यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (09 जुलाई 2020)


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


शहरी प्रवासियों/गरीबों के लिए आवासीय योजना

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधान मंत्री आवास योजना- शहरी (पीएमएवाई-यू) के अंतर्गत एक उप-योजना के रूप में शहरी प्रवासियों/गरीबों के लिए कम किराये वाले आवासीय परिसरों के विकास के लिए अपनी स्वीकृति दे दी है।

Pradhan Mantri Awas Yojana (Urban) PMAY-U

पृष्ठभूमि

  • आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत एक उप-योजना के रूप में शहरी प्रवासियों/गरीबों के लिए कम किराये वाले आवासीय परिसरों (एआरएचसी) की योजना की शुरुआत की है। माननीय वित्त मंत्री ने 14 मई, 2020 को इस योजना की घोषणा की थी। यह योजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को पूरा करेगी।
  • कोविड-19 महामारी के परिणाम स्वरूप देश में बड़े स्तर पर कामगारों/शहरी गरीबों का पलायन देखने को मिला है, जो बेहतर रोजगार के अवसरों की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों या छोटे शहरों से शहरी क्षेत्रों में आए थे। आमतौर पर, ये प्रवासी किराया बचाने के लिए झुग्गी बस्तियों, अनौपचारिक/ अनाधिकृत कॉलोनियों या अर्ध शहरी क्षेत्रों में रहते हैं। उन्होंने कार्यस्थलों पर जाने के लिए अपना काफी समय सड़कों पर चलकर/ साइकिल चलाकर बिताया है और खर्च बचाने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालते रहे हैं।

योजना से जुड़े प्रमुख बिंदु

  • योजना के रूप में शहरी प्रवासियों/गरीबों के लिए कम किराये वाले आवासीय परिसरों का कार्यान्वयन निम्न योजनानुसार किया जायेगा:
  1. वर्तमान में खाली पड़े सरकार द्वारा वित्तपोषित आवासीय परिसरों को 25 साल के लिए रियायत (कन्सेशन) समझौते के माध्यम से एआरएचसी में परिवर्तित कर दिया जाएगा। कन्सेशनेर को कमरों की मरम्मत/पुराना रूप देकर (रिट्रोफिट) और पानी, निकासी/सेप्टेज, स्वच्छता, सड़क आदि आधारभूत ढांचे से जुड़ी कमियों को दूर करके परिसरों को रहने लायक बनाना होगा। राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से कन्सेशनेर (कंपनी) का चयन करना होगा। इन परिसरों को पहले की तरह नया चक्र शुरू करने या खुद ही चलाने के लिए 25 साल के बाद यूएलबी को लौटाना होगा।
  2. 25 साल के लिए उपलब्ध अपनी खाली जमीन पर एआरएचसी के विकास के लिए निजी/सार्वजनिक इकाइयों को स्वीकृति का उपयोग, 50 प्रतिशत अतिरिक्त एफएआर/ एफएसआई, प्राथमिक क्षेत्र उधारी दर पर रियायती कर्ज, किफायती आवास से जुड़ी कर राहत आदि विशेष प्रोत्साहनों की पेशकश की जाएगी।
  • एआरएचसी के अंतर्गत विनिर्माण उद्योगों, आतिथ्य सेवा, स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवा प्रदाताओं, घरेलू/व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और निर्माण या अन्य क्षेत्रों में लगे अधिकांश कार्यबल, कामगार, विद्यार्थी आदि लक्षित लाभार्थी होंगे, जो ग्रामीण क्षेत्रों या छोटे शहरों से आते हैं और बेहतर अवसरों की तलाश में हैं।
  • तकनीक नवाचार अनुदान के रूप में इस पर 600 करोड़ रुपये की धनराशि का व्यय होने का अनुमान है, जो निर्माण के लिए चिन्हित नवाचार तकनीक का उपयोग करने वाली परियोजनाओं के लिए जारी की जाएगी। एआरएचसी के अंतर्गत शुरुआती तौर पर लगभग तीन लाख लाभार्थियों को कवर किया जाएगा।
  • एआरएचसी से शहरी क्षेत्रों में कार्यस्थल के नजदीक सस्ते किराये वाले आवासों की उपलब्धता के अनुकूल एक नया इकोसिस्टम तैयार होगा। एआरएचसी के अंतर्गत निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा होने का अनुमान है। एआरएचसी से अनावश्यक यात्रा, भीड़भाड़ और प्रदूषण में कमी आएगी।
  • सरकार द्वारा वित्तपोषित खाली पड़े आवासों को किफायती उत्पादक उपयोग के लिए एआरएचसी में कवर किया जाएगा। इस योजना से अपनी खाली पड़ी जमीन पर एआरएचसी के विकास करने की दिशाओं में इकाइयों के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा और किराये वाले आवासीय क्षेत्र में उद्यमशीलता को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी- पीएमएवाई(यू) के बारे में

  • सबके लिए घर (एचएफए) के नारे के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2022 तक सबको घर उपलब्‍ध कराने का एक मिशन है, जिसे जून, 2015 से लागू किया गया है। इसके तहत शहरी स्‍थानीय निकायों और इसे लागू करने वाली अन्‍य एजेंसियों को राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के जरिये केन्‍द्रीय मदद दी जाती है। इसमें झुग्‍गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों का पुनर्वास किया जाता है।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी (पीएमएवाई-यू) के पांच साल 25 जून 2020 को पूरे हो गए। पांच वर्ष के भीतर पीएमएवाई (यू) के तहत लगभग 1.12 करोड़ मकानों की सत्यापित मांग प्राप्त हुई है। 1.05 करोड़ मकानों के लिए स्वीकृतियां पहले ही मिल गई हैं जिनमें से 65 लाख मकानों की नींव डाल दी गई है और 35 लाख मकान निर्मित किए जा चुके हैं एवं देश भर में लाभार्थियों के बीच इनका वितरण हो चुका है।

एफ -1 और एम -1 वीजा

चर्चा में क्यों?

  • संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत से कहा है कि वह छात्रों के हितों को ध्यान रखते हुए एफ -1 वीज़ा और एम -1 वीजा के बारे में नए नियम के प्रभाव को कम करने की कोशिश करेगा।

एफ -1 और एम -1 वीजा (F1 and M1 Visa)

पृष्ठभूमि

  • ट्रम्प प्रशासन ने एफ -1 और एम -1 वीजा धारकों के लिए नए नियमो की घोषणा की है जो केवल ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं। इसके तहत वर्तमान में ऐसे कोर्स में नामांकित छात्रों को अमेरिका छोड़ना होगा।

क्या है F-1 वीजा?

  • F-1 वीजा अमेरिका में अकादमिक पाठ्यक्रम में दाखिला लेने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को प्रदान किया जाने वाला वीजा है। यह वीजा अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अमेरिका के मान्यता प्राप्त कॉलेज, विश्वविद्यालय, मदरसा, शैक्षणिक उच्च विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान में में पूर्णकालिक छात्र के रूप में अध्यनन की की अनुमति देता है।

क्या है M-1 वीजा?

  • एम 1 वीजा अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दिया जाने वाला एक गैर-सरकारी वीजा है। यह वीजा प्राय: ऐसे छात्रों को दिया जाता है जो गैर अकादमिक पाठ्यक्रम में अध्ययन करते है उदाहरण के लिए व्यावसायिक या वोकेशनल कोर्स इत्यादि में।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लाभ लेने की समय सीमा 1 जुलाई 2020 से 3 महीने के लिए बढ़ाने के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

पृष्ठभूमि

  • सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना नाम से एक राहत पैकेज घोषित किया था जिसका उद्देश्य गरीबों और समाज के ऐसे उपेक्षित लोगों को सुरक्षा कवच प्रदान करना है जो महामारी से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं पैकेज में उन गरीब परिवारों के लिए राहत को भी शामिल किया गया था जिन्होंने पीएमयू वाई के अंतर्गत एलपीजी कनेक्शन की सुविधा प्राप्त की थी।
  • कोरोनावायरस के दौरान इस योजना का विस्तार निर्धन वर्ग के लोगों को सीधा फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है। सरकार के इस फैसले के माध्यम से निर्धन परिवारों को मुफ्त में एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा रहे है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के बारे में

  • गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले परिवारों की महिलाओं को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन देने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 10 मार्च 2016 को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को स्वीकृति दी थी।
  • इस योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से हुई थी।
  • इस योजना में नया एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए 1600 रूपये की नकद सहायता देना शामिल है और यह सहायता राशि केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है।
  • योजना के प्रारंभ में इसका लक्ष्य 5 करोड़ कनेक्शन बांटना था परंतु साल 2020 में यह आठ करोड़ तक कर दिया गया है। भविष्य में 10 करोड़ तक पहुचाने की योजना बनाई जा रही है।
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु उन्हें खाना पकाने के लिए स्वच्छ इंधन प्रदान करना है।
  • इसके माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी।
  • पश्चिमी अफ्रीका के घाना प्रदेश में भी उज्जवला योजना के समान ही गैस पहुंचाने की योजना है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

चर्चा में क्यों

  • कोविड-19 संकट के दौरान देशभर में गरीबों को खाद्यान्न सहायता देने के लिए शुरू की गयी ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ की अवधि पांच महीने और बढ़ाने के फैसले पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की शुरुआत कोविड समस्या के दौरान खाद्यान आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु मार्च में की गयी थी।
  • यह योजना कोविड -19 के खिलाफ घोषित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज का ही एक हिस्सा है।
  • इस योजना के तहत 80 करोड़ व्यक्तियों, अर्थात, भारत की लगभग दो-तिहाई आबादी को आच्छादित किया गया एवं इनमें से प्रत्येक व्‍यक्ति को अगले तीन महीनों (मार्च, अप्रैल और जून) के दौरान मौजूदा निर्धारित अनाज के मुकाबले दोगुना खाद्यान्न दिया जाना था।
  • इसमे लोगों को मिलने वाला अतिरिक्त खाद्यान्न मुफ्त में प्रदान किया जाना था। इसके साथ ही सभी व्यक्तियों को प्रोटीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार प्रत्‍येक परिवार को 1 किलो दाल भी मुफ्त में प्रदान की जानी थी।
  • वर्तमान में इस प्रधानमत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि नवंबर के अंत तक विस्तारित कर दिया गया है।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले सभी लाभार्थियों को यह लाभ दिया जाएगा और इस अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त खाद्यान्नों के अतिरिक्त यह लाभ दिया जाएगा।
  • पांच महीने तक इस योजना को और संचालित करने की सरकारी लागत 90,000 करोड़ रुपए से अधिक की है।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न

प्रश्न: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये।

1. यह योजना कोविड -19 के खिलाफ घोषित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज का ही एक हिस्सा है।
2. इस योजना का संचालन नवंबर 2020 तक किया जाएगा।
3. इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले सभी लाभार्थियों को शामिल किया गया है।

उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही नहीं है/हैं?

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) 1, 2 और 3
(d) सभी सही हैं

उत्तर: (d)

व्याख्या:

  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की शुरुआत कोविड समस्या के दौरान खाद्यान आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु मार्च में की गयी थी।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले सभी लाभार्थियों को यह लाभ दिया जाएगा और इस अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त खाद्यान्नों के अतिरिक्त यह लाभ दिया जाएगा।
  • इनमें से प्रत्येक व्‍यक्ति को तीन महीनों (मार्च, अप्रैल और जून) के दौरान मौजूदा निर्धारित अनाज के मुकाबले दोगुना खाद्यान्न दिया जाना था जिसे अगले पाँच माह अर्थात नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।