वोडाफोन भूतलक्षी (रेट्रोस्पेक्टिव) कर विवाद - यूपीएससी, आईएएस, सिविल सेवा और राज्य पीसीएस परीक्षाओं के लिए समसामयिकी लेख

सन्दर्भ:-

  • हेग स्थित इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल ने लगभग 2 बिलियन के कर सम्बन्धी वोडाफोन बनाम भारत सरकार के मामले में निर्णय देते हुए वोडाफोन को टैक्स रिलीफ दी है।

परिचय :-

  • 2007 में हुए वोडाफोन तथा हच डील के कराधान से उत्पन्न विवाद में हाल ही में हेग स्थित इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल ने निर्णय दिया है।जिसमे न्यायलय द्वारा भारतीय सरकार द्वारा वोडाफोन पर किये गए लगभग 2 बिलियन रुपये के कराधान को गलत ठहराया है। न्यायालय ने कहा कि ऐसा कर भारत सरकार फेयर एंड इक्वीटेबल ट्रीटमेंट (उचित एवं सामान व्यवहार ) तथा अंतर्राष्ट्रीय नियमो का का उलंघन कर रही है।

विवाद एक नजर में

  • 2007 में इंग्लैंड की टेलीकॉम सेक्टर की प्रमुख कंपनी वोडाफोन ने एक दूसरी कंपनी हच एस्सार की भारतीय संपत्ति का अधिग्रहण कर लिया जिसका कुल मूल्य लगभग 11 बिलियन डॉलर था । हच एस्सार में भागीदारी एक हालैंड स्थित कंपनी हचिसन टेलीकॉम इंटरनेशनल की 67 फ़ीसदी हिस्सेदारी थी और 33 फ़ीसदी हिस्सा भारतीय कंपनी एस्सार समूह का था। वोडाफोन तथा हचिसन टेलीकॉम की यह डील भारत के बाहर हुई ऐसे में वोडाफोन का मानना था की वह भारतीय कर प्राधिकरण को कर देने हेतु बाध्य नहीं है।
  • परन्तु भारत के कर अधिकरण का मानना था कि चुकी जिस संपत्ति क्रय विक्रय हुआ है वह भारत में कार्यरत थी ऐसे में भारत सरकार ने वोडाफोन पर करारोपड कर दिया।
  • ऐसे में वोडाफोन की तरफ से भारत सरकार के विरुद्ध बॉम्बे उच्च न्यायालय में अपील की तथा बॉम्बे उच्च न्यायालय ने वोडाफोन को लगभग 11000 करोड़ कर का आदेश दिया। वोडाफोन की तरफ से उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की गई तथा उच्चतम न्यायालय ने 2012 वोडाफोन के पक्ष में निर्णय देते हुए करारोपड को खंडित कर दिया।
  • इस समय तक सरकार जानबूझ कर टैक्स की चोरी करने वाले बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर लगाम लगाने की तैयारी में थी। बेस इरोजन तथा प्रॉफिट शिफ्टिंग के बढ़ते मामलों के कारण देश को कर राजस्व की हानि हो रही थी ऐसे में सरकार ने जनरल एंटी अवोइडेन्स रूल (गार ) बनाया तथा इसे भूतलक्षी प्रभाव से लागू कर दिया।
  • कानून के भूतलक्षी प्रभाव से लागू होने के कारण वोडाफोन कर के दायरे में आगई तथा सरकार ने वोडाफोन पर कर ,करोपरांत अर्थदंड के रूप में 27900 करोड़ रूपए जमा करने का आदेश दिया।
  • इसी आदेश के विरोध में वोडाफोन हेग स्थित अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय गई थी जहाँ वोडाफ़ोन के पक्ष में निर्णय हुआ।

फेयर एंड इक्वीटेबल ट्रीटमेंट (उचित एवं सामान व्यवहार)

  • इस सिद्धांत के अनुसार सरकारों को द्विपक्षीय या बहुपक्षीय एग्रीमेंट के आधार पर विदेशी तथा स्थानीय कंपनियों में विभेद नहीं करेंगी तथा दूसरी देश की कंपनियों के साथ किसी भी देश में समान व्यवहार किया जाएगा।

गार क्या है

  • गार की संकल्पना सर्वप्रथम 2012-13 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा लायी गई थी । बहुराष्ट्रीय कंपनियों जानबूझकर कर की चोरी को रोकने के उद्देश्य से यह कणों लाया गया था। पार्थसारथी सोम समिति ने 3 साल बाद जीएएआर लागू करने का सुझाव दिया था जिससे विदेशी निवेशकों के मन में भारत के कानून को लेकर अनिश्चितता न हो। लिहाजा जीएएआर पहले 1 अप्रैल 2014 से लागू करने का प्रस्ताव था अब यह 1 अप्रैल 2017 से लागू होगा। पार्थसारथी सोम द्वारा दी गई अनुशंसा के आधार पर भूतलक्षी प्रभाव को भी समाप्त कर दिया गया। गार 3 करोड़ रुपये से अधिक के टैक्स बेनेफिट वाले दावों पर ही लागू होता है।

वोडाफोन के लिए इस निर्णय का महत्व

  • एजीआर की समस्या , जिओ से प्रतिस्पर्धा तथा बढ़ते कर्ज से जूझती वोडाफोन के लिए यह राहत की उम्मीद है।

निर्णय का भारत पर प्रभाव

  • यद्यपि यह निर्णय भारत के उच्चतम न्यायालय का दोहराव है। इससे भारतीय न्याय प्रणाली के सशक्त स्थिति को प्रदर्शित करता है।
  • भारत में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए यह अच्छा संकेत है।
  • इस निर्णय के पूर्व ही भारत इसके निमित्त कानून बन सका।

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3

  • अर्थव्यवस्था

मुख्य परीक्षा प्रश्न :

  • हाल ही में हेग स्थित इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल एक कर सम्बन्धी विवाद वोडाफोन बनाम भारत सरकार के मामले में निर्णय देते हुए वोडाफोन को टैक्स रिलीफ दी है ? इस निर्णय के विभिन्नहितधारकों पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा करें ?