यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (17 जून 2020)


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक

चर्चा में क्यों :-

  • हाल ही में इंस्टीट्यूट फॉर मैनेजमेंट डेवलपमेंट (IMD) ने विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक को जारी किया है। इस सूचकांक में 63 देशों को रैंकिंग प्रदान की गई है।

सूचकांक के मुख्य बिंदु:-

  • सिंगापुर ने इस सूची में शीर्ष प्राप्त किया है।
  • इस सूचकांक में डेनमार्क एवं स्विजरलैंड को क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है।
  • इस सूचकांक में भारत की स्थिति भारत की रैंकिंग 43 रही। ब्रिक्स राष्ट्रों में भारत, चीन (20वां स्थान) के बाद दूसरे स्थान पर है, इसके बाद रूस (50 वां), ब्राजील (56 वां) और दक्षिण अफ्रीका (59 वां स्थान) है।
    विश्व प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक के बारे में
  • प्रतिवर्ष यह सूचकांक स्विट्जरलैंड में स्थित इंस्टीट्यूट फॉर मैनेजमेंट डेवलपमेंट (IMD) संस्थान के द्वारा जारी किया जाता है। इसमें देश के अंदर 337 प्रतिस्पर्धात्मक पैरामीटर पर प्रतिस्पर्धा का मापन किया जाता है। इस रैंकिंग को जारी करने में विभिन्न आर्थिक रिपोर्ट, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्रोतों समेत सभी हितधारकों ( व्यापारिक समुदाय, सरकारी एजेंसियां, शिक्षाविदों) इत्यादि का सहारा लिया जाता है। इसके साथ ही इसके विभिन्न पैरामीटर को नवीनतम आर्थिक सिद्धांतों के साथ अद्यतन किया जाता है।

विश्व निवेश रिपोर्ट 2020

चर्चा में क्यों

  • हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UNCTAD) ने ‘विश्व निवेश रिपोर्ट 2020’ को जारी की।

विश्व निवेश रिपोर्ट 2020 के प्रमुख निष्कर्ष

  • संयुक्त राष्ट्र के व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UNCTAD) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि COVID-19 महामारी के बाद भारत में कोविड-19 के बाद कमजोर लेकिन सकारात्मक आर्थिक वृद्धि होने और एक व्यापक बाजार के रूप में भारत निवेश को आकर्षित करता रहेगा।
  • भारत को 2019 में विदेशी निवेश में 51 बिलियन अमरीकी डालर प्राप्त हुए और यह 2019 में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) का 9 वाँ सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता था।
  • पिछले वर्ष 2018 में भारत को 42 अरब डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ था और तब भारत एफडीआई पाने वाले शीर्ष 20 देशों में 12वें नंबर पर था।
  • विकासशील एशिया क्षेत्र में भारत सबसे ज्यादा एफडीआई प्राप्त करने वाले शीर्ष पांच देशों में शामिल है।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक FDI प्रवाह 2020 में 2019 के मूल्य $1.54 ट्रिलियन से 40% तक घटने का अनुमान है।
  • रिपोर्ट में कहा गया है भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था अधिक निवेश आकर्षित करेगी जबकि रियल एस्टेट और संपत्ति विकास की मांग और वित्तपोषण की कमी से महत्वपूर्ण दबावों का सामना करेगी।

संयुक्त राष्ट्र के व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UNCTAD)

  • संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) की स्थापना 1964 में की गई थी, अंकटाड का मुख्यालय जेनेवा में है।
  • अंकटाड के द्वारा व्यापार एवं विकास रिपोर्ट, अल्पविकसित देशों की रिपोर्ट तथा विश्व निवेश रिपोर्ट इत्यादि का प्रकाशन किया जाता है।
  • अंकटाड का उद्देश्य अल्पविकसित देशों के त्वरित आर्थिक विकास हेतु अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रोत्साहित करना, व्यापार को प्रोत्साहित करना, व्यापार व विकास नीतियों का निर्माण एवं क्रियान्वयन करना, व्यापार व विकास के सम्बंध में संयुक्त राष्ट्र परिवार की विभिन्न संस्थाओं के मध्य समन्वय की समीक्षा व संवर्द्धन करना तथा सरकारों एवं क्षेत्रीय आर्थिक समूहों की व्यापार व विकास नीतियों में सामंजस्य लाना है।

प्रधानमंत्री वन धन योजना (PMVDY)

हाल ही में प्रधानमंत्री वन धन योजना की सफलताओं के उपरान्त सरकार ने इस योजना को विस्तार देने की कवायद शुरु कर दी है। अनुच्छेद 275 (1) के तहत जनजातीय कार्य मंत्रालय के कोविड19 राहत योजना के माध्यम से आगामी लक्ष्य 18,000 एसएचजी के मौजूदा कवरेज को 50,000 वन धन एसएचजी और आदिवासी संग्रहकर्ताओं के कवरेज को तीन गुना 10 लाख करना है। इसके साथ ही मुख्य उद्देश्य एमएफपी के संदर्भ में वन धन योजना को अगली 'अमूल क्रांति' के रूप में स्थापित करके देशभर में जनजातीय पारिस्थितिकी तंत्र को बदलना है। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अन्य मंत्रालयों, विभागों और प्रमुख संस्थानों के साथ सहयोग और साझेदारी की योजना बनाई जा रही है।

प्रधानमंत्री वन धन योजना (PMVDY)

प्रधानमंत्री वन धन योजना (PMVDY) क्या है?

  • जनजातीय समुदाय के लोगों सशक्तिकरण हेतु प्रधानमंत्री मोदी ने 14 अप्रैल 2018 ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के जन्‍मदिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में वन धन विकास योजना को लांच किया था। प्रधानमंत्री वन धन योजना का उद्देश्य जनजातीय उद्यम का सृजन करना है। ट्राइफेड इसकी नोडल एजेंसी है एवं ट्राइफेड ने अब तक 26 राज्यों और एक केन्द्र शासित प्रदेश में 1101 वन धन केन्द्रों की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

क्या है PMVDY का उद्देश्य?

  • वन संपदा अर्थात वन धन का दोहन कर जनजातीय समुदाय के लोगों के लिए आजीविका का सृजन करना
  • जनजातीय लोगों के पारम्परिक ज्ञान एवं कौशल को ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं विपणन से संबंधित कौशल देकर बाजार की अगुवाई वाले उद्यम मॉडल के जरिए उनकी आय को अधिक करना
  • प्राथमिक स्‍तर पर लघु वन उत्पादों में मूल्य संवर्धन कर ज़मीनी स्‍तर पर जनजातीय समुदाय का उन्नयन करना
  • इससे 3 वर्षों के दौरान 45 लाख जनजातीय लोगों के रोजगार एवं उद्यमिता विकास के लिए जनजातीय उद्यमों का सृजन करने की परिकल्पना की गई है।

विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस: 17 JUNE

  • प्रति वर्ष 17 जून को विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 2020 की थीम Food.Feed.Fibre.- the links between consumption and land है अर्थात भोजन, चारे एवं रेशों के लिए उपभोग और भूमि के बीच अंतर्संबंधो को रेखांकित करना है। विश्व मरुस्थलीकरण दिवस के अवसर पर तीन मुख्य बातों के द्वारा मरुस्थलीकरण को रोकने के प्रयासों को प्रसारित किया जाता है।

विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस की पृष्ठभूमि

  • मरुस्थलीकरण व सूखे की बढ़ती भयावहता को देखते हुए इससे मुकाबला करने के लिए वैश्विक स्तर पर जागरूकता के प्रसार की आवश्यकता महसूस की गई। अतः इसके लिए एक विशेष दिन निश्चित किया गया।
  • उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की आम सभा में 1994 में मरुस्थलीकरण रोकथाम का प्रस्ताव रखा गया जिसका अनुमोदन दिसम्बर 1996 में किया गया। वहीं 14 अक्टूबर 1994 को भारत ने यूएनसीसीडी पर हस्ताक्षर किया, जिसके पश्चात् वर्ष 1995 से मरुस्थलीकरण का मुकाबला करने के लिए यह दिवस मनाया जाने लगा।
  • विश्व मरुस्थलीकरण दिवस के अवसर पर तीन मुख्य बातों के द्वारा मरुस्थलीकरण को रोकने के प्रयासों को प्रसारित किया जाता है।
  1. इनमें से पहला है- भूमि के अपरदन को रोकना। इसके अन्तर्गत जनमानस को जल सुरक्षा, खाद्यान्न सुरक्षा के साथ ही पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति जागरुक किया जाता है।
  2. दूसरा महत्वपूर्ण कदम सूखे के प्रभाव को प्रत्येक स्तर पर कम करने के लिए कार्य करना है, इसके तहत राहत कार्य के साथ-साथ भावी रणनीति बनाकर उस पर कार्य किया जाता है।
  3. अंतिम महत्वपूर्ण विषय नीति निर्धारकों पर मरुस्थलीकरण संबंधी नीतियों के निर्माण के साथ ही इससे निपटने के लिए कार्य योजना बनाने का दबाव बनाना है।

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