यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (28 अगस्त 2020)

Daily Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


‘एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम’ (AWACS)

चर्चा में क्यों?

  • केंद्र सरकार, भारतीय वायुसेना के लिए इजराइल से दो फाल्कन अवॉक्स (Phalcon AWACS) खरीदने की तैयारी कर रही है।
  • करीब एक अरब डॉलर में फाल्कन नामक ‘एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम ’(Airborne Warning and Control System -AWACS) की इस सरकारी खरीद को मंजूरी देने की प्रक्रिया निर्णायक स्तर पर पहुंच चुकी है।
  • पूर्वी लद्दाख में अत्यधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर चीन के साथ भारत के जारी सीमा विवाद के बीच दो फाल्कन ‘अवाक्स’ खरीदने के लिये इजराइल के संबद्ध अधिकारियों के साथ बातचीत की गई है।
  • वायुसेना के पास पहले से तीन फाल्कन ‘अवाक्स’ हैं तथा दो और मिल जाने से देश की हवाई रक्षा और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

‘एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम’ - AWACS) (Phalcon Airborne Warning and Control Systems)

क्या है एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम?

  • एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम(अवॉक्स), एक हवाई राडार पिकेट प्रणाली(airborne radar picket system) है जिसे लंबी दूरी पर विमान, जहाजों और वाहनों का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया जाता है।
  • यह प्रणाली विमान पर ही कमांड एवं कंट्रोल तथा ‘पूर्व चेतावनी’ सुलभ कराती है , जिससे वायु सेना को हवाई क्षेत्र में कम से कम समय में प्रभावकारी वर्चस्‍व सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

क्या है फाल्कन अवॉक्स (Phalcon AWACS)?

  • फाल्कन ‘अवाक्स’ को इजराइल की रक्षा कंपनी ने विकसित किया है।
  • भारत ने फाल्कन ‘अवाक्स’ को रूसी मूल के इलयुशीन-76 परिवहन विमान पर लगाया गया है और इसकी शानदार निगरानी क्षमताओं को लेकर इसे आसमान में ‘आंख’ कहा गया है।
  • फाल्कन ‘अवाक्स’ दुश्मन के विमान, उसकी मिसाइलों और सीमा पर सैनिकों की गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम है।

स्वदेशी अवॉक्स के बारे में

  • भारतीय वायुसेना के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने स्वदेशी एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम(अवॉक्स) भी विकसित किया है।
  • वर्ष 2003 में डीआरडीओ ने स्वदेशी अवॉक्स विकसित करने की परियोजना की शुरुआत की थी।

नेत्र (NETRA) के बारे में

  • डीआरडीओ ने नेत्र (NETRA) नामक स्वदेशी एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम(अवॉक्स) विकसित किया है।
  • ‘नेत्र’ को विकसित करने का काम वर्ष 2007 में शुरू हुआ था तथा वर्ष 2017 में ‘नेत्र’ का पहला एयरक्राफ्ट वायुसेना को दिया गया था।

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों का उप-वर्गीकरण

चर्चा में क्यों?

  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके 2004 के फैसले पर फ़िर से विचार किए जाने की ज़रूरत है, जिसमें कहा गया था कि शैक्षणिक संस्थानों में नौकरियों और प्रवेश में आरक्षण देने के लिए राज्यों के पास अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों का उप-वर्गीकरण करने की शक्ति नहीं है।
  • जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली 5 जजों की पीठ ने इस मामले को आगे विचार के लिए 7 जजों की बेंच के पास भेजे जाने की बात कही है।

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क्या था सुप्रीम कोर्ट का 2004 का फैसला?

  • वर्ष 2004 में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ ने ई वी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश राज्य के मामले में फैसला दिया था कि किसी वर्ग को प्राप्त कोटे के भीतर एक और कोटे की अनुमति नहीं है।
  • सुप्रीम कोर्ट के इसी फैसले के आधार पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने आरक्षण देने के लिए एससी/एसटी को उप-वर्गीकृत करने की पंजाब सरकार को शक्ति देने वाले राज्य के एक कानून को निरस्त कर दिया था।
  • हाईकोर्ट ने अपने फैसले में पंजाब अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग (सेवा में आरक्षण) अधिनियम, 2006 की धारा 4 (5) को रद्द कर दिया गया था, जिसके तहत प्रत्यक्ष भर्ती में अनुसूचित जाति के लिए आर‌क्षित रिक्तियों का 50 प्रतिशत पहली वरीयता के रूप में बाल्मीकि और मजहबी सिखों को देने का प्रावधान था।

अनुसूचित जाति/जनजाति के आरक्षण के प्रावधान

  • अनुच्छेद 330 लोकसभा में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
  • अनुच्छेद 332 में प्रत्येक राज्य के विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान है।
  • अनुच्‍छेद 243घ पंचायतों में अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों के आरक्षण का उपबंध करता है।
  • अनुच्छेद 15(4) और 16(4) के तहत क्रमशः शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी सेवाओं में आरक्षण का प्रावधान।

रिमोट लर्निंग रीचेबिलिटी रिपोर्ट (Remote Learning Reachability Report)

चर्चा में क्यों?

  • यूनीसेफ द्वारा जारी की गई ‘रिमोट लर्निंग रीचेबिलिटी रिपोर्ट’ में दूरस्थ ऑनलाइन शिक्षा हासिल करने के लिए जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।

UNICEF

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

  • रिपोर्ट के अनुसार भारत में ऑनलाइन शिक्षा पाने के लिए सिर्फ 24 प्रतिशत भारतीय परिवारों के पास इंटरनेट की सुविधा है।
  • भारत में इंटरनेट तक पहुंच हासिल करने के मामले में एक बड़ा ग्रामीण- शहरी और लैंगिक विभाजन है।
  • उच्च, मध्यम और निम्न-आय वाले परिवारों के बीच शिक्षा का अंतर और बढ़ सकता है क्योंकि आर्थिक रूप से वंचित परिवारों के बच्चे दूरस्थ शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते।
  • भारत में पूर्व-प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के 28.6 करोड़ बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है, जिनमें 49 प्रतिशत लड़कियां शामिल हैं।
  • ज्यादातर पिछड़े समुदायों के छात्रों, विशेषकर लड़कियों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं।
  • यहाँ स्मार्टफोन और डिजिटल पहुंच है, वहाँ इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है।
  • रिपोर्ट में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सामग्री और उनकी मातृभाषा में अनुपलब्धता को भी दर्शाया गया है।
  • हालांकि रिपोर्ट में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा छात्रों के लिए घर पर पढ़ाई को सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल और गैर-डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से की गई पहल का जिक्र किया गया है।
  • साथ ही यूनिसेफ ने बच्चों व छात्रों की सीखने की सामग्री के उपयोग और उन तक पहुंच पाने की व्यवस्था में सुधार के लिए कई कदम उठाने और रणनीति बनाने का आह्वान भी किया है।

यूनिसेफ (UNICEF) के बारे में

  • संयुक्त राष्ट्र बाल कोष की स्थापना सयुंक्त राष्ट्र महासभा ने द्वितीय विश्व युद्ध में नष्ट हुए राष्ट्रों के बच्चों को खाना और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 1946 में की थी।
  • इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में है।
  • यूनीसेफ के प्रोत्साहन स्वरूप 1989 में महासभा द्वारा बाल अधिकारों पर संधि को स्वीकार किया गया। यह संधि 1990 से लागू हुई।
  • यूनीसेफ को 1965 में शांति का नोबेल पुरस्कार भी दिया जा चुका है।

अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार - 2020

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में वर्ष 2020 के लिए अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार की घोषणा की गई है।

अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार - 2020 (International Booker Prize 2020)

प्रमुख बिन्दु

  • इस बार के अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार को नीदरलैंड की 29 वर्षीय मारिके लुकास रिजनेवेल्ड ने जीता है। इसी के साथ मारिके लुकास रिजनेवेल्ड अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली सबसे कम उम्र की लेखक बन गई हैं।
  • मैरीकॉम लुकास रिजनेवेल्ड ने अपनी पुस्तक ‘द डिस्कम्फर्ट ऑफ इवनिंग’ के लिए अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार-2020 जीता है।
  • ‘द डिस्कम्फर्ट ऑफ इवनिंग’, ग्रामीण नीदरलैंड के एक कट्टर ईसाई समुदाय के एक किसान परिवार की कहानी है।

अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के बारे में

  • यह पुरस्कार हर साल किसी भी भाषा के काल्पनिक कथा उपन्यास को दिया जाता है जिसका अनुवाद अंग्रेजी में हुआ है और प्रकाशन ब्रिटेन अथवा आयरलैंड में हुआ हो।
  • इस साल 30 भाषाओं से अनुवाद की गई 124 किताबें दौड़ में थीं।
  • इसका लक्ष्य विश्वभर में अच्छे उपन्यास के अधिक प्रकाशन और उसे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।
  • इसे सामान्यतः केवल एक ही व्यक्ति को दिया जाता है।