(डाउनलोड) उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) मुख्य परीक्षा वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम हिंदी में "प्रबंध" (Download) UPPCS Mains Optional Subject Exam Syllabus in Hindi (Management)


(डाउनलोड) उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) मुख्य परीक्षा वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम हिंदी में "प्रबंध" (Download) UPPCS Mains Optional Subject Exam Syllabus in Hindi (Management)


:: प्रश्नपत्र - I (Paper - I)::

परीक्षार्थियों से अपेक्षा की जाती है कि वे प्रबन्ध के विभिन्न पहलुओं से परिचित होंगे। वे सिद्धान्त को व्यवहार में विश्व व्यवसाय के संदर्भ में, सामान्यतः और भारत में व्यवसाय के विशिष्ट सन्दर्भ में लागू कर सकेगे। इसके लिए उनसे आशा की जाती है कि वे उस वातावरण से जिसमें भारत में व्यवसाय होता है, भली भांति परिचित होंगे। उन्हें विभिन्न क्रियात्मक क्षेत्रों में विश्लेषण और निर्णयन की प्रबन्धकीय विधियों के ज्ञान व उपयोग के साधनों की जानकारी भी होगी।

1. प्रबंध अवधारणा एवं विकास- प्रबंध की आवधारणा एवं महत्व प्रबन्ध- विज्ञान एवं कला, प्रबन्ध एवं प्रशासन में अन्तर, प्रबन्ध की भूमिका एवं उत्तरदायित्व प्रबन्ध के सिद्धान्त, प्रतिष्ठित स्कूल, नव-प्रतिष्ठित स्कूल, आधुनिक प्रबन्ध स्कूल, प्रबन्ध के विद्वानों का योगदान।

2. नियोजन एवं निर्णयनः नियोजन - प्रकृति, प्रकार, महत्ता एवं सीमायें, योजना के उद्देश्य, नीतियां, नियोजन आधार, पूर्वानुमान की तकनीक, निर्णयन प्रकार, प्रक्रिया, विवेकपूर्ण निर्णयन इसकी सीमायें।

3.संगठन एवं संगठनात्मक व्यवहारः संगठन- अवधारणा, प्रबन्ध का विस्तार, अधिकार एवं उत्तरदायित्व, अधिकार-अर्थ, प्रकार, स्रोत, अधिकार का प्रत्यायोजन- प्रत्यायोजन के मार्ग में अवरोध, अधिकारों का केन्द्रीयकरण एवं विकेन्द्रीकरण, संगठनात्मक व्यवहार- अवधारणा एवं महत्ता, व्यक्तिगत एवं सामूहिक व्यवहार, संगठनात्मक परिवर्तन, परिवर्तन का प्रतिरोध, संघर्ष प्रबन्धन।

4. निदेशनः सिद्धान्त एवं तकनीकें, अभिप्रेरण - सिद्धान्त, मैस्लों, हर्सबर्ग मैकग्रेगर, मैक्लीलैंड तथा अन्य विद्वानों के योगदान, आकस्मिक सिद्धान्त, एम.बी.ओ. नेतृत्व-प्रकार, एक सफल नेता के गुण, नेतृत्व के विभिन्न सिद्धान्त, संपे्रषण, प्रक्रिया, स्तर, प्रकार, सम्पे्रषण सम्बंधी अवरोध, प्रभावकारी संप्रेषण के उपाय।

5. नियंत्रण एवं समन्वय- नियंत्रण प्रक्रिया, प्रभावकारी नियंत्रण की पूर्व दशायें नियंत्रण की विधियां-बजटरी तथा गैर -बजटरी, समन्वय -सिद्धान्त, तकनीकें तथा समन्वय सम्बन्धी अवरोध।

6. व्यवसायिक पर्यावरण- व्यवसायिक इकाई तथा पर्यावरण में अन्तर्सम्बंध, व्यावसायिक नैतिकता तथा शासन, मौद्रिक नीति, राजकोषीय नीति, विदेशी पूंजी तथा विदेशी सहयोग, रणनीति -अवधारणा एवं
स्तर, SWOT विश्लेषण, पोर्टर का फाइव फोर्स माडल वैल्यूचेन विश्लेषण, बी.सी.जी. मैट्रिक्स, मूल दक्षताए।

:: प्रश्न पत्र - II (Paper - II) ::

खण्ड-1: विपणन प्रबंध (Section - I : Marketing Management)

विपणन की अवधारणा, विपणन मिश्रण; विपणन अनुसंधान; विपणन वातावरण; विपणन योजना; विपणन विभक्तिकरण; लक्षित बाजार तथा स्थितिकरण; उत्पाद रणनीतियां, उत्पाद जीवन चक्र; उपभोक्ता अभिप्रेरण; ब्राण्ड प्रबन्धन; विक्रय संवर्धन; विज्ञापन; विव्रेहृताओं का प्रबंधन; मूल्य निर्धारण; विपणन श्रृखंला-खुदरा प्रबन्धन; इण्टरनेट विपणन; ग्राहक सम्बन्ध प्रबन्धन; भारत में ग्रामीण विपणन; अन्तर्राष्ट्रीय विपणन; विपणन अंकेक्षण एवं नियंत्रण; विपणन नीतिशास्त्र।

खण्ड-2 : उत्पादन प्रबन्ध (Section - II : Production Management)

उत्पादन प्रबंध का अर्थ एवं प्रकृति; उत्पादन प्रणालियों के प्रकार; उत्पादन नियोजन तथा नियंत्रण , लीन तथा लचीली उत्पादन प्रणालियां; विभिन्न उत्पादन प्रणालियों के लिए मार्ग निर्धारण, लदान तथा अनुक्रमण; स्थल चयन तथा संयन्त्र विन्यास; सामग्री प्रबन्धन; उत्पादन संरचना, रहतिया प्रबन्धन; आपूर्ति श्रृखला प्रबन्धन; उद्यम श्रोत नियोजन; सम्पूर्ण गुणवत्ता प्रबन्धन, छः सिगमा, पीईआरटी (पर्ट) सीपीएम; अपशिष्ट प्रबन्धन।

खण्ड - 3 : वित्तीय प्रबन्ध (Section - III : Financial Management)

अर्थ एवं क्षेत्र, फर्म की वित्तीय आवश्यकताओं का अनुमान; पूंजी ढांचे का निर्धारण; पूंजी लागत; कार्यशील पूंजी का प्रबन्धन; पूंजी बाजार, सेबी की विनयमन भूमिका, वेन्चर पूंजी, म्यूचुअल फण्ड, लाभंास नीति, नेट बैकिंग तथा एनपीए प्रबन्धन, उद्यमों का पुनर्गठन विलय एवं अधिग्रहण, निवेश निर्णय, जोखिम का विश्लेषण, लीज की वित्त व्यवस्था, विदेशी विनमय बाजार।

खण्ड- 4 : मानव संसाधन प्रबन्ध (Section - IV : Human Resources Management)

मानव संसाधन की प्रकृति, मानव संसाधन के प्रबन्धन का क्षेत्र, कार्य विश्लेषण तथा कार्य अभिकल्प, भर्ती तथा चयन, प्रशिक्षण तथा विकास, कैरियर योजना, 360 अंश निष्पादन आकलन, श्रमिकों की प्रबन्धन में भागीदारी, इसोप, भारत में श्रम संघ, सुरक्षा कल्याण, हड़ताल, छटनी, तालाबन्दी, समाधान, मानव संसाधन अंकेक्षण, लचीली कार्यकारी शर्त, स्वगृह से कार्य, स्वेच्छा से अवकाश ग्रहण (वी.आर’.एस.) वाहय स्रोतीकरण।

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