यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (23 जून 2020)


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI)

चर्चा में क्यों?

  • भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने घर-घर खाना पहुंचाने वाली ऑनलाइन कंपनी स्विगी के खिलाफ अनुचित व्यापार व्यवहार के मामले में दर्ज कराई गई शिकायत को खारिज कर दिया।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India - CCI)

पृष्ठभूमि

  • सीसीआई में स्विगी के खिलाफ ग्राहकों से अतार्किक और अनुचित दाम वसूल (डिलिवरी शुल्क, बिल पर जीएसटी सहित कमीशन और रेस्त्रां के दरों से अधिक दर) वसूलती करने की शिकायत दर्ज करायी गयी थी।

CCI के बारे में

  • देश के आर्थिक विकास के मद्देनजर संसद द्वारा 13 जनवरी 2003 को प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 को लागू किया गया। 14 अक्टूबर 2003 से केन्द्र सरकार द्वारा भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की स्थापना की गई। इसके बाद प्रतिस्पर्धा (संशोधन) अधिनियम, 2007 द्वारा इस अधिनियम में संशोधन किया गया। 20 मई 2009, को प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौते और प्रमुख स्थितियों के दुरुपयोग से संबंधित अधिनियम के प्रावधानों को अधिसूचित किया गया। सीसीआई की संरचना में एक अध्यक्ष समेत छह सदस्य शामिल है।

CCI को लाने के उद्देश्य -

  1. प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली पद्धतियों को रोकना
  2. बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और इसे बनाए रखना
  3. उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना
  4. भारतीय बाजार में अन्य प्रतिभागियों द्वारा किए जाने वाले व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना

CCI से संपर्क एवं शिकायत

  • यदि कोई व्यक्ति, कंपनी अथवा उद्यमों का संघ प्रतिस्पर्धा विरोधी समझौते, विलय और अधिग्रहण का दुरुपयोग या प्रतिस्पर्धा में बाधा डालता है तो सीसीआई से संपर्क किया जा सकता है
  • यदि कोई निर्माता अथवा सेवा प्रदाता अपने उत्पाद अथवा सेवा की बिक्री पर अनुचित शर्त लगाता है तो उपभोक्ता इसके निवारण के लिए सीसीआई से संपर्क किया जा सकता है
  • कोई भी व्यक्ति, उपभोक्ता, उपभोक्ता संघ अथवा व्यापार संघ प्रतिस्पर्धा विरोधी समझौते और प्रमुख स्थितियों के दुरुपयोग के खिलाफ शिकायत कर सकता है।

सीसीआई के कार्य

  • प्रतिस्पर्धा विरोधी समझौते, एकाधिकार तथा ऐसे विलय/ अधिग्रहण जो प्रतिस्पर्धा को सीमित करते हैं कि जांच और नियमन करना
  • किसी भी कानून या सांविधिक अधिकार के तहत गठित प्राधिकरण/केन्द्र सरकार से प्राप्त संदर्भ के संबंध में प्रतिस्पर्धा मुद्दे पर अपनी राय देना
  • प्रतिस्पर्धा मुद्दों को प्रोत्साहन के साथ साथ जन जागरूकता और प्रशिक्षण प्रदान करना
  • केन्द्र सरकार अथवा कोई राज्य सरकार अथवा किसी भी कानून के तहत गठित प्राधिकरण जांच के लिए संदर्भ दे सकता है।
  • आयोग के द्वारा स्वंय अपनी जानकारी अथवा ज्ञान के आधार पर जांच शुरु की जा सकती है।
  • प्रतिस्पर्धा विरोधी समझौते और दुरुपयोग के मामलों में आयोग निम्नलिखित आदेश पारित कर सकता है-
  1. प्रतिस्पर्धी विरोधी समझौते की जांच करके प्रभावित अंतरिम राहत प्रदान करना
  2. उद्यम के संबंध में सकल कारोबार का अधिकतम 10% जुर्माना
  3. कार्टेल के संबंध में कार्टेल से प्राप्त लाभ की तीन गुना राशि अथवा उद्यम के सकल कारोबार का दस प्रतिशत जुर्माना
  4. मुआवजा प्रदान करवाना
  5. समझौते में सुधार लाना
  6. यदि कोई उद्यम प्रभावशाली स्थिति का लाभ उठा रहा है तो केन्द्र सरकार को इसके विभाजन की संस्तुति करना।

सांसद आदर्श ग्राम योजना

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के प्रदर्शन से संबंधित रिपोर्ट में यह जानकारी देते हुए कहा गया है कि सांसद आदर्श ग्राम योजना योजना की समीक्षा की जानी चाहिए। रिपोर्ट में यह कहा गया कि, गांवों के विकास की योजना का कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ा है और न ही लक्षित उद्देश्य की प्राप्ति हुई है।

सांसद आदर्श ग्राम योजना (Sansad Adarsh Gram Yojana)

पृष्ठभूमि

  • केंद्र सरकार ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत आने वाली विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन और उनके प्रभाव के आकलन के लिये एक साझा समीक्षा आयोग (सीआरएम) का गठन किया था। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राजीव कूपर की अध्यक्षता में गठित सीआरएम के 31 सदस्यीय दल ने नवंबर में आठ राज्यों के 21 जिलों के 120 गांवों का दौरा किया जो सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए गए थे।

रिपोर्ट से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदु

  • एसएजीवाई के लिये कोई समर्पित कोष नहीं है एवं किसी और मद की रकम के जरिये इसके लिये कोष जुटाया जाता है।
  • इस योजना के तहत सांसदों द्वारा गोद लिये गए गांवों में भी, सांसदों ने अपनी क्षेत्र विकास निधि से इसके लिये पर्याप्त रकम आबंटित नहीं की।
  • कुछ मामलों में जहां सांसद सक्रिय हैं, कुछ आधारभूत विकास हुआ है, लेकिन योजना का कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ा है।

सांसद आदर्श ग्राम योजना (एसएजीवाई) क्या है?

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 11 अक्टूबर, 2014 को सांसद आदर्श ग्राम योजना (एसएजीवाई) का शुभारंभ किया था। ग्रामीण विकास के क्षेत्र में यह अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है जिसका लक्ष्य पूरे देश में आदर्श ग्रामों का निर्माण करना है।
  • एसएजीवाई-I (2014-19) के दिशानिर्देशों के अनुसार संसद सदस्य अपनी इच्छा से 2016 तक एक ग्राम पंचायत का चयन करें और इसे एक “माडल गांव” बनाएं और 2019 तक 2 ग्राम पंचायतों का चयन करें और इन्हें मॉडल गांव के रूप में परिणत करें। 2019 से एसएजीवाई-II (2014-19) के अंतर्गत प्रत्येक संसद सदस्य अपने कार्यकाल के दौरान 2024 तक 5 मॉडल गांव (प्रत्येक वर्ष एक) विकसित कर सकते हैं।

भारत में कार्बन मुक्त परिवहन सेवा

चर्चा में क्यों

  • अंतर्राष्ट्रीय परिवहन मंच (आईटीएफ) के साथ मिलकर नीति आयोग "भारत में कार्बन मुक्त परिवहन सेवा" परियोजना प्रारम्भ कर रहा है, जिसका उद्देश्य भारत के लिए कम कार्बन उत्सर्जन वाली परिवहन प्रणाली का मार्ग प्रशस्त करना है।

परियोजना से जुड़ी जानकारी

  • यह परियोजना, अंतर्राष्ट्रीय परिवहन मंच की “परिवहन प्रणाली” को कार्बन मुक्त करने की व्यापक पहल का एक हिस्सा है।
  • यह परियोजना भारत के लिए एक टेलर-निर्मित परिवहन उत्सर्जन आकलन की रूपरेखा तैयार करेगी।
  • यह सरकार को CO2 उत्सर्जन से संबंधित निर्णय लेने की वर्तमान और भविष्य की परिवहन गतिविधि की विस्तृत समझ प्रदान करेगा।

अंतर्राष्ट्रीय परिवहन मंच

  • अंतर्राष्ट्रीय परिवहन मंच (ITF) आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) प्रणाली के अंतर्गत 60 सदस्य देशों का एक अंतर-सरकारी संगठन है।
  • इसकी स्थापना 16 मई 2006 को हुई थी और भारत 2008 से ही परिवहन नीति तय करने वाले इस अंतर-सरकारी संगठन का सदस्य है।

नीति आयोग

  • राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्था, जिसे नीति आयोग भी कहा जाता है, का गठन 1 जनवरी, 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक संकल्प के माध्यम से किया गया था।
  • नीति आयोग भारत सरकार का प्रमुख नीतिगत 'थिंक टैंक' है।
  • नीति आयोग की शासी परिषद् के अध्यक्ष, प्रधान मंत्री हैं और इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और संघ राज्य-क्षेत्रों के उपराज्यपाल शामिल हैं।

वर्चुअल हेल्थकेयर एंड हाइजीन एक्सपो 2020

वर्चुअल हेल्थकेयर एंड हाइजीन एक्सपो 2020

  • जहाजरानी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री, श्री मनसुख मांडविया ने भारत के सबसे बड़े, पहले वर्चुअल हेल्थकेयर एंड हाइजीन एक्सपो, 2020 का उद्घाटन किया। इस एक्सपो का आयोजन फिक्की द्वारा किया गया है।
  • यह भारत की पहली सबसे बड़ी वर्चुअल प्रदर्शनी है, जो ई- गवर्नेंस की दिशा में एक नई शुरुआत है। यह वर्चुअल रूप में कारोबार करने और डिजिटल इंडिया में आगे बढ़ने में एक नया मॉडल साबित होगा।
    हेल्थकेयर एंड हाइजीन एक्सपो के बारे में
  • इस एक्सपो का उद्देश्यआत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है जो और स्वास्थ्य और स्वच्छता क्षेत्र में घरेलू उत्पादन को बढ़ाने में मददगार साबित हो।
  • इस एक्सपो के फोकस क्षेत्र है-फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, आयुष एंड वेलनेस, मेडिकल टेक्सटाइल, हाइजीन एंड सेनिटाइजेशन
  • यह अपनी तरह का पहला आयोजन है जो देश में स्वदेशी तौर पर निर्मित उत्पादों को वर्चुअल मंच के द्वारा दुनिया भर के खरीदारों को इसे डिजिटल रूप से एक्सेस किया जाना संभव बनाएगा।
  • इस नए पहल से पारिस्थितिकी तंत्र से फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, आयुष एंड वेलनेस, मेडिकल टेक्सटाइल, हाइजीन एंड सेनिटाइजेशन विनिर्माता को लाभ मिलेगा।

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