का प्रावधान (पुरा) का आधार संयोजकता (मेल) स्थापित करने में निहित है। टिप्पणी कीजिए।

प्रश्न 15. उन सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों को पहचानिए जो स्वास्थ्य से संबंधित है। इनहें पूरा करने के लिए सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की सफलता की विवेचना कीजिए।

प्रश्न 16. यद्यपि अनेक लोक सेवा प्रदान करने वाले संगठनों ने नागरिकों के घोषणा-पत्र (चार्टर) बनाए है, पर दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और नागरिकों के संतुष्टि स्तर में अनुकूल सुधार नहीं हुआ है। विश्लेषण कीजिए।

प्रश्न 17. ‘राष्ट्रीय लोकपाल कितना भी प्रबल क्यों न हो, सार्वजनिक मामलों में अनैतिकता की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता।’ विवेचना कीजिए।

प्रश्न 18. वर्ष 2014 में अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सहायक बल (ISAF) की अफगानिस्तान से प्रस्तावित वापसी क्षेत्र के देशों के लिए बड़े खतरों (सुरक्षा उलझनों) भरा है। इस तथ्य के आलोक में परीक्षण कीजिए कि भारत के सामने भरपूर चुनौतियाँ हैं तथा उस अपने सामरिक महत्त्व के हितों की रक्षा करने की आवश्यकता है।

प्रश्न 19. ‘मोतियों के हार’ (द स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स) से आप क्या समझते हैं? यह भारत को किस प्रकार प्रभावित करता है? इसका सामना करने के लिए भारत द्वारा उठाए गए कदमों की संक्षिप्त रूपरेखा दीजिए।

प्रश्न 20. हाल के कुछ वर्षों में भारत व जापान के मध्य आर्थिक संबंधों में विकास हुआ है पर अब भी वह उनकी संभाविता से बहुत कम है। उन नीतिगत दबावों (व्यवरोधों) को स्पष्ट कीजिए जिनके कारण यह विकास अवरुद्ध है।

प्रश्न 21. बंगलादेश के ढाका में शाहबाग स्क्वायर में हुए विरोध प्रदर्शनों ने समाज में राष्ट्रवादी व इस्लामी शक्तियों के बीच मौलिक मतभेद उजागर किया है। भारत के लिए इसका क्या महत्त्व है?

प्रश्न 22. मालदीव में पिछले दो वर्षों में हुई राजनैतिक घटनाओं की विवेचना कीजिए। यह बताइए कि क्या ये भारत के लिए चिंता का विषय है।

प्रश्न 23. भारत-श्रीलंका संबंधों के संदर्भ में, विवेचना कीजिए कि किस प्रकार आंतरिक (देशीय) कारक विदेश नीति को प्रभावित करते है।

प्रश्न 24. गुजरात सिद्धान्त से क्या अभिप्राय है? क्या आज इसकी कोई प्रासंगिकता है? विवेचना कीजिए।

प्रश्न 25. विश्व बैंक व अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, संयुक्त रूप से ब्रेटन वुड्स नाम से जानी जाने वाली संस्थाएँ, विश्व की आर्थिक व वित्तीय व्यवस्था की संरचना का संभरण करने वाले दो अन्त सरकारी स्तम्भ हैं। पृष्ठीय रूप में, विश्व बैंक व अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष दोनों की अनेक समान विशिष्टताएँ है, तथापि उनकी भूमिका, कार्य तथा अधिदेश स्पष्ट रूप से भिन्न है। व्याख्या कीजिए।

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Courtesy: UPSC