यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (04 जुलाई 2020)


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


स्वच्छता सर्वेक्षण 2021

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्यमंत्री द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 का अनावरण किया गया।

स्वच्छता सर्वेक्षण (Swachh Survekshan Programme)

स्वच्छता सर्वेक्षण के छठे संस्करण के मुख्य तथ्य :-

  • छठे संस्करण में प्रथमतया नागरिक भागीदारी को महत्व देने के साथ वाटर ट्रीटमेंट तथा जल पुनर्प्रयोज्यता के नए मानकों को जोड़ा गया है।
  • छठे संस्करण से प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शहरों के साथ साथ राज्यों की रैंकिंग भी दी जाएगी।
  • इसमें एक नए श्रेणी प्रेरक दौर सम्मान को भी रखा गया है जिसकी निम्न उप श्रेणियाँ हैं
  1. दिव्य
  2. अनुपम
  3. उज्जवल
  4. उदित
  5. आरोही
  • जनसंख्या श्रेणी पर शहरों के मूल्यांकन के वर्तमान मानदंडों से हटकर , यह नया वर्ग शहरों को चुने हुए संकेतक वार प्रदर्शन मानदंड के आधार पर वर्गीकृत करेगा जो निम्नलिखित हैं:
  1. अपशिष्ट का गीले, सूखे एवं खतरनाक वर्गों में पृथक्करण
  2. गीले अपशिष्ट के खिलाफ प्रसंस्करण क्षमता सृजित की गई
  3. गीले एवं सूखे अपशिष्ट का प्रसंस्करण एवं रिसाइक्लिंग
  4. निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट प्रोसेसिंग
  5. लैंडफिल में जाने वाले अपशिष्ट का प्रतिशत
  6. नगरों की स्वच्छता स्थिति
  • इसके साथ ही साथ स्वच्छ भारत मिशन पर नागरिक भागीदारी को मॉनिटर करने के लिए एमआईएस पोर्टल को भी लांच किया गया। इसमें स्वच्छ भारत में जन आंदोलन को वास्तविक रूप से उतारा गया। नागरिकों के नेतृत्व वाले नवोन्मेषणों, स्टार्टअप्स, उद्यमियों एवं स्वच्छता चैंपियनों को प्रोत्साहित किया जायेगा

क्या है स्वच्छता सर्वेक्षण?

  • यह स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत भारत सरकार की एक गतिविधि है जिसका उद्देश्य राज्यों एवं शहरी स्थानीय निकायों द्वारा स्वच्छता प्रयासों के स्तरों का समयबद्ध और नवाचारित आकलन करना है। यह ग्रामीण तथा शहरी दोनों स्तरों पर निकाला जाता है।

स्वच्छ भारत मिशन के बारे में :-

  • सार्वभौमिक स्वच्छता प्राप्त करने के लिए किए जा रहे प्रयासों में तेजी लाने के लिए और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करने हेतु भारत के प्रधान मंत्री ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का आरंभ किया था।
  • मिशन के तहत, भारत में सभी गांवों, ग्राम पंचायतों, जिलों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने ग्रामीण भारत में 100 मिलियन से अधिक शौचालयों का निर्माण करके 2 अक्टूबर 2019, महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती तक स्वयं को "खुले में शौच से मुक्त" (ओडीएफ) घोषित किया। यह सुनिश्चित करने के लिए कि खुले में शौच न करने की प्रथा स्थायी रहे, कोई भी वंचित न रह जाए और ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की सुविधाएं सुलभ हों, मिशन अब अगले चरण II अर्थात् ओडीएफ-प्लस की ओर अग्रसर है।
  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण के तहत ओडीएफ प्लस गतिविधियां ओडीएफ व्यवहार को सुदृढ़ करेंगी और गांवों में ठोस एवं तरल कचरे के सुरक्षित प्रबंधन के लिए मध्यवर्तन करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना और इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में केंद्रीय ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और कौशल विकास एवं उद्यमिता (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री श्री आर. के. सिंह ने कहा है कि दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) और इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) का विलय कर दिया जायेगा एवं इसके स्थान पर नई योजना घोषित की जाएगी।

क्या है इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस)?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2015 में 45,000 करोड़ रुपए की इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) लॉन्च की थी। आईपीडीएस योजना का लक्ष्य 2022 तक हर किसी 24 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित करना और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत बनाना है। इस योजना से बिजली क्षेत्र से जुड़े विशेषकर शहरी क्षेत्रों की कई समस्याओं का हल निकल आएगा, जिसमें फ्रॉड भी शामिल है।’
  • इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम के दायरे में सब-ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में मजबूती लाने के साथ ही सोलर पैनल की प्रॉविजनिंग, शहरी क्षेत्रों में डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मरों/फीडरों/कंज्यूमर्स की मीटरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में आईटी को बढ़ावा देना शामिल है।

दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (Deen Dayal Upadhyay Gram Jyoti Yojana)

क्या है दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई)?

  • दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) पूरे ग्रामीण भारत को निरंतर बिजली की आपूर्ति प्रदान करने के लिए बनाया गया है। यह योजना नवंबर 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गयी थी। यह योजना विद्युत मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की 24x7 आपूर्ति को उपलब्ध करवाना है। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड (आरईसी) योजना के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी है।

योजना के मुख्य घटक:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एवं गैर कृषि उपभोक्ताओं की आपूर्ति को विवेकपूर्ण तरीके से बहाल करने की सुविधा हेतु कृषि और गैर कृषि फीडरों का पृथक्करण
  • ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर / फीडरों / उपभोक्ताओं की नपाई सहित उप-पारेषण और वितरण की आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण एवं आवर्धन
  • राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत पहले से ही मंजूर माइक्रो ग्रिड और ऑफ ग्रिड वितरण नेटवर्क एवं ग्रामीण विद्युतीकरण परियोजनाओं को पूरा किया जाना।

फिट इंडिया अभियान

चर्चा में क्यों

  • केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री और खेल मंत्री ने स्कूली बच्चों के लिए फिट इंडिया अभियान के तहत “फिट है तो हिट है इंडिया” कार्यक्रम लॉन्च किया।

फिट इंडिया अभियान (Fit India Movement)

क्या है फिट इंडिया अभियान

  • प्रधानमंत्री ने 29 अगस्त, 2019 को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम से फिट इंडिया अभियान की शुरुआत की थी।
  • इस अभियान का उद्देश्य लोगों को खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।
  • ‘फिट इंडिया’ अभियान स्वस्थ भारत की दिशा में काम करने का एक बेहतर प्रयास है। इस अभियान के अंतर्गत व्यक्ति और संगठन अपने साथ-साथ अन्य लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए विभिन्न प्रयास कर सकते हैं।
  • फिट इंडिया अभियान भारत के लिए इसलिए भी महत्त्व रखता है क्योंकि यह न सिर्फ संभावित बीमारियों से बल्कि उसके दुष्प्रभावों से भी व्यक्ति को बचाया जा सकता है।

फिट इंडिया की प्रमुख विशेषताएँ

  • इस अभियान में खेल मंत्रालय के साथ मानव संशाधन विकास मंत्रालय (MHRD) और पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्रालय मिलकर काम करेंगे और देश में फिटनेस के प्रति जागरुकता फैलाएंगे।
  • सरकार इस अभियान को करीब चार साल तक चलाएगी। फिटनेस को लेकर हर साल अलग-अलग विषयों पर अभियान चलाया जाएगा। पहले साल शारीरिक फिटनेस, दूसरे वर्ष खाने की आदत, तीसरे वर्ष पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली और अंतिम साल रोगों से दूर रहने के तरीकों के प्रति जागरूकता फैलाई जाएगी।
  • ‘फिट इंडिया’ अभियान के तहत केंद्र सरकार ने देशभर में 12500 आयुष केंद्र बनाने का भी लक्ष्य रखा है। आयुष और योग फिट इंडिया मुहिम के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। आज योग दुनिया को भारत के साथ जोड़ने का माध्यम बन रहा है।
  • एफ़एसएसएआई द्वारा चलाया जा रहा “ईट राइट इंडिया अभियान” देश भर में उपभोक्ताओं को सुरक्षित व पौष्टिक भोजन के प्रति जागरूक बनाकर फिट इंडिया अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

नागरहोल राष्ट्रीय पार्क

चर्चा में क्यों

  • वन विभाग ने नागरहोल राष्ट्रीय पार्क से लगी सड़कों में यातायात निगरानी तंत्र लगाने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत अललुर गेट, बुदिथिट्टु और मज्जिघल्ला हादी जैसे उच्च यातायात घनत्व वाली जगहों से गुजरने वाले वाहनों के लिए एक टाईम-स्टैम्प्ड कार्ड प्रणाली की शुरुआत की जाएगी।
  • इस टाइम-स्टैम्पिंग तंत्र से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि मोटर चालक बीच रास्ते में रुककर वन्यजीवों को परेशान न करें और पार्क में गंदगी न फैलाएं।
  • यह तंत्र यह सुनिश्चित करेगा कि मोटर चालक अधिक गति से वाहन न चलाए ताकि पार्क के जीवों को सड़क दुर्घटना से बचाया जा सके।

नागरहोल राष्ट्रीय पार्क (Nagarhole National Park)

नागरहोल राष्ट्रीय पार्क के बारे में

  • कर्नाटक के मैसूर जिले में स्थित नागरहोल नेशनल पार्क में वनस्पतियों और जीवों की कई विभिन्न प्रजातियां पाई जाती है।
  • इस राष्ट्रीय उद्यान को 'राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान' के नाम से भी जाना जाता है। वर्ष 1988 में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था।
  • इस राष्ट्रीय उद्यान में एशियाई हाथी पाए जाते हैं, यहाँ हाथियों के बड़े-बड़े झुंड आसानी से दिखाई देते हैं।
  • इस नेशनल पार्क में हाथी, सियार, बाघ, पैंथर, गौर, सांभर, चित्तीदार हिरण, मोंगोज, सिवेट बिल्ली, हायना और स्लॉथ बीयर जैसे कई जीवों के अलावा 250 किस्म के पक्षी पाये जाते हैं।
  • कबिनी नदी नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान को बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान से अलग करती है।
  • नागरहोल के अलावा कर्नाटक में अन्य प्रमुख राष्ट्रीय पार्क हैं- बांदीपुर राष्ट्रीय पार्क, बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय पार्क, अंशी राष्ट्रीय पार्क।