‘मृदा संरक्षण के बिना खाद्य सुरक्षा नहीं’ - समसामयिकी लेख

   

कीवर्ड : सतत खाद्य उत्पादन, मृदा क्षरण , लवणीकरण, रासायनिक कीटनाशक, खाद्य और कृषि संगठन।

संदर्भ:

  • अभूतपूर्व पैमाने पर मृदा का क्षरण स्थायी खाद्य उत्पादन के लिए (खाद्य सुरक्षा के लिए ) एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है।
  • पृथ्वी की लगभग एक-तिहाई मृदा पहले से ही निम्नीकृत (बंजर) हो चुकी है और चिंताजनक बात यह है कि यदि कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो 2050 तक लगभग 90 प्रतिशत मृदा बंजर ( निम्नीकृत ) हो सकती है।

क्या आप जानते हैं?

  • भारत का सिक्किम, विश्व का पहला जैविक राज्य बन गया है।
  • पूर्वोत्तर भारत के छोटे राज्यों ने रासायनिक कीटनाशकों और उर्वरकों को धीरे-धीरे लेकिन दृढ़ता से समाप्त करने में सफलता प्राप्त की है और पूरे राज्य को जैविक कृषि में बदल दिया है।

मृदा की अवनति:

  • मृदा निम्नीकरण मिट्टी की स्थिति में गिरावट है जो इसके अनुचित उपयोग या खराब प्रबंधन (आमतौर पर कृषि, औद्योगिक या शहरी उद्देश्यों के लिए ) के कारण होती हैI

मृदा क्षरण का प्रभाव:

1. जल की कमी

  • नष्ट हुई मृदा जल प्रवाह को अवशोषित और नियंत्रित नहीं कर सकती है।
  • जल प्रतिधारण की कमी से जल की कमी, सूखा और बाढ़ आती है।
  • कार्बनिक पदार्थ अपने वजन का 90% तक जल धारण कर सकते हैं और समय के साथ इसे धीरे-धीरे छोड़ते हैं। सूखा प्रभावित क्षेत्रों में यह प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

2. जैव विविधता की हानि

  • वैज्ञानिकों का कहना है कि निवास स्थान (आवास ) के नुकसान के कारण, प्रतिवर्ष जीवों की लगभग 27000 प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं।
  • संकट उस बिंदु पर पहुंच गया है जहां 80% कीट बायोमास का ह्रास हो चुका है ।
  • जैव विविधता का नुकसान मिट्टी के आवास को और बाधित कर सकता है और मृदा के पुनर्जनन को रोकता है।

3. जलवायु परिवर्तन:

  • मृदा में संग्रहित कार्बन जीवित पौधों की तुलना में 3 गुना अधिक है , और वातावरण में 2 गुना अधिक है, जिसका अर्थ है कि कार्बन पृथक्करण के लिए मृदा महत्वपूर्ण है।
  • यदि दुनिया की मृदा को पुनर्जीवित नहीं किया जाता है, तो वे जलवायु परिवर्तन में योगदान देने वाले वातावरण में 850 बिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ सकते हैं। यह पिछले 30 वर्षों में संयुक्त रूप से मानवों के सभी उत्सर्जन से अधिक है।

4. आजीविका की हानि

  • विश्व स्तर पर भूमि क्षरण से 74 प्रतिशत गरीब प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होते हैं।
  • यह अनुमान है कि मिट्टी के विलुप्त होने से दुनिया को प्रति वर्ष 10.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हो रहा है।

5. संघर्ष और प्रवासन:

  • जनसंख्या वृद्धि, भोजन और पानी की कमी के कारण 2050 तक 1 बिलियन से अधिक लोग अन्य क्षेत्रों और देशों में प्रवास कर सकते हैं।
  • 1990 के बाद से अफ्रीका में 90% से अधिक प्रमुख युद्धों और संघर्षों में भूमि के मुद्दों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • फ्रांसीसी क्रांति से लेकर अरब वसंत अरब स्प्रिंग ) तक, बड़े पैमाने पर विरोध आंदोलनों के पीछे उच्च खाद्य कीमतों को एक महत्वपूर्ण कारक माना गया है।

मृदा स्वास्थ्य और खाद्य उत्पादन के बीच संबंध:

  • खाद्य सुरक्षा आर्थिक विकास के प्रमुख संकेतकों में से एक है । कृषि के आधुनिकीकरण ने फसल उत्पादन में सुधार के अलावा, बड़ी संख्या में लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के मामले में भारी लाभांश लाया है।
  • स्थायी खाद्य उत्पादन का एक प्रमुख तत्व स्वस्थ मृदा है क्योंकि वैश्विक खाद्य उत्पादन का लगभग 95 प्रतिशत मृदा पर निर्भर करता है। मृदा स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है।
  • जबकि माना जाता है कि भारत में 145 मिलियन हेक्टेयर में मिट्टी का क्षरण होता है, यह अनुमान है कि 96.40 मिलियन हेक्टेयर कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत भूमि क्षरण से प्रभावित है।
  • वैश्विक स्तर पर, 5,670 मिलियन हेक्टेयर भूमि की जैव-भौतिक स्थिति में गिरावट आ रही है, जिसमें से 1,660 मिलियन हेक्टेयर (29 प्रतिशत) मानव-प्रेरित भूमि क्षरण के लिए जिम्मेदार है।

मृदा क्षरण को कैसे रोकें:

1. सतत कृषि पद्धतियों के माध्यम से मृदा के कटाव को रोकना

  • पुनर्योजी कृषि तकनीकों में पारिस्थितिक तंत्र और आवासों को संरक्षित और पुनर्स्थापित करने और मृदा की गुणवत्ता और स्वास्थ्य में सुधार करने की क्षमता है।

2. विंडब्रेक ( वायुरोधी ) लगाकर मृदा की रक्षा करना

  • विंडब्रेक फसल उत्पादन में सुधार, मिट्टी, लोगों और पशुओं की रक्षा के लक्ष्य के साथ झाड़ियों और पेड़ों के रैखिक रोपण की एक तकनीक है।
  • एफएओ के अनुसार, विंडब्रेक हवा के वेग को सबसे ऊंचे पेड़ों की ऊंचाई से लगभग 15 गुना कम कर सकते हैं।
  • नतीजतन, बड़े फसल क्षेत्रों में मृदा ह्रास की दर कम होती है।

3. मृदा के कटाव को रोकने के लिए पत्थर की दीवारें

  • सूखी पत्थर की दीवार मृदा अपरदन को रोकती हैI इस दीवार के पीछे जमा होने वाली तलछट कृषि के लिए उपयुक्त मृदा का निर्माण करता है I

4. संरक्षण जुताई और मृदा अपरदन

  • संरक्षण जुताई, जुताई की एक विधि है जो जुताई पास की संख्या को कम करता है।
  • संरक्षण जुताई तकनीकों में मिट्टी की ऊर्ध्वाधर गति को कम करने की क्षमता है।
  • इस तरह, मिट्टी की सतह पर अधिक फसल अवशेष छोड़े जाते हैं जिससे पानी या वायु द्वारा अपरदन में कमी आती है।

मृदा संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाएं:

1. राष्ट्रीय कृषि विज्ञान योजना (आरकेवीवाई)

  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऊपरी मृदा का संरक्षण करना, मृदा की उर्वरता में सुधार, फसल उत्पादन में वृद्धि, बंजर भूमि, नदी घाटियों और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र वाले वाटरशेड क्षेत्रों की भूमि और जल उत्पादकता में वृद्धि करना है।
  • कार्यक्रम को नोडल एजेंसी के रूप में कृषि विभाग के साथ क्रियान्वित किया जाता है।

2. त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (एआईबीपी)

  • कार्यक्रम का मुख्य जोर सिंचाई के तहत क्षेत्र में वृद्धि करना है जिससे क्षेत्र की उत्पादकता में वृद्धि हो और लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हो।

3. मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना:

  • कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि और सहकारिता विभाग द्वारा प्रवर्तित भारत सरकार की एक योजना है ।
  • मृदा स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति का आकलन करने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना लाइ गई थीI भूमि प्रबंधन से प्रभावित मृदा स्वास्थ्य में परिवर्तन का निर्धारण करने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड का उपयोग किया जाता है।

निष्कर्ष:

  • मृदा स्वास्थ्य दुनिया भर में एक चिंता का विषय बना हुआ है और खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जल की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे के मामलों को प्रभावित करता है।
  • आम लोगों से लेकर सरकारों में शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के साथ ही, किसानों से लेकर सीईओ तक, वैज्ञानिकों से लेकर स्कूली बच्चों तक, सभी को धरती के स्वास्थ्य को बचाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस अभियान में शामिल होना चाहिए।
  • यदि हम बढ़ती वैश्विक आबादी का पेट भरना चाहते हैं, जैव विविधता की रक्षा करना चाहते हैं और पौधे के जलवायु संकट को दूर करने में मदद करना चाहते हैं तो इसके लिए मृदा संरक्षण अति आवश्यक है।

स्रोत: Indian Express

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3:
  • जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण, और आपदा प्रबंधन I

मुख्य परीक्षा प्रश्न:

  • मृदा स्वास्थ्य के बिना खाद्य सुरक्षा संभव नहीं है। चर्चा कीजिए।