यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (24 जून 2020)


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM)

चर्चा में क्यों

  • वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत एक स्पेशल पर्पस व्हीकल, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) ने विक्रेताओं के लिए यह अनिवार्य बना दिया है कि जीईएम पर सभी नए उत्पादों को पंजीकृत करने के समय वे उत्पत्ति के देश के बारे में जानकारी अवश्य दें। जीईएम ने यह उल्लेखनीय कदम ‘मेक इंन इंडिया‘ तथा ‘आत्म निर्भर भारत‘ को बढ़ावा देने के लिए उठाया है।

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (Government e Marketplace - GeM)

क्या बदलाव किये गए है?

  • विक्रेताओं के लिए यह अनिवार्य बना दिया है कि जीईएम पर सभी नए उत्पादों को पंजीकृत करने के समय वे उत्पत्ति के देश के बारे में जानकारी अवश्य दें।
  • जिन विक्रेताओं ने जीईएम पर इस नए फीचर के लागू होने से पूर्व अपने उत्पादों को पहले ही अपलोड कर लिया है, उन्हें, इस चेतावनी के साथ कि अगर वे इसे अपडेट करने में विफल रहे तो उनके उत्पादों को जीईएम से हटा दिया जाएगा, नियमित रूप से उत्पत्ति के देश का अद्यतन करने के लिए स्मरण दिलाया जा रहा है।
  • जीईएम ने उत्पादों में स्थानीय कंटेंट की प्रतिशतता का संकेत देने के लिए भी एक प्रावधान किया है। इस नए फीचर के साथ, अब उत्पत्ति का देश तथा स्थानीय कंटेंट की प्रतिशतता सभी मदों के लिए मार्केटप्लेस में दृष्टिगोचर हैं।
  • अब पोर्टल पर ‘मेक इंन इंडिया‘ फिल्टर सक्षम बना दिया गया है। खरीदार केवल उन्हीं उत्पादों की खरीद कर सकता है जो कम से कम 50 प्रतिशत के स्थानीय कंटेंट के मानदंड को पूरी करते हैं।
  • बोलियों के मामले में, खरीदार अब क्लास 1 स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं (स्थानीय कंटेंट >50 प्रतिशत) के लिए किसी भी बोली को आरक्षित कर सकते हैं।
  • 200 करोड़ रुपये से नीचे की बोलियों के लिए केवल क्लास 1 तथा क्लास 2 स्थानीय आपूर्तिकर्ता (स्थानीय कंटेंट क्रमशः >50 प्रतिशत और >20 प्रतिशत) ही बोली लगाने के पात्र हैं जिसमें क्लास 1 आपूर्तिकर्ता को खरीद वरीयता प्राप्त होगी।
  • सरकारी उपयोगकर्ताओं द्वारा जीईएम के माध्यम से खरीदों को वित मंत्रालय द्वारा सामान्य वित्तीय नियम, 2017 में एक नए नियम संख्या 149 को जोड़े जाने के जरिये अधिकृत और अनिवार्य बना दिया है।

GeM क्या है?

  • GeM एक आधुनिक व स्टेट ऑफ़ आर्ट से से बना राष्ट्रीय खरीददारी मंच अर्थात् National Public Procurement Platform है।
  • इसे वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य संभावित विक्रेताओं को एक ऐसा आधुनिक और सुविधाजनक मंच प्रदान करना है जिससे वे अपने उत्पादों को सरकार की आवश्यकता अनुसार बिना किसी रुकावट के उपलब्ध करा सकें।

क्या है GeM के लाभ?

  • यह पारदर्शिता बढ़ाता है जिससे खरीददारी में भ्रष्टाचार या ऐच्छिक गतिविधियों को कम किया जा सकता है।
  • यह खरीददारी व्यवस्था को और प्रभावी बनाता है जिससे कम समय में बेहतर ढ़ंग से सार्वजनिक खरीददारियों को पूरा किया जाता है। एवं सरकारी समय या धन को बचाया जा सकता है।
  • यह सार्वजनिक खरीददारी प्रक्रिया को सुरक्षित व नियमित बनाता है।
  • यह वित्तीय पारदर्शिता से सरकारी खजाने की बचत को भी बढ़ाता है।

उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए 'युक्ति 2.0' पहल

चर्चा में क्यों

  • हाल ही में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री, श्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने ‘युक्ति 2.0’ पहल की शुरुआत की है।

क्या है 'युक्ति 2.0'?

  • उच्च शिक्षण संस्थानों में व्यावसायिक क्षमता और इनक्यूबेटेड स्टार्टअप से संबंधित सूचनाओं को व्यवस्थित करने में सहायता प्रदान करने के लिए ‘युक्ति 2.0’ पहल की शुरुआत की गयी है।
  • इससे पहले 11 अप्रैल, 2020 को युक्ति (यंग इंडिया कॉम्बेटिंग कोविड विद नॉलेज, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन)) वेब पोर्टल का शुभारंभ किया था। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए इस पोर्टल तैयार किया था। पोर्टल का उद्देश्य बहुत ही समग्र और व्यापक तरीके से कोविड -19 चुनौतियों के विभिन्न आयामों को कवर करना है।
  • इस पोर्टल के माध्यम से मानव संसाधन विकास मंत्रालय यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को अपनी प्रौद्योगिकियों और नवाचारों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के लिए उचित सहायता मिल रही है।
  • युक्ति 2.0 कोविड महामारी में प्रासंगिक विचारों की पहचान करने के लिए एमएचआरडी की पहल 'युक्ति' के पूर्व संस्करण का तार्किक विस्तार है। युक्ति 2.0 जैसी पहल हमारे शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देने में भी सहायता प्रदान करेगी।

युक्ति 2.0 के लाभ

  • यह डाटाबेस हमारे उच्च शिक्षण संस्थानों में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिति का स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करेगा। इससे सरकार को समस्याओं की पहचान करने और देश में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए उचित नीतियां बनाने में भी सहायता मिलेगी।
  • यह पोर्टल उच्च शिक्षा प्रणाली में नवाचारों और उद्यमिता संस्कृति को बढ़ावा देने और राष्ट्र निर्माण में युवाओं को शामिल करने की दिशा में मददगार साबित होगा।
  • ‘युक्ति 2.0’ भी उच्च और तकनीकी संस्थानों से कई और समाधानों की पहचान करने में सहायता प्रदान करेगा।
  • युक्ति 2.0 अभिनव आविष्कारों को स्टार्टअप के जरिये निवेशकों के साथ जोड़कर उच्च शिक्षा अभिनव प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा दिया जा सके।

तुरंत कस्टम्स कार्यक्रम

चर्चा में क्यों

  • केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा “तुरंत कस्टम्स” कार्यक्रम के तहत पेपरलेस निर्यात की सुविधा प्रदान की गई है।

Central Board of Indirect Taxes and Customs

क्या है तुरंत कस्टम्स कार्यक्रम?

  • “तुरंत कस्टम्स” पहल का मुख्य घटक फेसलेस असेसमेंट है जिसको विभिन्न चरणों में 1 जनवरी 2021 तक पूरे देश में लागू किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, आयातकों के सामान का क्लीयरेंस फेसलेस, कांटेक्टलेस और पेपरलेस हो जायेगा।
  • इस कार्यक्रम के द्वारा किये गए सुधार का मुख्य बल आयातकों, निर्यातकों और अन्य हितधारकों के लिए समय और लागत को कम करने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी के उन्नत उपयोग पर आधारित हैं।
  • इससे वर्ल्ड बैंक के डूइंग बिजनेस रिपोर्ट के सीमा-पार व्यापार मानकों के सन्दर्भ में भारत की रैंकिंग में और भी सुधार हो सकेगा।
  • निर्यात के लिए पेपरलेस दस्तावेज का शुभारंभ इसी की अगली कड़ी है।शिपिंग बिल को इलेक्ट्रॉनिक रूप में भेजने से इन दस्तावेजों को कागज में प्रस्तुत करने की वर्तमान आवश्यकता दूर हो जायेगी, जिससे ग्रीन कस्टम्स को भी बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी)

  • केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के राजस्व विभाग के अंतर्गत कार्य करता है।
  • यह सीमा शुल्क, सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, नारकोटिक्स और जीएसटी के अधिग्रहण और संग्रह के कार्यों से संबंधित नोडेल एजेंसी है।

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