यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स (02 जुलाई 2020)


यूपीएससी और सभी राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाओं के लिए हिंदी में डेली करेंट अफेयर्स

Daily Hindi Current Affairs for UPSC, IAS, UPPSC/UPPCS, BPSC, MPPSC, RPSC and All State PCS Examinations


वेस्ट बैंक और पश्चिम एशिया शान्ति योजना

चर्चा में क्यों?

  • इजराइली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस महीने में अपने कब्जे वाले वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों को इज़राइल में विलय की योजना को स्थगित कर दिया है।

वेस्ट बैंक

  • वेस्ट बैंक भूमध्यसागर के तट के निकट एक भूभाग है जो चारों ओर से अन्य देशों से घिरा (landlocked) हुआ है. इसके पूर्व में जॉर्डन तथा दक्षिण, पश्चिम और उत्तर में इजराइल है।
  • वेस्ट बैंक के अन्दर मृत सागर (dead sea) के पश्चिमी तट का एक बड़ा भाग भी आता है।
  • वस्तुतः वेस्ट बैंक ऑटोमान साम्राज्य क हिस्सा था जिस पर प्रथम विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन का कब्जा था।
  • 1947 में संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा इसे अंतराष्ट्रीय क्षेत्र घोषित किया था, लेकिन 1948 में अरब-इज़राइल युद्ध के दौरान इस पर जार्डन का कब्जा हो गया।
  • 1967 के तीसरे अरब-इज़राइल युद्ध के बाद से इस पर इज़राइल का कब्जा है और तभी से वेस्ट बैंक को लेकर इसराइल और फलस्तीनियों में विवाद चल रहा है।

क्या है पश्चिम एशिया शान्ति योजना?

  • इजराइल और फिलिस्तीनियों के बीच स्थगित वार्ता को फिर से शुरू करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा पश्चिम एशिया के लिए एक शान्ति योजना (West Asia Peace Plan) घोषित की गयी थी।
  • जिसमें एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश के निर्माण और पश्चिम तट की बस्तियों पर इजराइल की सम्प्रभुता स्थापित करने की बात काही गयी थी।
  • इस योजना में यह भी कहा गया था कि यदि फिलिस्तीनी इससे सहमत होता है तो अमेरिका दस वर्षों में इस शांति एवं पुनर्निर्माण प्रक्रिया के लिए 50 मिलियन डॉलर का निवेश करेगा।

गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में गृह मंत्रालय ने नौ वांछित पुरुषों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के अंतर्गत नामित आतंकवादी के रूप में शामिल किया गया है।
  • पिछले सितंबर में, यूएपीए के बदले हुए प्रावधानों के तहत व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित किए जाने वाले पहले चार आतंकवादी थे - मौलाना मसूद अजहर, हाफिज सईद, जकी उर रहमान लखवी और दाऊद इब्राहिम।
  • हालिया सूची के साथ, व्यक्तिगत रूप से घोषित किए गए कुल लोगों की संख्या अब 13 हो गई है। केंद्र द्वारा नामित नौ आतंकवादी हैं:
  1. वधवा सिंह बब्बर, पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के प्रमुख।
  2. लखबीर सिंह भी पाकिस्तान में स्थित है वह इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन चलाता है।
  3. रणजीत सिंह, पाकिस्तान स्थित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के प्रमुख।
  4. परमजीत सिंह खालिस्तान कमांडो फोर्स से संबंधित थे।
  5. खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के प्रमुख सदस्य जर्मनी के भूपिंदर सिंह भिंडा।
  6. गुरमीत सिंह बग्गा भी जर्मनी में है और खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स से संबद्ध है।
  7. न्याय के लिए विवादास्पद संगठन सिखों के अमेरिका स्थित प्रमुख सदस्य गुरपतवंत सिंह पन्नून।
  8. हरदीप सिंह निज्जर, जो कनाडा में रहता है और खालिस्तान टाइगर फ़ोर्स चलाता है।
  9. यूनाइटेड किंगडम से परमजीत सिंह और आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के प्रमुख।
  • ये नौ लोग कथित रूप से सीमा पार से और विदेशी धरती से भारत में आतंक के विभिन्न कामों में शामिल रहे हैं।

गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम-1967

  • 1967 में इंदिरा गांधी की सरकार के समय इस कानून को देश की संप्रभुता और एकता की रक्षा करने के लिए बनाया गया था। 1962 में भारत-चीन युद्ध में जब भारत की पराजय हुई और तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने राज्य के भारत से अलग होने के मुद्दे को लेकर चुनाव लड़ा था, तब केंद्र सरकार ने इस कानून का गठन किया, जिसके तहत ऐसे किसी भी संगठन को सरकार गैर-कानूनी करार दे सकती है, जो भारत से अलग होने की बात करता हो।
  • यूएपीए के अनुसार पुलिस किसी संदिग्ध को बिना चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किये 180 तक दिन कैद में रख सकती है। 2012 में हुए संशोधन ने भारत की आर्थिक सुरक्षा को खतरे में डालने को भी इस कानून के दायरे में ला दिया।

गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 2019 :-

  • 1967 में निर्मित इस अधिनियम को पुनः आधुनिक वैश्विक प्रथाओं के अनुरूप 2019 में संसोधित किया गया।
  • नए संशोधनों का उद्देश्य आतंक से संबंधित अपराधों में त्वरित जांच और अभियोजन की सुविधा प्रदान करना है। इसका सबसे महत्वपूर्ण भाग एक व्यक्ति को आतंकवादी के रूप में नामित करने की अनुमति देता है (इसके पूर्व व्यक्ति नहीं वरन संस्था आतंकवादी सांगठन के रूप में नामित होती थी)।
  • इसका उद्देश्य भारत में गैरकानूनी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रोकना है। यह मूल रूप से भारत की संप्रभुता और अखंडता के विरुद्ध निर्देशित गतिविधियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सरकार को सशक्त बनाने का प्रयास करता है।
  • इसमें अपराधों की जांच करने के लिए NIA के इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को शक्ति है।
  • अधिनियम राज्य सरकार की पूर्व अनुमति के बिना कहीं भी छापेमारी करने के लिए एनआईए को सशक्त करने का प्रयास करता है।
  • इस तरह के आतंकवाद विरोधी कानून पहले से ही अमेरिका, चीन, इजरायल और ईयू जैसे देशों में हैं।

आतंकवादी घोषित किये गए व्यक्ति के अधिकार

  • कानून के दुरुपयोग के बारे में सभी आशंकाओं से निदान हेतु यह प्रावधान है कि आतंकवादी के रूप में नामित एक व्यक्ति गृह सचिव को अपील कर सकता है तथा 45 दिनों के भीतर अपील का निपटान करना होगा।
  • केंद्र अधिनियम के तहत एक समीक्षा समिति का गठन करेगा। आतंकवादी घोषित व्यक्ति अपने नाम को सम्मिलित करने के खिलाफ अपील कर सकता है और समिति के समक्ष सुनवाई कर सकता है।
  • अगर गृह सचिव के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तो विचाराधीन व्यक्ति उच्च न्यायालय के सिटिंग / रिटायर्ड जज की अगुवाई वाली कमेटी को स्थानांतरित कर सकता है और इसमें केंद्र सरकार के कम से कम दो सेवानिवृत्त सचिव शामिल हो सकते हैं।

एक्सीलेरेट विज्ञान (Accelerate Vigyan)

चर्चा में क्यों?

  • देश में वैज्ञानिक शोध की गति को तेज करने और विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करने वाले मानव संसाधन को तैयार करने के उद्देश्य से विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सांविधिक निकाय विज्ञान और इंजीनियरी अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) द्वारा ‘एक्सीलेरेट विज्ञान’ योजना की शुरुआत की गई है।

क्या है ‘एक्सीलेरेट विज्ञान’ योजना?

  • अनुसंधान की गुणवत्ता उससे जुड़े प्रशिक्षित अनुसंधानकर्ताओं के विकास पर आधारित होती है को स्वीकार करते हुए ‘एक्सीलेरेट विज्ञान’ योजना विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों को रिसर्च इंटर्नशिप, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और कार्यशालाओं से संबंधित एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
  • यह योजना अनुसंधान की संभावनाओं, परामर्श, प्रशिक्षण और व्यावहारिक कार्य प्रशिक्षण की पहचान करने की कार्यविधि को सुदृढ़ करेगी। इस योजना का मूल दृष्टिकोण अनुसंधान के आधार का विस्तार करना है। इसके तीन व्यापक लक्ष्यों में वैज्ञानिक कार्यक्रमों का एकत्रीकरण, संसाधनों/सुविधाओं से दूर अनुसंधान प्रशिक्षुओं के लिए स्तरीय कार्यशालाओं की शुरुआत और अवसरों का सृजन करना शामिल है।

अभ्यास’ कार्यक्रम

  • ‘अभ्यास’; ‘एक्सीलेरेट विज्ञान’ योजना का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जो पोस्ट ग्रेजुएट एवं पीएचडी के छात्रों को उनके संबंधित विषयों में कौशल विकास को प्रोत्साहित करता है, ताकि वे शोध एवं विकास को बढ़ावा देने में सक्षम हो सकें। इस कार्यक्रम के दो घटक ‘कार्यशाला’ और रिसर्च इंटर्नशिप ‘वृत्तिका’ हैं।

योजना से जुड़ें अन्य तथ्य

  • “इस पहल के अंतर्गत आगामी पाँच वर्षों में करीब 25 हजार पोस्ट ग्रेजुएट एवं पीएचडी छात्रों को आगे बढ़ने के अवसर मिलने समेत इन्टर्नशिप के केंद्रीय समन्वयन से प्रतिवर्ष अन्य एक हजार स्नातकोत्तर छात्रों को इन्टर्नशिप करने का अवसर मिल सकेगा। इस योजना के तहत सुरक्षित प्रयोगशाला विधियों पर भी ध्यान दिया जाएगा।”
  • ‘एक्सीलेरेट विज्ञान’ योजना मिशन मोड में कार्य करेगी (विशेषकर देश में सभी प्रमुख वैज्ञानिक समारोहों के एकीकरण में)। इस संबंध में, सभी वैज्ञानिक मंत्रालयों/विभागों और कुछ अन्य सदस्यों को मिलाकर एक अंतर मंत्रालयी निरीक्षण समिति (आईएमओसी) का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य योजना को कार्यान्वित करने में एसईआरबी की सहायता और समर्थन करना है।
  • देश के वैज्ञानिक समुदाय की सामाजिक जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करते हुए यह योजना प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने दिशा में क्षमता निर्माण के संबंध में सभी हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
  • ‘अभ्यास’ के अलावा इस योजना के अंतर्गत संचालित एक अन्य कार्यक्रम ‘समूहन’ है, जिसके घटकों में ‘संयोजिका’ एवं ‘संगोष्ठी’ शामिल हैं।
  • संयोजिका देश में सभी सरकारी फंडिंग एजेंसियों द्वारा समर्थित विज्ञान और प्रौद्योगिकी में क्षमता निर्माण गतिविधियों को सूचीबद्ध करने के लिए शुरू किया गया कार्यक्रम है। जबकि, ‘संगोष्ठी’ एसईआरबी द्वारा संचालित एक अन्य कार्यक्रम है।

नमामि गंगे कार्यक्रम

चर्चा में क्यों?

  • विश्वबैंक ने भारत सरकार के गंगा पुनरोद्धार कार्यक्रम के लिए अपने सहयोग का विस्तार करते हुए नमामि गंगे कार्यक्रम को समर्थन प्रदान किया है। गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने के लिए विश्वबैंक ने गंगा पुनरोद्धार कार्यक्रम के लिए 40 करोड़ डॉलर या करीब 3,000 करोड़ रुपये की सहायता राशि को मंजूर किया है।
  • विश्वबैंक के इस सहायता कार्यक्रम द्वारा नदी बेसिन के प्रबंधन को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही दीर्घावधि में इसे नदी के प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।

नमामि गंगे कार्यक्रम (Namami Gange - National Mission for Clean Ganga)

नमामि गंगे कार्यक्रम के बारे में

  • सरकार ने गंगा नदी के प्रदूषण को समाप्त करने और नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 2014 में ‘नमामि गंगे’ नामक एक एकीकृत गंगा संरक्षण मिशन का शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नदी की सफाई के लिए बजट को चार गुना करते हुए पर 2019-2020 तक नदी की सफाई पर 20,000 करोड़ रुपए खर्च करने की केंद्र की प्रस्तावित कार्य योजना को मंजूरी दे दी और इसे 100% केंद्रीय हिस्सेदारी के साथ एक केंद्रीय योजना का रूप दिया।

नमामि गंगे कार्यक्रम की कार्य योजना

  • कार्यक्रम के कार्यान्वयन को शुरूआती स्तर की गतिविधियों (तत्काल प्रभाव दिखने के लिए), मध्यम अवधि की गतिविधियों (समय सीमा के 5 साल के भीतर लागू किया जाना है), और लंबी अवधि की गतिविधियों (10 साल के भीतर लागू किया जाना है) में बांटा गया है।
  • शुरूआती स्तर की गतिविधियों के अंतर्गत नदी की उपरी सतह की सफ़ाई से लेकर बहते हुए ठोस कचरे की समस्या को हल करने; ग्रामीण क्षेत्रों की सफ़ाई से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की नालियों से आते मैले पदार्थ (ठोस एवं तरल) और शौचालयों के निर्माण; शवदाह गृह का नवीकरण, आधुनिकीकरण और निर्माण ताकि अधजले या आंशिक रूप से जले हुए शव को नदी में बहाने से रोका जा सके, लोगों और नदियों के बीच संबंध को बेहतर करने के लिए घाटों के निर्माण, मरम्मत और आधुनिकीकरण का लक्ष्य निर्धारित है।
  • मध्यम अवधि की गतिविधियों के अंतर्गत नदी में नगर निगम और उद्योगों से आने वाले कचरे की समस्या को हल करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें 2500 एमएलडी अतिरिक्त ट्रीटमेंट कैपेसिटी का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में कैबिनेट हाइब्रिड वार्षिकी आधारित पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विचार किया जा रहा है।
  • औद्योगिक प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए बेहतर प्रवर्तन के माध्यम से अनुपालन को बेहतर बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। गंगा के किनारे स्थित ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को गंदे पानी की मात्रा कम करने या इसे पूर्ण तरीके से समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इन निर्देशों के कार्यान्वयन के लिए कार्य योजना पहले से ही तैयार कर चुका है और सभी उद्योगों को गंदे पानी के बहाव के लिए रियल टाइम ऑनलाइन निगरानी केंद्र स्थापित करना होगा।
  • इस कार्यक्रम के तहत इन गतिविधियों के अलावा जैव विविधता संरक्षण, वनीकरण (वन लगाना), और पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। महत्वपूर्ण प्रतिष्ठित प्रजातियों, जैसे – गोल्डन महासीर, डॉल्फिन, घड़ियाल, कछुए, ऊदबिलाव आदि के संरक्षण के लिए कार्यक्रम पहले से ही शुरू किये जा चुके हैं। इसी तरह ‘नमामि गंगे’ के तहत जलवाही स्तर की वृद्धि, कटाव कम करने और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिति में सुधार करने के लिए 30,000 हेक्टेयर भूमि पर वन लगाये जाएंगे।
  • लंबी अवधि के तहत ई-फ़्लो के निर्धारण, बेहतर जल उपयोग क्षमता, और सतही सिंचाई की क्षमता को बेहतर बना कर नदी का पर्याप्त प्रवाह सुनिश्चित किया जाएगा।

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