यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (26 अगस्त 2020)

Daily Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा)

चर्चा में क्यों?

  • एपीडा ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के हित में आपसी गतिविधियों के समन्वय के लिए एएफसी इंडिया लिमिटेड (formerly Agricultural Finance Corporation Ltd) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (National Cooperative Union of India) के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।

एएफसी इंडिया और एपीडा का समझौता

  • एएफसी इंडिया लिमिटेड जैविक उत्पादन प्रणाली के साथ-साथ रासायनिक/अवशेष मुक्त उत्पादन प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप की आवश्यकता की पहचान करेगा व इन्हें पेश करेगा और साथ ही साथ विभिन्न फसलों/फलों और सब्जियों के वर्तमान प्रति इकाई क्षेत्र उत्पादन स्तर को बनाए रखेगा/बढ़ाएगा।
  • अंतर्राष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप व एपीडा के दिशानिर्देशों का अनुपालन करते हुए एएफसी साझा प्रसंस्करण केंद्रों को विकसित करने के लिए सुविधा और समर्थन प्रदान करेगा।
  • एएफसी, संपूर्ण मूल्य श्रृंखला प्रणाली को प्रभावी ढंग से समर्थन प्रदान करने का प्रयास करेगा और शुरू में वाणिज्यिक क्षमता-निर्माण के लिए आवश्यक मदद करेगा, जब तक ये क्लस्टर और मूल्य श्रृंखला आत्मनिर्भर नहीं हो जाते हैं।
  • एएफसी, कृषि निर्यात नीति के तहत अधिसूचित निर्यात केन्द्रित क्लस्टर्स तथा एपीडा द्वारा परियोजना मोड में सुझाए गए अन्य क्लस्टर में सभी गतिविधियों को जमीनी स्तर पर लागू करेगा और इसके लिए केंद्र व राज्य प्रायोजित कार्यक्रमों के अंतर्गत वर्तमान में उपलब्ध सब्सिडी की मांग करेगा।
  • सभी हितधारकों (किसान समेत) के लिए उत्पादन-पूर्व, उत्पादन, फसल तैयारी के बाद, प्रारंभिक प्रसंस्करण, द्वितीयक प्रसंस्करण और परिवहन/वितरण से सम्बंधित दिशानिर्देश विकसित करने के लिए एपीडा, एएफसी को प्रोत्साहित करेगा, ताकि अंतर्राष्ट्रीय मानकों का अनुपालन किया जा सके।
  • एपीडा द्वारा पहचाने गए क्लस्टर के विकास के लिए एएफसी कार्य करेगा और इसके लिए विभिन्न मंत्रालयों की योजनाओं के समन्वय से संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में विभिन्न परियोजनाओं को लागू करेगा।

भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ और एपीडा के बीच समझौता

  1. किसानों को निर्यात के अवसरों का लाभ प्रदान करके सरकार द्वारा कृषि निर्यात नीति (ए ई पी) में निर्धारित किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मिलकर काम करना।
  2. कृषि-उपज की गुणवत्ता में सुधार और किसान को बेहतर मूल्य प्राप्ति के लिए कृषि उत्पादन में संलग्न सहकारी समितियों के साथ काम करना। एपीडा, एनसीयूआई द्वारा पहचाने गए और प्रशिक्षित सहकारी समितियों को निर्यात की सुविधा प्रदान करेगा।
  3. एपीडा एनसीयूआई द्वारा पहचान की गई सहकारी समितियों को कृषि-उपज, जैविक उत्पादन/कृषि भूमि से सम्बंधित आवश्यक प्रमाणपत्रों की सुविधा प्रदान करेगा।
  4. क्षेत्रीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कार्यशालाओं, विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों, और कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन करके कृषि-प्रसंस्करण के क्षेत्र में सहकारी समितियों/एसएचजी की क्षमता को विकसित करने की दिशा में काम करना।
  5. भारतीय और वैश्विक बाजारों में कृषि उत्पादों के प्रदर्शन के लिए साथ काम करना। देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनियों/व्यापार मेलों/बी 2 बी बैठकों का आयोजन करके कृषि-उत्पाद/प्रसंस्करण से सम्बंधित सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित/प्रस्तुत किए जा रहे उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन करना। प्रदर्शनियों/व्यापार मेलों/बी2बी बैठकों को क्षेत्रीय/राज्य/राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन के सम्बन्ध में दोनों पक्ष मिलकर निर्णय लेंगे।
  6. कृषि-उत्पादन/प्रसंस्करण सहकारी समितियों की एक राष्ट्र-व्यापी निर्देशिका तैयार करना।

एएफसी इंडिया लिमिटेड के बारे में

  • एएफसी इंडिया लिमिटेड (पूर्व में कृषि वित्त निगम लिमिटेड), भारत में कृषि, ग्रामीण विकास और अन्य रणनीतिक सामाजिक-आर्थिक क्षेत्रों के लिए परामर्श, सलाहकार और कार्यान्वयन सहायता प्रदान करने वाला एक बहु-अनुशासनात्मक विकास संगठन है।
  • इसकी संगठन को 1968 में स्थापित किया गया था। यह वाणिज्यिक बैंकों, नाबार्ड और EXIM बैंक (एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया) के पूर्ण स्वामित्व वाला संगठन है।
  • इसका मुख्यालय- मुंबई, महाराष्ट्र में है।

भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ (NCUI) के बारे में

  • NCUI बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत भारत के सहकारी आंदोलन का शीर्ष संगठन है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य भारत में सहकारी आंदोलन को बढ़ावा देना और विकसित करना है।
  • इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।

एपीडा के बारे में

  • कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की स्थापना 1985 में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण अधिनियम के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा की गई थी।
  • एपीडा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन स्थापित एक प्राधिकरण है।

इंटरपोल और इंटरपोल के विभिन्न नोटिस

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) बैंक धोखाधड़ी मामले के मुख्य आरोपित नीरव मोदी की पत्नी के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है।
  • 13,500 करोड़ रुपये की जालसाजी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आग्रह पर इंटरपोल ने यह कदम उठाया है।

क्या है इंटरपोल

  • इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन (इंटरपोल) एक संस्था है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुलिस के बीच समन्वय का काम करती है। इंटरपोल उन देशों के बीच समन्वय का काम करती है जो इस संस्था के सदस्य हैं।
  • इंटरपोल की स्थापना का विचार सबसे पहले 1914 में मोनाको में आयोजित पहली अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस कांग्रेस में रखा गया और उसके बाद इंटरपोल की स्थापना आधिकारिक रूप से 1923 में की गयी और इसका नाम ‘अंतर्राष्ट्रीय अपराध पुलिस आयोग’ रखा गया। बाद में साल 1956 में इसका नाम ‘इंटरपोल’ रखा गया।
  • इंटरपोल मुख्य रूप से इन तीन प्रकार के अपराधों (काउंटर-टेरेरिज्म,साइबर अपराध,संगठित अपराध) के लिए अपनी पुलिस विशेषज्ञता और क्षमताओं का इस्तेमाल करता है।

इंटरपोल की विविध नोटिस

  • इंटरपोल के प्रधान सचिवालय द्वारा, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (एनसीबी) और अधिकृत संस्थाओं के निवेदन पर 8 तरह के नोटिस जारी किए जाते हैं। ये नोटिस इंटरपोल की चार आधिकारिक भाषाओँ- अंग्रेजी, फ्रेंच, अरबी और स्पेनिश में प्रकाशित किए जाते हैं। इस तरह के नोटिस जारी करने के पीछे इंटरपोल का मकसद सदस्य देशों की पुलिस को सतर्क करना होता है ताकि संदिग्ध अपराधियों को पकड़ा जा सके या खोये हुए व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। यथा –

 

  1. रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice)
  2. पीला कार्नर नोटिस (Yellow Corner Notice)
  3. ब्लैक कार्नर नोटिस (Black Corner Notice)
  4. बैंगनी नोटिस (Purple corner Notice)
  5. ग्रीन कॉर्नर नोटिस (Green Corner Notice)
  6. इंटरपोल-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद विशेष नोटिस (Interpol-United Nations Security Council Special Notice)
  7. ऑरेंज कार्नर नोटिस (Orange Corner Notice)
  8. ब्लू कॉर्नर नोटिस (Blue corner Notice)

रेड कॉर्नर नोटिस

  • यह नोटिस वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी या उनके प्रत्यर्पण को हासिल करने के लिए किया जाता है। रेड कॉर्नर नोटिस एक ऐसे व्यक्ति को ढूंढने और उसे अस्थायी रूप से गिरफ्तार करने का अनुरोधPNB Fraud Case : Interpol Issues Red Notice है जिसे आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया है।

पीला कार्नर नोटिस

  • यह नोटिस लापता या अगवा हुए व्यक्तियों (अक्सर नाबालिगों और दिमागी रूप से कमजोर लोगों का पता लगाने) के लिए जारी किया जाता है। इस नोटिस की मदद से लापता व्यक्तियों के मिलने की गुंजाइश बढ़ जाती है। इस नोटिस की प्रतियाँ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भी चिपकायी जातीं हैं ताकि यदि कोई व्यक्ति खोये/अपहृत व्यक्ति के बारे में जानकारी देना चाहे तो आसानी से दे सके।

ब्लैक कार्नर नोटिस

  • अज्ञात व्यक्तियों की जानकारी लेने के लिए इंटरपोल द्वारा ब्लैक नोटिस जारी किया गया है। यहां अज्ञात व्यक्ति का अर्थ है एक ऐसी मृत व्यक्ति से है जिसकी पहचान पुलिस और चिकित्सा परीक्षकों द्वारा नही बताई जा सकी है।

बैंगनी कार्नर नोटिस

  • इस तरह की नोटिस पर्यवरण को नुकसान पहुँचाने वाले लोगों के खिलाफ जारी की जाती है।यह नोटिस उन अपराधियों के लिए जारी की जाती है जो वन्य जीवों का शिकार करते हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनके शरीर के हिस्से बेचते हैं। भारत में एक सींग वाले गेंडे का शिकार (इसके सींग की चीन के बाजार में बहुत मांग है) और बंगाल टाइगर का शिकार (खाल और नाखून के लिए) करने वाले लोगों के खिलाफ इस प्रकार का नोटिस जारी किया जाता है।

ग्रीन कॉर्नर नोटिस

  • ग्रीन नोटिस को ऐसे व्यक्तियों के बारे में चेतावनी और जानकारी प्रदान करने के लिए जारी की जाती है जिन्होंने जघन्य अपराध किए हैं और भविष्य में इन अपराधों को फिर कर सकते हैं। इस प्रकार के नोटिस बार-बार यौन अपराध करने वाले लोगों के खिलाफ जारी की जाती है।

इंटरपोल-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद विशेष नोटिस

  • इस प्रकार की नोटिस, ऐसे समूहों और व्यक्तियों के लिए जारी की जाती है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समितियों (UN Security Council Sanctions Committees)के निशाने पर होते हैं। लश्कर-ए-तैयबा, तालिबान और अल-कायदा जैसे आतंकवादी समूहों को इस तरह की नोटिस जारी किये गए है।

ऑरेंज कार्नर नोटिस

  • इस प्रकार की नोटिस एक ऐसे व्यक्ति, वस्तु, पार्सल बम, संदिग्ध हथियार और अन्य खतरनाक और विस्फोटक सामग्री के बारे में सतर्क करने के लिए जारी की जाती है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा हो।

ब्लू कॉर्नर नोटिस

  • ब्लू कॉर्नर नोटिस एक ऐसा नोटिस जिसका इस्तेमाल ऐसे व्यक्ति का पता लगाने के लिए किया जाता है, जो अपराधी है और लापता है।

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP)

चर्चा में क्यों?

  • राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पर्यावरण और वन मंत्रालय को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) पर उसकी रिपोर्ट को लेकर फटकार लगाई है जो 2024 तक वायु प्रदूषण में 20-30 प्रशितत की कमी का प्रस्ताव करता है।

National Clean Air Programme

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा की गयी टिप्पणी

  • एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) पर रिपोर्ट को लेकर फटकार भी लगाई जिसमे 2024 तक 20 से 30 फीसद वायु प्रदूषण कम करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही पीठ ने टिप्पणी कि मंत्रालय का दृष्टिकोण संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संवैधानिक शासनादेश के खिलाफ है।
  • ट्रिब्यूनल ने छह महीने के भीतरपुरे देश में 175 वायु गुणवत्ता निगरानी (एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग) स्टेशन स्थापित करने का निर्देश दिया है। ट्रिब्यूनल ने इस उद्देश्य के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 'कंसेंट मैकेनिज्म', 'पर्यावरणीय मुआवजा' के तहत उपलब्ध कोष का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया हैं।

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP)

  • केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जनवरी 2019 में प्रदूषण से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) शुरू किया था।
  • राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम का उद्देश्य वायु प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और उसे कम करने के लिए बड़े पैमाने पर काम करना है।
  • इसके अंतर्गत पूरे देश में वायु की गुणवत्ता निगरानी को बेहतर बनाने और वायु प्रदूषण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने का भी प्रयास किया जाना है।
  • इस कार्यक्रम के तहत वर्ष 2024 तक हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 प्रदूषकों के स्तर में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदूषण में कमी का यह आंकलन 2017 में हवा की गुणवत्ता के आधार पर होगा।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी)

  • राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण अधिनियम, 2010 द्वारा भारत में एक राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की स्थापना की गई है।
  • यह एक विशेष पर्यावरण अदालत है जो पर्यावरण संरक्षण और वनों का संरक्षण से संबंधित मामलों कि सुनवाई करती है।
  • अधिकरण की प्रधान पीठ नई-दिल्ली में और भोपाल, पुणे, कोलकाता और चेन्नई अधिकरण के अन्य चार पीठें हैं।
  • इसमें पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में भारत के सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायिक सदस्य और विशेषज्ञ सदस्य शामिल होते हैं।
  • प्रत्येक श्रेणी में निर्धारित न्यायिक और विशेषज्ञ सदस्यों की न्यूनतम संख्या 10 अधिकतम संख्या 20 होती है।

कावकाज-2020 (Kavkaz-2020)

चर्चा में क्यों?

  • भारत, सितंबर माह में रूस में होने वाले बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास 'कावकाज 2020' (Kavkaz-2020) या ‘काकेशस -2020’ में भाग लेने के लिए अपनी तीनों सेनाओं की एक टुकड़ी(contingent) को भेजेगा।
  • कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत के बाद भारत पहली बार किसी मेगा मिलिटरी ड्रिल में हिस्सा लेने जा रहा है।
  • कावकाज- 2020 सैन्य अभ्यास में भारत के अलावा चीन, पाकिस्तान और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के दूसरे सदस्य देश भी हिस्सा लेंगे ।
  • यह मेगा मिलिटरी ड्रिल ऐसे समय में होने जा रही है जब पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच लंबे वक्त से तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारत और चीन दोनों ही शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य हैं।

कावकाज- 2020

  • यह अभ्यास दक्षिण रूस के अस्ट्राखान क्षेत्र में 15 से 26 सितंबर के बीच आयोजित किया जाएगा।
  • इस अभ्यास का लक्ष्य साझेदारी में सुधार लाना है।
  • इसमें शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों, भारत, चीन, पाकिस्तान, रूस, कजाखिस्तान, किरगिस्तान, तजाकिस्तान और उजबेकिस्तान के अलावा मंगोलिया, सीरिया, ईरान, मिस्र, बेलारूस, तुर्की, अजरबैजान, आर्मीनिया और तुर्कमेनिस्तान की सेनाएं भी भाग लेंगी।

शंघाई सहयोग संगठन

  • शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation-SCO), एक यूरेशियन राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संगठन है ।
  • इस संगठन की स्थापना रूस ,चीन, कज़ाख़स्तान, किर्गिज़स्तान, उज़्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान द्वारा 15 जून, 2001 को शंघाई (चीन) में की गई थी।
  • अभी इस संगठन वर्तमान में आठ सदस्य देश हैं , यथा- रूस ,भारत, कजाकिस्तान, चीन, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान और किर्गिस्तान हैं। भारत 2017 में इसका सदस्य बना था। इसके अतिरिक्त , इस संगठन के चार पर्यवेक्षक और छह संवाद सहयोगी सदस्य देश भी हैं।
  • शंघाई सहयोग संगठन का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय ‘शासनाध्यक्ष परिषद’ है। इस परिषद की वार्षिक बैठक में सदस्य देशों के प्रमुख हिस्सा लेते हैं।
  • एससीओ का उद्देश्य क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को बनाए रखना है।
  • आर्कटिक महासागर से हिन्द महासागर और प्रशांत महासागर से लेकर बाल्टिक सागर तक फैली दुनिया की करीब 44 प्रतिशत आबादी एससीओ में शामिल देशों की है।