राष्ट्रीय जलवायु भेद्यता आकलन रिपोर्ट (National Climate Vulnerability Assessment Report) : डेली करेंट अफेयर्स

राष्ट्रीय जलवायु भेद्यता आकलन रिपोर्ट (National Climate Vulnerability Assessment Report)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय जलवायु भेद्यता आकलन रिपोर्ट (National climate vulnerability assessment report ) जारी की गई है। इस रिपोर्ट में भारत के आठ पूर्वी राज्यों को जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माना गया है।

राष्ट्रीय जलवायु भेद्यता आकलन रिपोर्ट (National climate vulnerability assessment report)

  • भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने राष्ट्रीय जलवायु भेद्यता आकलन रिपोर्ट (National climate vulnerability assessment report ) जारी की है।
  • इस रिपोर्ट में वर्तमान जलवायु संबंधी जोखिमों और भेद्यता के प्रमुख चालकों(key drivers of vulnerability) के लिहाज से भारत के सबसे संवेदनशील राज्यों और जिलों की पहचान की गई है।
  • राष्ट्रीय जलवायु भेद्यता आकलन रिपोर्ट ने झारखंड, मिजोरम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, असम, बिहार, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल की पहचान ऐसे राज्यों के रूप में की है, जो जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के पूर्वी हिस्से में स्थित इन राज्यों में अनुकूलन संबंधी उपायों को प्राथमिकता देने की जरूरत है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से संवेदनशील माने जाने वाले राज्यों में से, असम, बिहार और झारखंड के 60% से अधिक जिले अति संवेदनशील जिलों की श्रेणी में हैं।
  • उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने अपनी उक्त रिपोर्ट को अंतर-सरकारी जलवायु परिवर्तन पैनल (Intergovernmental Panel on Climate Change- IPCC) की नवीनतम 5वीं आकलन रिपोर्ट (आईपीसीसी[एआर5]) में प्रदान की गई परिभाषा के आधार पर तैयार किया है।

राष्ट्रीय जलवायु भेद्यता आकलन रिपोर्ट के लाभ

  • दरअसल जलवायु संबंधी जोखिमों के आकलन की दिशा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का यह पहला कदम है। इस रिपोर्ट ने जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से सबसे नाजुक राज्यों, जिलों और पंचायतों की पहचान करने में मदद की है और यह अनुकूलन संबंधी निवेश तथा अनुकूलन कार्यक्रमों के विकास एवं कार्यान्वयन को प्राथमिकता देने में सहायता प्रदान करेगी।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का यह आकलन जलवायु परिवर्तन से संबंधित उपयुक्त कार्रवाइयों को शुरू करने में नीति निर्माताओं की मदद करेगा। यह बेहतर तरीके से डिज़ाइन किए गए जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन से संबंधित परियोजनाओं के विकास के जरिए पूरे भारत में जलवायु परिवर्तन के लिहाज से कमजोर समुदायों को लाभान्वित करेगा।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के जलवायु परिवर्तन से संबन्धित अन्य राष्ट्रीय मिशन

  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जलवायु परिवर्तन से संबन्धित राष्ट्रीय कार्य योजना के एक अंग के तौर पर जलवायु परिवर्तन से जुड़े 2 राष्ट्रीय मिशनों को लागू कर रहा है।
  • ये दोनों मिशन हैं - नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिंग द हिमालयन इकोसिस्टम (National Mission for Sustaining the Himalayan Ecosystem-NMSHE) और नेशनल मिशन ऑन स्ट्रैटेजिक नॉलेज फॉर क्लाइमेट चेंज (National Mission on Strategic Knowledge for Climate Change-NMSKCC)।
  • इन मिशनों के एक हिस्से के रूप में, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 25 राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों के राज्य जलवायु परिवर्तन प्रकोष्ठों(State Climate Change Cells) को सहयोग दे रहा है।