यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (26 सितंबर 2020)

Daily Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में भारत सरकार ने भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) को समाप्त करके , अब इसके स्थान पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) का गठन किया है।

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प्रमुख बिन्दु

  • केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 की धारा 60 की उपधारा (1) के अनुबंधों के अनुसरण में भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 को 25 सितंबर 2020 से निरस्त किया जाता है और भारतीय चिकित्सा परिषद द्वारा नियुक्त किए गए शासक मंडल को भी तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया गया है।
  • इस प्रकार अब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के तहत गठित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) , भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) का स्थान लेगा।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के बारे में

  • अगस्त 2019 में संसद ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम 2019 को पारित किया था।
  • इस अधिनियम में एक राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के गठन का प्रावधान किया गया है।
  • एनएमसी के अध्यक्ष के अलावा 10 अन्य अधिकारी सदस्य होंगे जिनमें चारों स्वायत्त बोर्डों के अध्यक्ष शामिल हैं।

एनएमसी के उद्देश्य

  • इस ऐतिहासिक सुधार के चलते भारतीय चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी और गुणवत्तापूर्ण उत्तरदायी व्यवस्था बनेगी।
  • इसके तहत सबसे बड़ा बदलाव यह आया है कि नियामक नियंत्रक का चयन योग्यता के आधार पर किया जाएगा ना कि चुने गए नियामक नियंत्रक द्वारा। महिला एवं पुरुषों के शुचितापूर्ण एकीकरण, व्यवसायीकरण, अनुभव और व्यक्तित्व को महत्त्व मिलेगा इससे चिकित्सा शिक्षा में और सुधार होंगे।

एनएमसी के कार्य

  • एनएमसी का मुख्य कार्य नियामक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना,संस्थाओं का मूल्यांकन, एचआर आकलन और शोध पर अधिक ध्यान देना है।
  • इसके अलावा, एमबीबीएस के उपरांत कॉमन फाइनल ईयर परीक्षा के तौर- तरीकों पर काम करना है जिसका उद्देश्य पंजीकरण और परास्नातक प्रवेश के लिए सेवाएं देना, निजी चिकित्सा विद्यालयों के शुल्क ढांचे का नियमन करना और सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने के बारे में मानक तय करना जिसमें सीमित सेवा लाइसेंस दिया जाएगा।

अन्य स्वायत्त बोर्ड

  • एनएमसी के साथ ही 4 अन्य स्वायत्त बोर्डों का गठन भी किया गया है।
  • एनएमसी के साथ-साथ जिन चार बोर्डों पर गठन किया गया है वह भी आज से प्रभावी हो गए हैं।
  • इसमें स्नातक चिकित्सा शिक्षा बोर्ड, परास्नातक चिकित्सा शिक्षा बोर्ड, चिकित्सा आकलन व मानक बोर्ड और नैतिक एवं चिकित्सा पंजीकरण बोर्ड शामिल हैं।
  • ये स्वायत्त बोर्ड एनएमसी को दिन-प्रतिदिन के कम-काज में मदद करेंगे।

पिनाका (PINAKA)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में पिनाका हथियार प्रणाली(Pinaka weapon system) की अथारिटी होल्डिंग सील्ड पार्टिकुलर (Authority Holding Sealed Particulars - AHSP) की जिम्मेदारी डीआरडीओ द्वारा डीजीक्यूए(DGQA) को सौंप दी गई है।
  • एएचएसपी (AHSP) को किया गया यह हस्तांतरण पिनाका रॉकेट, लॉन्चर, बैटरी कमांड पोस्ट(Battery Command Posts), लोडर सह प्रतिकृति(Loader Cum Replenishment) और प्रतिकृति वाहनों(Replenishment Vehicles) के उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता आश्वासन प्रक्रियाओं(Quality Assurance processes) के सफल स्थापना को इंगित करता है।

पिनाका (PINAKA)

  • पिनाका (PINAKA) स्वदेश विकसित मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम है। इस हथियार प्रणाली को डीआरडीओ की पुणे स्थित प्रयोगशाला में विकसित किया गया है।
  • इसकी रेंज 37.5 किमी है।
  • पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट 44 सेकंड में 12 रॉकेटों को लॉन्च करने की क्षमता से युक्त है।
  • पिनाका हथियार प्रणाली अत्याधुनिक गाइडेंस किट और आधुनिक नेवीगेशन तथा नियंत्रण प्रणाली से भी लैश है।पिनाका का नेविगेशन इंडियन रीजनल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (आईआरएनएसएस) के जरिये किया जाता है, जिसे ‘नाविक’ भी कहते हैं।
  • पिनाका रॉकेट और इसके ग्राउंड सिस्टम वर्तमान में आयुध कारखानों, बीईएमएल, बीईएल, टाटा पावर और एल एंड टी डिफेंस द्वारा बनाये जा रहे हैं।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)

  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (Defense Research and Development Organization) भारत की रक्षा से जुड़े अनुसंधान कार्यों के लिये देश की अग्रणी संस्था है।
  • यह संगठन भारतीय रक्षा मंत्रालय की एक आनुषांगिक ईकाई के रूप में काम करता है।
  • इसकी स्थापना 1958 में भारतीय थल सेना एवं रक्षा विज्ञान संस्थान के तकनीकी विभाग के रूप में की गयी थी।

गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय (DGQA)

  • यह रक्षा मंत्रालय(भारत सरकार) के अंतर्गत कार्य करता है।
  • गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय (DGQA) , सशस्त्र बलों को आपूर्ति किये जाने वाले हथियारों, गोला-बारूद, उपकरणों की पूरी श्रृंखला के लिये गुणवत्ता आश्वासन (Quality Assurance- QA) प्रदान करता है।