यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (29 जून 2020)


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस: 29 जून

चर्चा में क्यों?

  • सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति तैयार करने में सांख्यिकी के महत्त्व के बारे में जन जागरुकता पैदा करने के उद्देश्य से देश में प्रत्येक वर्ष 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

29 जून राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस (29th June Statistics Day)

राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस से संबन्धित जानकारी

  • यह दिन भारत के प्रख्यात सांख्यिकीविद दिवंगत प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जन्मतिथि के अवसर पर मनाया जाता है। गौरतलब है कि द्वितीय पंचवर्षीय योजना इन्ही के द्वारा तैयार की गयी थी।
  • सांख्यिकी में इनके महत्वपूर्ण योगदान को ध्यान में रखते हुए 2007 में उनकी जन्मतिथि के अवसर पर हर वर्ष 29 जून का दिन राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया था।
  • प्रत्येक वर्ष सांख्यिकी दिवस सामयिक राष्ट्रीय महत्व की विषय वस्तु के साथ मनाया जाता है जो चयनित क्षेत्रों में सुधार लाने के उद्देश्य से कई कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों के द्वारा वर्ष भर चलता है।
  • सांख्यिकी दिवस, 2020 की विषय वस्तु एसडीजी-3 ( स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करें एवं सभी उम्रों के लिए कल्याण को बढ़ावा दें) तथा एसडीजी-5 (लैंगिक समानता हासिल करें और सभी महिलाओं तथा लड़कियों को अधिकारसंपन्न बनायें) चयनित की गई है।
  • इस अवसर पर प्रो. पी सी महालानोबिस राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता को सम्मानित किया जाएगा। इस राष्ट्रीय पुरस्कार का गठन 2019 में किया गया था।
  • ध्यातव्य है कि विश्व साख्यिकी दिवस 20 अक्तूबर को मनाया जाता है।

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM)

चर्चा में क्यों :-

  • निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) द्वारा एयर इंडिया के विनिवेश हेतु निर्धारित समय को तीसरी बार बढ़ाया गया। अब इसके विनिवेश हेतु 31 अगस्त 2020 की तिथि निर्धारित की गई है।

पृष्ठभूमि:-

  • सरकार द्वारा एयर इंडिया के 100 % विनिवेश तथा पूर्ण प्रबंधन हस्तांतरण का निर्णय लिया गया है। जिसके उपरांत विनिवेश की प्रक्रिया 27 जनवरी से आरम्भ कर दी गई।
  • परन्तु कोरोना वायरस के प्रकोप के फलस्वरूप भारत सहित सम्पूर्ण विश्व के वायु यात्रा उद्योग को गहरी क्षति हुई है। जिसके उपरांत विनिवेश की तिथि को निरंतर विस्तारित किया जा रहा है।

विनिवेश से सम्बंधित अन्य तथ्य :-

  • सरकार के विनिवेश का लक्ष्य इस वर्ष 2. 10 लाख करोड़ के विनिवेश का लक्ष्य रखा है जिसमे 1.20 लाख करोड़ CPSE के विनिवेश तथा 90000 करोड़ पब्लिक सेक्टर बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थानों (भारतीय जीवन बिमा निगम के साथ) के विनिवेश से प्राप्त होगा।

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के बारे में

  • 1999 में विनिवेश विभाग को एक अलग विभाग के रूप में स्थापित किया गया था और बाद में इसका नाम बदलकर 2001 में विनिवेश मंत्रालय कर दिया गया। 2004 से, विनिवेश विभाग वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विभागों में से एक है। विनिवेश विभाग का नाम बदलकर 2016 से निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) कर दिया गया है।
  • विभाग के जनादेश में इक्विटी में केंद्र सरकार के निवेश से संबंधित सभी मामले शामिल हैं, जिसमें केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में इक्विटी का विनिवेश शामिल है। रणनीतिक विनिवेश सहित विनिवेश के लिए प्रशासनिक मंत्रालयों, NITI Aayog, आदि की सिफारिशों पर निर्णय लेकर विनिवेश करना है ।इसके अंतर्गत विनिवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन के लिए स्वतंत्र बाहरी मॉनिटर से संबंधित सभी मामले सम्मिलित हैं ।

विज़न और मिशन

विजन

  • विनिवेश के माध्यम से अपनी समृद्धि में साझा करने के लिए केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के लोगों के स्वामित्व को बढ़ावा देना।
  • आर्थिक विकास में तेजी लाने और उच्च व्यय के लिए सरकार के संसाधनों को बढ़ाने के लिए सीपीएसई में सार्वजनिक निवेश का कुशल प्रबंधन

मिशन

  • सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से लोगों के स्वामित्व को बढ़ावा देने और अपने शेयरधारकों के प्रति जवाबदेही के माध्यम से सीपीएसई की क्षमता में सुधार करने के लिए स्टॉक एक्सचेंजों पर सीपीएसई को सूचीबद्ध करें।
  • रणनीतिक निवेश के माध्यम से सीपीएसई में परिचालन क्षमता में लाने के लिए, अर्थव्यवस्था में उनके अधिक योगदान को सुनिश्चित करना।
  • राष्ट्रीय हित और निवेश में सीपीएसई के वित्तीय प्रबंधन के लिए पेशेवर दृष्टिकोण अपनाएं, जिसका उद्देश्य सीपीएसई के स्वामित्व में सार्वजनिक भागीदारी का विस्तार करना है।

प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना

चर्चा में क्यों?

  • यूपी के भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ को स्मार्ट पर्यटन स्थल बनाया जाएगा। यूपी सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने वर्ल्ड बैंक सहायतित पर्यटन योजना को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत 100 करोड़ की लागत से सारनाथ बौद्ध सर्किट को हाईटेक बनाया जाएगा।

  • इस योजना में चौखंडी से सारनाथ रेलवे स्टेशन तक पाथ-वे एवं बुद्ध द्वार समेत सारनाथ में स्थित 26 मंदिरों के मार्ग को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा । इसके साथ ही सारनाथ म्यूजियम और उसके आप पास के इलाकों को भी स्मार्ट और हाईटेक बनाया जाएगा। सारनाथ का डियर पार्क सौंदर्यीकरण एवं विस्तार किए जाने के साथ ही बच्चों को झूलने के लिए झूला आदि भी लगाया जाएगा।

क्यों प्रसिद्ध है सारनाथ?

  • वाराणसी से 10 किमी की दूरी पर स्थित, सारनाथ एक महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। बोध गया में ज्ञान प्राप्त करने के बाद भगवान बुद्ध ने यहाँ अपना पहला धर्मोपदेश दिया था। उनका पहला धर्मोपदेश महा धर्मचक्रप्रवर्तन के रूप में पवित्र है,जिसका अर्थ है 'धर्म चक्र की गति'। भगवान बुद्ध के समय इस क्षेत्र को हिरणों के रहने वाले घने जंगल के कारण इसे ऋषिपट्टन या इसिपटन और मृगदावा कहा जाता था।
  • अपने शासनकाल में सम्राट अशोक भगवान बुद्ध के प्रेम और शांति के संदेश का प्रचार प्रसार करने सारनाथ आए और यहाँ ईसा पूर्व 249 में एक स्तूप का निर्माण करवाया। आज सारनाथ बौद्ध पंथ के मुख्य स्थलों में से एक है, जो दुनिया भर से अनुयायियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। शहर मठ, स्तूप और एक संग्रहालय के साथ सुशोभित है।

यूपी प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना

  • विश्व बैंक सहायतित उ०प्र० प्रो-पुअर पर्यटन विकास परियोजना एक अभिनव परियोजना है। इस परियोजना में प्रदेश के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों- के अन्तर्गत पर्यटन विकास सम्बन्धी गतिविधियों के माध्यम से गरीबी-उन्मूलन तथा रोजगार-सृजन करने की योजना है।
  • इस योजना के अन्तर्गत चिन्हित क्षेत्रों में स्थित पर्यटन स्मारकों/स्थलों पर मूलभूत पर्यटक सुविधाओं के सृजन एवं विकास के साथ ही साथ तत्सम्बन्धी क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय लोगों के आर्थिक/सामाजिक स्तर के उन्नयन तथा रोजगार-परक अवसर हेतु विभिन्न गतिविधियां प्रस्तावित हैं।

आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) ने अपने नवीनतम अध्ययन में कहा है कि भारत, स्विट्जरलैंड से अपने निवासियों के बैंक खातों और उनके द्वारा स्थापित संस्थाओं के लाभकारी स्वामित्व के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने वाले शीर्ष तीन देशों में शामिल है।
  • आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) के इस अध्ययन का मकसद कर मामलों में सूचनाओं की पारदर्शिता और लेनदेन को बढ़ावा देना है। इस रिपोर्ट में दुनिया भर में देशों द्वारा मांगी गई सूचनाओं और उस पर कार्रवाई का अध्ययन किया गया है।

The Organisation for Economic Co-operation and Development (OECD)

अध्ययन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • ओईसीडी के इस अध्ययन के अनुसार वैश्विक मंच की जुलाई 2015 से जून 2018 के लिए नवीनतम समीक्षा में भारत को शीर्ष तीन देशों में शामिल किया गया, जिनके अनुरोध पर स्विट्जरलैंड ने जानकारी प्रदान की।
  • ओईसीडी के इस अध्ययन के अनुसार भारत, स्विट्जरलैंड से अपने निवासियों के बैंक खातों और उनके द्वारा स्थापित संस्थाओं के लाभकारी स्वामित्व के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल करने वाले शीर्ष तीन देशों में शामिल है। बाकी दो देश फ्रांस और जर्मनी हैं। वैश्विक मंच ने सूचनाओं के लेनदेन पर नवीनतम समीक्षा रिपोर्ट में स्विट्जरलैंड की रेटिंग ‘व्यापक अनुपालन’ की है।
  • इस नवीनतम समीक्षा रिपोर्ट में भारत को भी ‘व्यापक अनुपालन’ की रेटिंग दी गयी है।
  • रिपोर्ट में कहा गया कि स्विट्जरलैंड ने कानूनी स्वामित्व की जानकारी देने, मृतक व्यक्तियों के बारे में सूचनाओं के आदान-प्रदान और चुराए गए डेटा के संबंध में अनुरोधों पर कार्रवाई करने में उल्लेखनीय सुधार किया है।
  • रिपोर्ट में हालांकि कहा गया है कि स्वामित्व की जानकारी देने और सूचना तथा गोपनीयत के क्षेत्र में कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं।
  • भारत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान स्विस बैंकों में जमा काले धन का मुद्दा राजनीतिक रूप से काफी अहम रहा है और स्विट्जरलैंड अपने वित्तीय संस्थानों के बारे में लंबे समय से इस प्रचलित धारणा को खत्म करने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहा है कि वहां विभिन्न देशों के लोगों द्वारा अघोषित धन को छिपाया जाता है।
  • स्विट्जरलैंड ने पिछले एक साल में भारत से संबंधित 500 से अधिक मामलों में विस्तृत जानकारी साझा की है। ये मामले कर धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित हैं।

आर्थिक सहयोग और विकास संगठन क्या है?

  • आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) एक अंतरसरकारी आर्थिक संगठन है जो बेहतर जीवन के लिए बेहतर नीतियां बनाने का कार्य करती है। आर्थिक प्रगति और विश्व व्यापार को प्रोत्साहित करने हेतु इस संगठन की स्थापना के लिए 1960 में कन्वेंशन को अपनाया गया। आधिकारिक रूप से 30 सितम्बर 1961 में कन्वेंशन के प्रवर्तन में आने पर OECD की स्थापना हुई। वर्तमान में इस संगठन के 36 सदस्य है एवं इसका मुख्यालय पेरिस-फ्राँस में स्थित है।

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