दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग के गठन को मंजूरी : डेली करेंट अफेयर्स

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग के गठन को मंजूरी

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में राष्ट्रपति ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण संकट से निपटने के संदर्भ में लाए गए अध्यादेश “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अध्यादेश, 2020” को अपनी सहमति दे दी है। इसके तहत 18 सदस्यीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की स्थापना की जाएगी।

प्रस्तावित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से जुड़े तथ्य

  • “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अध्यादेश, 2020” के अनुसार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए बनाया जाने वाला यह आयोग EPCA (पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण प्राधिकरण) का स्थान लेगा, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने देश में प्रदूषण के मामलों में सर्वोच्च निगरानी निकाय के रूप में गठित किया था।
  • आयोग वायु गुणवत्ता सूचकांक के बेहतर तालमेल, अनुसंधान, पहचान और वायु गुणवत्ता से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए काम करेगा।
  • यह आयोग दिल्ली एनसीआर और आस-पास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के प्रबंधन में अंतरराज्यीय सहयोग तथा जन भागीदारी को सुचारू बनाने के लिए बनायी गई अन्य सभी समितियों का भी स्थान लेगा।

प्रस्तावित आयोग की संरचना

प्रस्तावित आयोग में एक अध्यक्ष समेत अन्य 17 सदस्य होंगे जिनकी संरचना निम्न है-

अध्यक्ष - भारत सरकार में पूर्व सचिव

इस आयोग में सदस्य के रूप में शामिल होंगें-

  • पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रतिनिधि
  • पांच राज्य सरकारों दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव पदेन सदस्य के रूप में।
  • दो पूर्णकालिक सदस्य - केंद्र सरकार के पूर्व संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी
  • वायु प्रदूषण पर वैज्ञानिक समझ रखने वाले तीन पूर्णकालिक स्वतंत्र तकनीकी सदस्य
  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एक तकनीकी सदस्य
  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के एक तकनीकी सदस्य
  • वायु प्रदूषण से संबंधित मामलों में अनुभव वाले एनजीओ के तीन सदस्य
  • नीति अयोग के एक प्रतिनिधि

सहयोगी सदस्यों से प्रतिनिधित्व:

  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
  • विद्युत मंत्रालय
  • आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय
  • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय
  • कृषि मंत्रालय
  • वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
  • वाणिज्य और उद्योग से जुड़े भी संघ
  • वायु गुणवत्ता प्रबंधन संबंधी इस आयोग में वायु प्रदूषण रोकने के उपायों के बारे में सुझाव देने के लिए तीन उपसमितियां भी होंगी:
  1. निगरानी और पहचान उप-समिति
  2. सुरक्षा और प्रवर्तन उप-समिति
  3. अनुसंधान और विकास उप-समिति

आयोग के कार्य

  • आयोग के पास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता के संरक्षण और इसमें सुधार के लिए सभी उपाय करने, निर्देश देने और शिकायतों पर कार्रवाई करने का अधिकार होगा।
  • आयोग पर्यावरण में विभिन्न स्रोतों से प्रदूषक तत्वों के उत्सर्जन के मानक भी तैयार करेगा।
  • प्रदूषण संकट पर अंकुश लगाने के लिए इसके द्वारा निर्धारित निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए आयोग को कार्यकारी अधिकार दिए गए हैं।

दंड के प्रावधान

  • किसी प्रदूषणकारी स्थल पर कार्यवाही के दौरान बाधा उत्पन्न करने पर आयोग को आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 94 के तहत स्थल को बंद करने या खोजबीन करने के संदर्भ में वारंट जारी करने की शक्ति भी दी गयी है।
  • आयोग के आदेशों का पालन न करने पर जुर्माने के साथ 5 साल तक की कैद की सजा हो सकती है और जुर्माने की रकम को 1 करोड़ या उससे अधिक भी किया जा सकता है।
  • अध्यादेश के तहत अपराध गैर-संज्ञेय होगा और यह राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम के तहत सुनवाई योग्य होगा।