"K" शेप्ड रिकवरी - समसामयिकी लेख

सन्दर्भ

हाल ही में जेपी मॉर्गन के मुख्य भारत अर्थशास्त्री साजिद चिनॉय ने कहा कि कोविड-19 के उपरान्त आर्थिक रिकवरी की संभावनाएं भारत और दुनिया भर में बढ़ रही हैं। यह रिकवरी K शेप रिकवरी के रूप में है।

परिचय

  • 2020 में कोरोना महामारी ने भारत सहित सम्पूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। भारत सहित विश्व के कई देशो में लगे लॉकडाउन ने सम्पूर्ण वैश्विक अर्थव्यवस्था की गति को मंद कर दिया था। भारत पर इसका अत्यधिक प्रभाव रहा तथा भारत की आर्थिक वृद्धिदर नकारात्मक हो चली थी।
  • लॉकडाउन के हटने तथा कोरोना वैक्सीन के निर्माण के उम्मीद ने फिर से अर्थव्यवस्था को गति प्रदान की। इस परिपेक्षय में जेपी मॉर्गन के मुख्य भारत अर्थशास्त्री साजिद चिनॉय ने कहा कि देश तथा विश्व की अर्थव्यवस्था "K" शेप में रिकवरी कर रही है।

क्या है "K" शेप रिकवरी :-

  • किसी अर्थव्यवस्था में "K" शेप रिकवरी की स्थिति तब आती है जब अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रक भिन्न-भिन्न गति से रिकवरी कर रहे हों। "K" शेप रिकवरी से अर्थव्यवस्था की संरचना में व्यापक परिवर्तन होता है और आर्थिक परिणाम और संबंध मंदी के पहले और बाद में मौलिक रूप से बदल जाते हैं।
  • इस प्रकार की रिकवरी को K- आकार कहा जाता है क्योंकि अर्थव्यवस्था के विभिन्न हिस्सों का पथ जब एक साथ चलता है स्थिति रोमन अक्षर "K" के दो भुजाओं के समान हो सकता है।
  • शब्द "K" शेप रिकवरी 2020 के COVID-19 महामारी के आर्थिक प्रभाव मद्देनजर प्रमुखता के साथ बढ़ी। और इसका उपयोग । अर्थव्यवस्था में विभिन्न क्षेत्रों, उद्योगों और लोगों के समूहों में असमान आर्थिक सुधार का वर्णन करने के लिए किया गया।
  • आर्थिक मंदी और रिकवरी के अन्य अक्षर-आकार वाले विवरणकों (एल-आकार, वी-आकार, यू-आकार या डब्ल्यू-आकार) के विपरीत( जो सकल घरेलू उत्पाद या कुल रोजगार जैसे अर्थव्यवस्था-व्यापक मैक्रोइकॉनॉमिक कुल चर के मार्ग का वर्णन करते हैं) "K" शेप रिकवरी विभिन्न अलग-अलग आर्थिक चरो के मार्ग का वर्णन करती है, यथा विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में आय या एक दूसरे के सापेक्ष उद्योगों में रोजगार।

वर्तमान की रिकवरी की स्थिति :-

  • इस बार की "K" शेप रिकवरी में वे हाउसहोल्ड पिरामिड के शीर्ष पर विद्यमान हैं जिन्होंने कोरोना के दौरान उन्होंने अपना धन बचा कर रखा। हाउसहोल्ड की यह बचत आगामी भविष्य में उपभोग तथा मांग को बढ़ावा देने में सहायक होगी।
  • जबकि निम्न तथा निम्न मध्य वर्गीय हाउसहोल्ड की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है क्योंकि बेरोजगारी तथा आर्थिक गतिविधि की न्यूनता ने इनके आय को स्थायी रूप से प्रभावित किया है।
  • 2020 के दौरान भारत में कृषि, अर्थव्यवस्था का वाहक बनी है। जबकि लॉजिस्टिक क्षेत्रक बुरी तरह प्रभावित रहे हैं। वही वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक कारो की मांग में बढ़ोत्तरी हुई जिसके चलते एलन मस्क विश्व के सर्वाधिक धनी व्यक्ति हो गए हैं।

भारत में "K" शेप रिकवरी की स्थिति

  • अक्टूबर के बाद से यात्री वाहन पंजीकरण (अंतिम उपभोग )में कारो के पंजीकरण 4 प्रतिशत बढ़ गए हैं जबकि दोपहिया वाहनों में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।
  • भारत के शीर्ष 10 प्रतिशत परिवार कुल खपत के 25-30 प्रतिशत के लिए उत्तरदायी हैं इस स्थिति में यह स्पष्ट है कि उपभोग आधारित मांग में बढ़ोत्तरी होगी। यह मांग ही आगे उत्पादन को बढ़ावा देकर उद्योगों को गति प्रदान करेगी।
  • उच्च आय वाले परिवारों को दो तिमाहियों के लिए उच्च बचत से लाभ हुआ है। वर्तमान में किया जाने वाला उपभोग का व्यय इसी बचत से संभव हो पाया है।
  • परन्तु श्रम उद्योग में ,जहाँ श्रमिकों को मानसिक तथा आर्थिक कष्ट उठाने पड़े हैं , सुधार की आवश्यकता है। बिना श्रम क्षेत्रक को सुधारे उद्योगों को गति नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही श्रमिकों की आय में कटौती मांग को कम भी करेगी इस स्थिति में श्रम क्षेत्र में सुधार आवश्यक है।
  • COVID-19 ने गरीबों से अमीरों के लिए एक प्रभावी आय हस्तांतरण शुरू कर दिया है। यह मांग उत्पत्ति में बाधक होगी, क्योंकि गरीबों के पास उपभोग करने के लिए एक उच्च सीमांत प्रवृत्ति होती है अर्थात उच्च आय वर्ग की तुलना में गरीब वर्ग बचत करने के बजाय खर्च करते हैं।
  • COVID-19 आय और अवसरों की असमानता को बढाकर प्रतिस्पर्धा को कम करता है इस स्थिति में उत्पादकता को हानि पहुंचाकर और राजनीतिक अर्थव्यवस्था की बाधाओं को कसकर विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में प्रवृत्ति वृद्धि पर रोक लगा सकता है।

निष्कर्ष

कोविड-19 के परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन आये हैं। भिन्न-भिन्न आर्थिक क्षेत्रक भिन्न भिन्न गति से रिकवरी कर रहे हैं। परन्तु सम्पूर्ण विश्लेषण में अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ाना सर्वाधिक आवश्यक स्थिति के रूप में उभरकर सामने आ रही है। भारत के कृषक तथा श्रमिक वर्ग की आय को इंटेंसनली बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है अन्यथा यह उत्पादन तथा मांग दोनों को प्रभावित करेगा।

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3
  • अर्थव्यवस्था

मुख्य परीक्षा प्रश्न :

  • "K" शेप रिकवरी से आप क्या समझते हैं ? यह अन्य विवरणको से किस प्रकार भिन्न है ? क्या आप सहमत हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था "K" शेप रिकवरी से गतिशील है?