आसन कंजरवेशन रिजर्व : डेली करेंट अफेयर्स

आसन कंजरवेशन रिजर्व

चर्चा में क्यों?

  • आसन संरक्षण रिजर्व रामसर कन्वेंशन से मान्यता प्राप्त करने वाला उत्तराखंड का पहला आर्द्रभूमि स्थल बन गया है।

पृष्ठभूमि

  • संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के तहत कार्य करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था कन्वेशन आफ माइग्रेट्री स्पीसीज (सीएमएस) की ओर नए वेटलैंड का प्रस्ताव माँगा गया था। इसी क्रमे में उत्तराखंड वन विभाग ने देहरादून जिले में स्थित आसन कंजर्वेशन रिजर्व का प्रस्ताव सीएमएस को भेजा था।

स्मरणीय जानकारी

  • उत्तराखंड के देहरादून स्थित कंजरवेशन रिजर्व आसन वेटलैंड को रामसर साइट में शामिल कर लिया गया है। इसी के साथ देश में रामसर साइट की संख्या बढ़कर 38 हो गई है।
  • इसी के साथ भारत दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा रामसर साइट वाला देश बन गया है।

आसन कंजर्वेशन रिजर्व के बारे में

  • उत्तराखंड में प्रवासी की ऐशगाह माने जाने वाली आसन कंजर्वेशन रिजर्व को 14 अगस्त 2005 में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा देश को समर्पित किया गया था।
  • यहाँ अक्टूबर में प्रवासी परिंदों का आगमन होता है और ये मार्च आखिर तक डेरा डाले रहते हैं। यहाँ मध्य एशिया समेत चीन, रूस आदि इलाकों से पक्षियां प्रवास पर पहुंचते हैं।
  • आसन वेटलैंड सुर्खाब पक्षी, जिसे रूडी शेल्डक भी कहा जाता है, का पसंदीदा स्थल है।

रामसर कन्वेंशन

  • 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर में अंतर्राष्ट्रीय महत्व के आर्द्रभूमि पर रामसर कन्वेंशन को अपनाया गया था।
  • भारत भी रामसर कन्वेंशन का एक हक्ष्ताक्षरकर्ता देश हैं।

आर्द्र भूमि क्या है?

  • आर्द्र भूमि ऐसी भूमि होती है जिसमें या तो स्थाहयी रूप से या फिर मौसमी तौर पर पानी भरा रहता है और यह एक अलग प्रकार की पारिस्थितिकी बन जाती है।
  • इनमें बाढ़ वाले मैदान, दलदल, मछली के तालाब, ज्वार की दलदल और मानव निर्मित आर्द्रभूमि शामिल हैं।
  • आर्द्र भूमि में सर्वाधिक उत्पादकता होने के कारण इनका सामाजिक-आर्थिक एवं पारिस्थितिकी महत्व अत्यधिक है। ये प्राकृतिक जैव विविधता के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है। ये पक्षियों और जानवरों की विलुप्तप्राय: और दुर्लभ प्रजातियों, देशज पौधों और कीड़ों को उपयुक्त आवास उपलब्ध कराती हैं।

भारत में आर्द्र भूमि संरक्षण कार्यक्रम

  • सरकार ने वर्ष 1986 के दौरान संबंधित राज्य सरकारों के साथ सहयोग से राष्ट्रीय आर्द्र भूमि संरक्षण कार्यक्रम शुरू किया था। इसके साथ ही राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना (एनएलसीपी) भी लायी गयी।
  • बाद में दोहराव से बचने के लिए राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना (एनएलसीपी) और राष्ट्रीय आर्द्र भूमि संरक्षण कार्यक्रम (एनडब्ल्यूसीपी) का विलय करके राष्ट्रीय जलीय पारिस्थितिक-तंत्र संरक्षण योजना (एनपीसीए) को लाया गया।
  • भारत में वेटलैंड्स संरक्षण के लिए कुछ मुख्य कानून हैं-
  • भारतीय मत्स्य अधिनियम 1857,
  • भारतीय वन अधिनियम 1927,
  • वन्य जीवन संरक्षण अधिनियम 1972,
  • जल (संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम 1974,
  • समुद्रीय क्षेत्र अधिनियम 1976, जल (संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम 1977,
  • वन्य (संरक्षण) अधिनियम 1980,
  • पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986,
  • तटीय क्षेत्र विनियमन अधिसूचना 1991,
  • वन्य जीवन संरक्षण संशोधन अधिनियम 1991,
  • जैविक विविधता अधिनियम 2002