यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: स्वेज नहर में परिचालन शुरू (Operations Started in Suez Canal)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): स्वेज नहर में परिचालन शुरू (Operations Started in Suez Canal)

स्वेज नहर में परिचालन शुरू (Operations Started in Suez Canal)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में चीन से यूरोप जा रहा 400 मीटर लंबा माल वाहक जहाज ‘एवर गिवेन’ तेज हवा और रेतीले तूफान की चपेट में आ गया, जिसकी वजह से उसका संतुलन बिगड़ गया और जहाज स्वेज नहर में तिरछा होकर फंस गया था। इस कारण, इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग के दोनों छोर पर जहाजों का एक बड़ा जाम लग गया था।

प्रमुख बिन्दु

  • यह माल वाहक जहाज चीन से नीदरलैंड्स के बंदरगाह शहर रोटेरडम जा रहा था। इसी क्रम में ये जहाज उत्तर में भूमध्यसागर की ओर जाते समय स्वेज नहर से होकर गुजर रहा था। ताइवान के स्वामित्व वाला एमवी एवरगिवेन 400 मीटर लंबा और और 59 मीटर चौड़ा जहाज है।
  • चूंकि यूरोप और एशिया के बीच व्यापार स्वेज नहर के जरिए होता है, ऐसे में इस जहाज के फँसने से भूमध्य सागर और लाल सागर के बीच होने वाले व्यापार के प्रभावित होने की आशंका है।

जाम का असर

  • जाम की वजह से 193 किलोमीटर लंबी नहर लगभग एक सप्ताह तक बंद पड़ी थी। नहर के दोनों तरफ कुल 250 से अधिक जहाज रास्ता खुलने का अब तक इंतजार कर रहे हैं। इन जहाजों में तेल, प्राकृतिक गैस, कार प्रोडक्ट्स, फ्ररोजन फूड, कपड़े समेत कई बेहद जरूरी सामान लदे हैं। जाम की वजह से तेल और गैसों के दाम में बढ़ोत्तरी की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा, जर्मन कार फैक्ट्रियों का कामकाज ठप्प पड़ने का डर भी सता रहा है।
  • विश्व व्यापार की रीढ़ के रूप में मशहूर स्वेज नहर दुनिया की मुख्य समुद्री क्रॉसिंग में से एक है। इससे दुनिया के कुल कारोबार का 12 फीसदी माल गुजरता है। स्वेज नहर में जाम लगने से विश्व व्यापार पर इसका बहुत बुरा असर पड़ने लगता है।

स्वेज नहर महत्वपूर्ण क्यों?

  • स्वेज नहर मिस्र में स्थित 193 किलोमीटर लंबी नहर है, जो कि भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है। यह एशिया और यूरोप के बीच सबसे छोटा समुद्री लिंक है। यह जलमार्ग मिस्र में स्वेज इस्थमस (जलडमरूमध्य) को पार करती है। इस नहर में तीन प्राकृतिक झीलें शामिल हैं।
  • दुनिया के पूर्वी और पश्चिमी भाग को आने-जाने वाले जहाज इसके पहले अफ्रीका के दक्षिणी सिरे पर मौजूद केप ऑफ गुड होप से होकर जाते थे, लेकिन इस जलमार्ग (1869 से सक्रिय) के बन जाने के बाद पश्चिमी एशिया के इस हिस्से से होकर यूरोप और एशिया को जहाज जाने लगे।
  • विश्व समुद्री परिवहन परिषद के अनुसार इस नहर के बनने के बाद एशिया और यूरोप को जोड़ने वाले जहाज को नौ हजार किलोमीटर की दूरी कम तय करनी पड़ती है। यह कुल दूरी का 43 फीसदी हिस्सा है।
  • स्वेज नहर की स्थिति और इसके महत्व को देखते हुए इसे पृथ्वी के कुछ ‘चोक पॉइंट’ में से एक कहा जाता है। इसलिए वैश्विक समुदाय स्वेज नहर को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और हर तरह के माल की आपूर्ति के लिए जरूरी मानता है। एक अनुमान के अनुसार स्वेज नहर से करीब 19 हजार जहाजों से हर साल 120 करोड़ टन माल की ढुलाई होती है।

केप ऑफ गुड होप

  • केप ऑफ गुड होप अफ्रीका के सुदूर दक्षिणी कोने पर एक स्थान है। यहाँ से बहुत से जहाज पूर्व की ओर अटलांटिक महासागर से हिन्द महासागर में जाते हैं। यह स्थान दक्षिण अफ्रीका में है। इस स्थान का एतिहासिक महत्व भी है। इस स्थान तक पहुँचने वाला सर्वप्रथम यूरोपीय व्यत्तिफ़ पुर्तगाल का बारटोलोमीयु डियास था।
  • बारटोलोमीयु डियास ने इस स्थान को 1488 में देखा और इसका नाम "केप ऑफ स्टॉर्मस" (तूफानों का केप) रखा। इसी स्थान से होकर पुर्तगाली अन्वेषक वास्कोदिगामा भारत पहुँचा था।