इंफोपीडिया (Info-paedia) : ग्राफीन और इसकी क्षमता (Graphene and Its Potential)

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खोज:

  • ग्राफीन की खोज 2004 में आंद्रे गेम और कोंस्टन्टिन नोवोसेलोव द्वारा की गई थी, जिन्हें 2010 में इसके लिए नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ।

ग्राफीन:

  • ग्राफीन दुनिया का सबसे पतला, सबसे मजबूत और सबसे चालक पदार्थ है। इसका विद्युत, चालकता, ऊर्जा उत्पादन, बैटरी, सेंसर, एयरोस्पेस, रक्षा और बहुत कुछ में अनेक अनुप्रयोग हैं।

वैश्विक बाजार

  • ग्राफीन का वैश्विक बाजार 2022 में 175.9 मिलियन डॉलर के मूल्यांकन पर था और 2023 से 2030 तक 46.6% की CAGR के साथ विकसित होने की उम्मीद है (ग्रैंड व्यू रिसर्च के अनुसार)।

ग्राफीन शोध में अग्रणी देश

  • चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया, रूस और सिंगापुर ग्राफीन शोध में अग्रणी देशों में हैं। इसके मुकाबले भारत के पेटेंट दाखिल करने की संख्या अन्य देशों की तुलना में कम है।

ग्राफीन की वाणिज्यिक उत्पादन

  • ग्राफीन की वाणिज्यिक उत्पादन में चीन और ब्राजील वैश्विक नेता है भारत का उत्पादन चीन और ब्राजील की तुलना में बहुत कम है।

भारत में प्रगति

  • भारत ने ग्राफीन शोध और नवाचार में कुछ प्रगति की है । कुछ अध्ययन संस्थान और स्टार्टअप ग्राफीन पर आधारित अनुप्रयोगों पर काम कर रहे हैं।

तेजी से प्रगति की आवश्यकता

  • भारत को ग्राफीन में अपनी प्रगति को गति देने की आवश्यकता है, ताकि वह क्षेत्र में अग्रणी दशो में से एक बन सके। एक राष्ट्रीय ग्राफीन मिशन फायदेमंद साबित हो सकता है।

छूटा अवसर

  • भारत ने 1990 के मध्य में सेमीकंडक्टर में नेतृत्व करने का मौका छोड़ दिया था। एक ऐसी ही स्थिति से बचने के लिए, ग्राफीन पर ध्यान केंद्रित करना भारत के लिए महत्वपूर्ण है और इसकी संभावित लाभों को न छूटने देने के लिए यह अवश्यक है।

ग्राफीन के अनुप्रयोग

  • जैविक अभियांत्रिकी
  • ऑप्टिकल इलेक्ट्रॉनिक्स
  • अल्ट्राफ़िल्ट्रेशन
  • कंपोजिट मटेरियल
  • फोटोवोल्टेक सेल्स
  • ऊर्जा संचय