यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (05 सितंबर 2020)

Daily Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ)

चर्चा में क्यों?

  • रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने मास्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ), सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) और स्वतंत्र देशों के राष्ट्रमंडल (सीआईएस) के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया।

बैठक से जुड़े मुख्य बिंदु

  • रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों का शांतिपूर्ण,स्थिर और सुरक्षित क्षेत्र को, जहां विश्व की 40 फीसदी आबादी रहती है, विश्वास और सहयोग के माहौल, गैर-आक्रामकता, अंतर्राष्ट्रीय नियमों और मानदंडों के प्रति सम्मान, एक-दूसरे के हितों के प्रति संवेदनशीलता और मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत है।
  • राजनाथ सिंह ने दुनिया के सामने मंडराते खतरों का उल्लेख करते हुएकहा कि हमें पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों तरह के खतरों खासकर आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, पारगमन (सीमा के आरपार) अपराध से निपटने के लिए संस्थागत क्षमता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत शंघाई सहयोग संगठन के क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (आरएटीएस) के कामकाज को महत्व देता है। कट्टरपंथ और उग्रवाद के प्रसार को रोकने के लिए साइबर क्षेत्र में हाल में किए गए आरएटीएस के कामों की हमने सराहना की।

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के बारे में

  • एससीओ की स्थापना 15 जून, 2001 को शंघाई में हुई थी।
  • यह एक स्थायी अंतर-सरकारी अंतर्राष्ट्रीय संगठन है।
  • यह यूरेशिया का एक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संगठन है, जिसका उद्देश्य संबंधित क्षेत्र में शांति, सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखना है।
  • इस संगठन का लक्ष्य हैं -
  • सदस्य देशों के मध्य विश्वास तथा सद्भाव की भावना को मज़बूत करना।
  • विकास के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे राजनैतिक व्यापार एवं अर्थव्यवस्था, अनुसंधान व प्रौद्योगिकी तथा संस्कृति में सहयोग को बढ़ावा देना।
  • शिक्षा, ऊर्जा, परिवहन, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, इत्यादि में क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करना।
  • संबंधित क्षेत्र में शांति, सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखना।
  • एक नई अंतर्राष्ट्रीय राजनितिक व आर्थिक व्यवस्था की स्थापन करना जिसका आधार लोकतंत्र,निष्पक्षता एवं तार्किकता हो।
  • वर्तमान में इसके सदस्य देशों में कज़ाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, भारत और पाकिस्तान शामिल हैं। भारत को शंघाई सहयोग संगठन की सदस्यता साल 2017 में प्राप्त हुई थी।

क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना के बारे में

  • क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (आरएटीएस), शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का एक स्थायी अंग है
  • यह उज्बेकिस्तान के ताशकंद में स्थित है।
  • इसका प्रमुख कार्य आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद की बुराइयों के ख़िलाफ़ सदस्य राज्यों के सहयोग को बढ़ावा देना है।
  • आरएटीएस के प्रमुख तीन साल की अवधि के लिए चुने जाते हैं। प्रत्येक सदस्य राज्य भी आरएटीएस को स्थायी प्रतिनिधि भेजते हैं।

सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ) के बारे में

  • सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) एक अंतर सरकारी सैन्य गठबंधन है। इसे ताशकंद संधि के नाम से भी जाना जाता है।
  • इसे 15 मई 1992 को सामूहिक सुरक्षा संधि के रूप में हस्ताक्षरित किया गया था।
  • इसके 2002 में सदस्य राष्ट्रों ने इसे एक सैन्य गठबंधन के रूप में अपनाया और इसका नाम सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन बन गया।
  • वर्तमान में इसके 6 सदस्य हैं- आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किरगिस्तान, रूस और ताजिकिस्तान।
  • इसका मुख्यालय मास्को (रूस) में है। स्वतंत्र देशों का राष्ट्रमंडल (सीआईएस) के बारे में
  • यह संगठन पूर्व सोवियत संघ के घटक गणतंत्रों को एक मंच पर लाता है।
  • स्वतंत्र देशों के राष्ट्रमंडल (Commonwealth of Independent States–CIS) की स्थापना रूस, बेलारूस और यूक्रेन द्वारा 8 दिसम्बर, 1991 को मिंस्क (बेलारूस) में एक समझौते पर हस्ताक्षर कर हुई।
  • इसका मुख्यालय बेलारूस की राजधानी मिंस्क में स्थित है।
  • स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल में 9 राष्ट्र पूर्ण सदस्य हैं।

शिक्षक दिवस और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

चर्चा में क्यों?

  • भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर देशभर के शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। साथ शिक्षक दिवस के अवसर राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुने गए सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।

शिक्षक दिवस

  • 5 सितंबर को देशभर शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है।
  • भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • पहली बार शिक्षक दिवस 1962 में मनाया गया था।
  • शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद देशभर के 47 शिक्षकों को सम्मानित किया।
  • कोरोना संक्रमण के चलते ये पहली बार शिक्षकों को वर्चुअल माध्यम से 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' दिया।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पूर्व राष्ट्रपति होने के साथ-साथ एक प्रसिद्ध दार्शनिक भी थे।
  • डॉ॰ राधाकृष्णन का जन्म तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेन्सी के चित्तूर जिले के तिरूत्तनी ग्राम में 5 सितम्बर 1888 को हुआ था।
  • वे भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक और एक आस्थावान हिन्दू विचारक थे।
  • शिक्षा के क्षेत्र में इनकी प्रमुख उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:
  • सन् 1931 से 36 तक आन्ध्र विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर रहे।
  • ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय में 1936 से 1952 तक प्राध्यापक रहे।
  • कलकत्ता विश्वविद्यालय के अन्तर्गत आने वाले जॉर्ज पंचम कॉलेज के प्रोफेसर के रूप में 1937 से 1941 तक कार्य किया।
  • सन् 1939 से 48 तक बनारस हिन्दू विश्‍वविद्यालय के वाइस चांसलर रहे।
  • 1953 से 1962 तक दिल्ली विश्‍वविद्यालय के चांसलर रहे।
  • 1946 में युनेस्को में भारतीय प्रतिनिधि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
  • डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन 1947 से 1949 तक संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य भी रहे।
  • 1952 में उपराष्ट्रपति चुने जाने से पहले तक वे सोवियत संघ में विशिष्ट राजदूत में अपनी सेवाए दी।
  • 13 मई 1952 से लेकर 12 मई 1962 तक देश के उपराष्ट्रपति रहे।
  • 13 मई 1962 से 12 मई 1067 तक भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया।
  • जब वे देश के उपराष्ट्र पति थे तब भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ॰ राजेंद्र प्रसाद जी ने 1954 में उन्हें उनकी महान दार्शनिक व शैक्षिक उपलब्धियों के लिये देश का सर्वोच्च अलंकरण भारत रत्न से सम्मानित किया।

किरण

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने घोषणा की है कि 24x7 निशुल्क मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास हेल्पलाइन नंबर (1800-500-0019) “किरण” का 07 सितंबर, 2020 को वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया जाएगा।

किरण के बारे में

  • ‘किरण’ नामक इस हेल्पलाइन को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने मानसिक रोगों से पीड़ित लोगों को राहत और सहायता प्रदान करने के लिए विकसित किया है।
  • यह हेल्पलाइन नंबर प्रारंभिक स्क्रीनिंग, प्राथमिक चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक सहायता, संकट प्रबंधन, मानसिक कल्याण और सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देने आदि के उद्देश्य से मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास सेवाओं की पेशकश करता है।
  • यह प्राथमिक चरण में सलाह प्रदान करने,परामर्श, व्यक्तियों, परिवारों, गैर सरकारी संगठनों, अभिभावक संघों, व्यावसायिक संघों, पुनर्वास संस्थानों, अस्पतालों या किसी को भी देश भर में सहायता की आवश्यकता के संदर्भ में एक जीवन रेखा के रूप में कार्य करेगा।
  • ‘किरण’ हेल्पलाइन 13 भाषाओं में किसी भी एक व्यक्ति, परिवार, एनजीओ, डीपीओ, अभिभावक संघ, प्रोफेशनल एसोसिएशन, पुनर्वास केंद्र, अस्पतालों के साथ ही साथ लद्दाख, जम्मू व कश्मीर, आठ उत्तर-पूर्वी राज्य, अंडमान और निकोबार द्वीपपुंज और लक्ष्यदीप सहित पूरे देश में जरूरत में पड़े किसी के लिए भी उपलब्ध होगा।
  • प्रति घंटे 300 लोगों को संभालने की क्षमता के साथ 660 वॉलेंटियर्स नैदानिक और पुनर्वास मनोवैज्ञानिक, 668 वॉलेंटियर मनोचिकित्सकों के साथ-साथ 75 विशेषज्ञ हेल्पलाइन के 25 केंद्रों में शामिल किए जाएंगे।

डेटा सशक्तिकरण और सुरक्षा संरचना

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में नीति आयोग ने ‘डेटा सशक्तिकरण और सुरक्षा संरचना’ (Data Empowerment and Protection Architecture -DEPA) नामक एक मसौदा परिचर्चा पत्र जारी किया है। इस मसौदे पर लोगों से सुझाव और टिप्पणियां मांगीं हैं।

पृष्ठभूमि

  • समय के साथ और तेजी से बदल रही डिजिटल व्यवस्था ने दुनिया में डेटा सुरक्षा, निजता और अनाधिकृत डेटा साझा या दुरुपयोग के सवाल को सामने लाया है जिसके परिणामस्वरूप डेटा सुरक्षा, निजता और अनाधिकृत डेटा के संरक्षण के आलोक में यह मसौदा परिचर्चा पत्र जारी किया गया है।
  • नीति आयोग ने अपने इस परिचर्चा पत्र में निजी डेटा प्रबंधन क्षेत्र में भारत को आमूलचूल बदलाव लाने की जरूरत बतायी है।
  • समय के साथ और तेजी से बदल रही डिजिटल व्यवस्था ने दुनिया में डेटा सुरक्षा, निजता और अनाधिकृत डेटा साझा या दुरुपयोग के सवाल को सामने लाया है।
  • इसलिए भारत में ना सिर्फ कड़ी डेटा सुरक्षा की जरूरत है, बल्कि भारतीयों को उनके निजी डेटा पर रोजमर्रा की जिंदगी में अधिक नियंत्रण देने के लिए सशक्त करने की भी जरूरत है।

डेटा सशक्तिकरण और सुरक्षा संरचना (DEPA)

  • डेटा सशक्तिकरण और सुरक्षा संरचना (डेपा) को ‘लोगों का उनके डेटा पर नियंत्रण और कैसे उसका उपयोग हो’ की धारणा पर आधारित है।
  • नीति आयोग ने ‘डेटा सशक्तिकरण और सुरक्षा संरचना’ (Data Empowerment and Protection Architecture -DEPA) को डेटा क्षेत्र में तेजी से आ रहे बदलाव को ध्यान में रखकर तैयार किया है। डेटा सशक्तिकरण और सुरक्षा संरचना (डेपा) डेटा के अच्छे प्रबंधन के लिए एक लचीली और समय से साथ बदलने वाली व्यवस्था का खाका प्रदान करेगा।
  • डेटा सशक्तिकरण और सुरक्षा संरचना (डेपा) में ऐप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) आधारित डेटा को साझा करने की व्यवस्था को खोलने की बात कही गयी है जो नयी वित्त प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा नवोन्मेष लाएगा। यह एपीआई डेटा देने वालों और डेटा उपयोग करने वालके बीच कूटभाषा में आसान डेटा साझाकरण को सक्षम बनाता है। इसे सहमति प्रबंधक के माध्यम से किया जाता है।

लाभ

  • इससे डेटा साझा करने के मामले में बेहतर नियंत्रण को बढ़ावा मिलेगा।
  • यह डेटा के अच्छे प्रबंधन के लिए यह एक लचीली और समय से साथ बदलने वाली व्यवस्था का खाका प्रदान करेगा।
  • डेपा (DEPA) लोगों को उनके डेटा तक आसान और सुरक्षित पहुंच उपलब्ध कराएगा। साथ ही तीसरे पक्ष के संस्थानों के साथ उसे साझा करने में सशक्त बनाएगा। नीति आयोग के बारे में
  • नीति आयोग (या राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्था) का गठन 1 जनवरी, 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक संकल्प के माध्यम से किया गया था।
  • नीति आयोग, योजना आयोग के स्थान पर आया था।
  • नीति आयोग भारत सरकार का प्रमुख नीतिगत 'थिंक टैंक' है, जो दिशात्मक और नीतिगत इनपुट प्रदान करता है।
  • नीति आयोग, भारत सरकार के लिए कार्यनीतिक और दीर्घकालिक नीतियों और कार्यक्रमों को अभिकल्पित करने के साथ-साथ केंद्र और राज्यों को प्रासंगिक तकनीकी सलाह भी प्रदान करता है।
  • नीति आयोग के अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री होते हैं तथा उपाध्यक्ष प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त व्यक्ति होता है।