यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (20 जून 2020)


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि (PM SVANidhi)

चर्चा में क्यों

  • आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के बीच रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंजर्स) के लिए एक विशेष लघु-ऋण (माइक्रो क्रेडिट) सुविधा- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) के लिए सिडबी को कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में शामिल करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि (PM SVANidhi)

क्या है पीएम स्वनिधि योजना?

  • आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने पीएम स्वनिधि योजना को 01 जून, 2020 को लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी आजीविका शुरू करने के लिए सस्ती कार्यशील पूंजी ऋण मुहैया कराना है।
  • पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक विशेष माइक्रो क्रेडिट सुविधा प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वाले 10 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण ले सकते हैं जिसे एक वर्ष की अवधि में मासिक किश्तों में चुकाने होगा।
  • इस योजना के तहत देशभर में करीब 50 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को फायदा मिलने की उम्मीद है। यह योजना 24 मार्च, 2020 और उससे पहले शहरी क्षेत्रों में वेंडिग कर रहे सभी रेहड़ी-पटरी वालों के लिए उपलब्ध है।

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी)

  • भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) की स्थापना 2 अप्रैल 1990 को की गयी थी। इसे संसद के एक अधिनियम के तहत, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के संवर्द्धन, वित्तपोषण एवं विकास के लिए स्थापित किया गया है।
  • इसका लक्ष्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए ऋण प्रवाह सुगम और सुदृढ़ बनाना तथा एमएसएमई पारितंत्र की वित्तीय एवं विकास संबंधी कमियों की पूर्ति करना है।
  • सिडबी का मुख्यालय लखनऊ, उत्तर प्रदेश में है।

खेलो इंडिया केंद्र (KIC)

चर्चा में क्यों

  • खेल मंत्रालय देश भर में खिलाड़ियों की मदद के लिए जिला स्तर पर 1000 खेलो इंडिया केंद्र (केआईसी) स्थापित करेगा।

खेलो इंडिया केंद्र (KIC)

खेलो इंडिया केंद्र के बारे में-

  • जमीनी स्तर के एथलीटों को प्रशिक्षण के लिए पूर्व खेल चैंपियनों की विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए और खेल पारिस्थितिकी तंत्र में उनके लिए आय का एक निरंतर स्रोत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खेल मंत्रालय ने देश भर में जिला स्तर पर 1000 खेलो इंडिया सेंटर (केआईसी) स्थापित करने का फैसला किया है।
  • इन केंद्रों को पूर्व चैंपियनों द्वारा चलाया जाएगा या उन्हें कोच के रूप में रखा जाएगा। पूर्व चैंपियन की पहचान करने के लिए एक शॉर्टलिस्टिंग मैकेनिज्म तैयार किया गया है जिससे यह पता लगाया जाएगा कि कौन अपनी अकादमी स्थापित करने योग्य है या कौन केआईसी में कोच के रूप में काम करने के योग्य है।

लाभ

  • इस निर्णय से राष्ट्रीय स्तर खेलों में प्रतिभाग करने वाले पूर्व खिलाड़ियों की गरिमा बढ़ेगी और उनकी वित्तीय स्थित में सुधार होगा।
  • इससे उभरते हुये खिलाड़ियों को अपने जिला स्तर पर खेल सुविधाओं के साथ पूर्व चैंपियनों का सहयोग भी मिलेगा।

खेलो इंडिया कार्यक्रम के बारे में

  • देश में खेलों को बढावा देने और नई प्रतिभाओं को तलाशने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा राजीव गांधी खेल योजना, शहरी खेल संरचना योजना और प्रतिभा खोज योजना को मिलाकर इनके स्थान पर ‘खेलो इंडिया योजना का आरम्भ किया गया ।
  • इसके तहत ग्रास रूट लेवल पर खेल संस्कृति को विकसित करते हुए अवसंरचना निर्माण पर बल दिया जाता है। इसके साथ ही युवा को खेल में कैरियर बनाने के लिए प्रशिक्षण और प्रोत्साहन उपलब्ध करवाया जाता है। इस योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को 8 सालों तक 5 लाख रुपए प्रति वर्ष प्रशिक्षण के लिए दिया जाता है।

एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में भारत सरकार और एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) ने, गरीब व कमजोर परिवारों पर कोविड-19 महामारी के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने तथा प्रतिक्रिया को मजबूती देने हेतु भारत को सहायता प्रदान करने के लिए 750 मिलियन डॉलर के "कोविड-19 सक्रिय प्रतिक्रिया और व्यय सहायता कार्यक्रम" पर हस्ताक्षर किए। यह एआईआईबी की ओर से भारत के लिए पहला बजटीय समर्थन कार्यक्रम है।

एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB)

कोविड-19 सक्रिय प्रतिक्रिया और व्यय सहायता कार्यक्रम के उद्देश्य

  • यह कार्यक्रम कोविड-19 के गंभीर व प्रतिकूल सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए भारत सरकार को बजट समर्थन प्रदान करेगा।
  • कार्यक्रम के प्राथमिक लाभार्थी गरीबी रेखा के नीचे वाले परिवार, किसान, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, महिलाएं, महिला स्व-सहायता समूह, विधवा, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, कम वेतन पाने वाले लोग, विनिर्माण श्रमिक और अन्य कमजोर समूह होंगे।

फंडिंग

  • परियोजना को एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) और एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा 2.250 बिलियन डॉलर की राशि में वित्तपोषित किया जा रहा है।
  • इसमें 750 मिलियन डॉलर एआईआईबी द्वारा और 1.5 बिलियन डॉलर एडीबी द्वारा प्रदान किया जायेगा। विभिन्न मंत्रालयों के सहयोग से वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा इस परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।

एआईआईबी(AIIB)

  • एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) एक बहुपक्षीय विकास बैंक है, जिसका मिशन एशिया में सामाजिक और आर्थिक परिणामों को बेहतर बनाना है।
  • चीनी नेतृत्व वाले एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक (एआईआईवी) कगी औपचारिक स्थापना 2016 में बीजिंग में की गई थी। इस नए बैंक की शुरुआत 50 बिलियन डॉलर की अधिकृत पूंजी के साथ की गई थी जिसे आगे चलकर 100 बिलियन डॉलर के लक्ष्य के रूप में निर्धारित कर दिया गया।
  • इसमें सर्वोच्च नीति- निर्धारक संस्था बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (शासक मंडल) है, जो प्रत्येक देश के एक प्रतिनिधि द्वारा बनी है। 12 सदस्यों के बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर्स में से 9 सदस्य एशिया से तथा 3 बाहरी क्षेत्रों के होते हैं।
  • एआईआईबी में चीन 30.34% हिस्ससेदारी के साथ सबसे बड़ा शेयरधारक है तथा उसे 26% वोटिंग का अधिकार प्राप्त है और भारत 8.4% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है। रूस तथा जर्मनी क्रमश: तीसरे व चौथे स्थान पर स्थित है। चीन को कुछ विशेष मामलों में वीटो हासिल है।
  • एआईआईबी बैंक का उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अवसंरचनात्मक परियोजनाओं का वित्तपोषण करना है।

सत्यभामा पोर्टल (SATYABHAMA Portal)

चर्चा में क्यों

  • गौरतलब है कि 15 जून 2020 केंद्रीय कोयला, खान एवं संसदीय मामले के मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने खान मंत्रालय की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी योजना के तहत सत्यभामा (Science and Technology Yojana for Aatmanirbhar Bharat in Mining Advancement- SATYABHAMA) पोर्टल लॉन्च किया गया।

क्या है सत्यभामा पोर्टल?

  • इस पोर्टल की डिजाइन, विकास एवं कार्यान्वयन माइंस इंफॉर्मेटिक्स डिवीजन के नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) द्वारा किया गया है। यह पोर्टल नीति आयोग के एनजीओ दर्पण पोर्टल से समन्वित है।
  • वर्तमान प्रणाली के विपरीत, जहां अनुसंधान प्रस्ताव वैज्ञानिकों/शोधकर्ताओं द्वारा भौतिक रूप से प्रस्तुत किया जाता है, सत्यभामा पोर्टल परियोजनाओं की निगरानी एवं अनुदान के उपयोग के साथ साथ परियोजना प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रस्तुति में सक्षम बनाता है।
  • शोधकर्ता पोर्टल में इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट एवं अंतिम तकनीकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर सकते हैं। पोर्टल पर एक यूजर मैनुअल भी उपलब्ध होगा, जहां परियोजना प्रस्तावों की प्रस्तुति के लिए कदमवार प्रक्रियाओं की व्याख्या की जायेगी।

पोर्टल से लाभ

  • यह देश में खनन एवं खनिज अवयव क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों की भूमिका को बढ़ावा देगा|
  • इसके अलावा खनन एवं खनिज अवयव क्षेत्र के वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं आत्मनिर्भर होकर नवोन्मेषी अनुसंधान एवं विकास कार्य आरंभ कर सकेंगे ।
  • पोर्टल आत्मनिर्भर भारत स्कीम के कार्यान्वयन में दक्षता और प्रभावशीलता में वृद्धि करेगा।

डेली करेंट अफेयर्स को पीडीऍफ़ में डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें



<< << मुख्य पृष्ठ पर वापस जाने के लिये यहां क्लिक करें