नासा का पार्कर सोलर प्रोब (Parker Solar Probe) मिशन : डेली करेंट अफेयर्स

नासा का पार्कर सोलर प्रोब (Parker Solar Probe) मिशन

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में नासा (NASA) के पार्कर सोलर प्रोब (Parker Solar Probe) ने शुक्र ग्रह से आ रही भयंकर आवाज और रेडियो सिग्नल को रिकॉर्ड किया है।

प्रमुख बिन्दु

  • जिस आवाज को पार्कर सोलर प्रोब ने रिकॉर्ड किया है, वह ग्रह शुक्र के ऊपरी वातावरण से आ रही थी।
  • दरअसल जब पार्कर सोलर प्रोब (Parker Solar Probe) सूरज की परिक्रमा करते हुए शुक्र के नजदीक से गुजरा, तब उसने इस ग्रह से आ रही भयंकर आवाज और रेडियो सिग्नल को रिकॉर्ड किया ।
  • गौरतलब है कि नासा(NASA) के पार्कर सोलर प्रोब (Parker Solar Probe) ने इस आवाज को 11 जुलाई, 2020 को रिकॉर्ड किया था। उस समय पार्कर प्रोब और शुक्र के बीच की दूरी लगभग 832 किलोमीटर थी।
  • पार्कर सोलर प्रोब द्वारा रिकॉर्ड की गई शुक्र ग्रह से आ रही भयंकर आवाज और रेडियो सिग्नल की जांच में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिक जुट गए हैं। ताकि पृथ्वी की जुड़वा बहन कहे जाने वाले इस ग्रह के वातावरण के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा सके।

पार्कर सोलर प्रोब (Parker Solar Probe)

  • सूर्य के संबंध में अधिक से अधिक जानकारी जुटाने हेतु कई देशों की स्पेस एजेंसियों ने सोलर मिशन भेजे हैं।
  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने वर्ष 2018 में पार्कर सोलर प्रोब को सूर्य की कक्षा में भेजा था।
  • पार्कर सोलर प्रोब का मकसद सूर्य के बाहरी कोरोना का अध्ययन करना है।
  • गौरतलब है कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो अपने सोलर मिशन ‘आदित्य L1 मिशन’ (Aditya L1 Mission) को वर्ष 2022 में भेजेगी।

शुक्र ग्रह (Venus Planet) के बारे में

  • शुक्र ग्रह (Venus Planet), सौरमंडल का सबसे चमकीला ग्रह है। यह बुद्ध के बाद सूर्य से दूसरा सबसे निकटतम ग्रह है।
  • शुक्र ग्रह(Venus Planet) को पृथ्वी की जुड़वाँ बहन (Sister Planet) कहा जाता है क्योंकि इसका द्रव्यमान व आकार लगभग पृथ्वी के आकार के बराबर है।
  • इस ग्रह को भोर का तारा (Morning Star) व सांझ का तारा (Evening Star) के नामों से भी जाना जाता है।
  • शुक्र ग्रह(Venus Planet) पृथ्वी का सबसे निकटतम और सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह है।
  • यह ग्रह अपनी धुरी पर पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है।
  • शुक्र ग्रह का कोई उपग्रह (चन्द्रमा) नहीं है।
  • शुक्र ग्रह के लिए विश्व का पहला मिशन सोवियत संघ का वनेरा-3( Venera- 3) था।
  • हाल ही में खगोलविदों की एक अंतर्राष्ट्रीय टीम ने शुक्र ग्रह के वातावरण में फॉस्फीन गैस (Phosphine Gas) का पता लगाया है। इस खोज ने शुक्र ग्रह पर जीवन की उपस्थिति की संभावना को बढ़ाया है।