यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: वैश्विक आर्थिक संभावना रिपोर्ट 2020 (Global Economic Prospects 2020)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): वैश्विक आर्थिक संभावना रिपोर्ट 2020 (Global Economic Prospects 2020)

वैश्विक आर्थिक संभावना रिपोर्ट 2020 (Global Economic Prospects 2020)

चर्चा का कारण

  • विश्व बैंक (World Bank) के ताजा अनुमान के अनुसार इस वर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था के बढ़ने के बजाय 5-2 प्रतिशत तक सिकुड़ने की आशंका है जो दूसरे विश्व युद्ध के बाद अब तक की सबसे गहरी आर्थिक मन्दी होगी।

प्रमुख दिशा-निर्देश

  • वैश्विक आर्थिक संभावना रिपोर्ट (Global Economic Prospects) में दुनिया के सभी क्षेत्रें में प्रति व्यत्तिफ़ आय में गिरावट आने की भी बात कही गई है जिससे लाखों की संख्या में लोग निर्धनता का शिकार होंगे ।
  • कोरोनावायरस की चपेट में आने से विकसित देशों में घरेलू माँग, आपूर्ति, व्यापार और वित्तीय व्यवस्था पर बुरा असर हुआ है जिससे वर्ष 2020 में आर्थिक गतिविधियाँ सात फीसदी तक सिकुड़ने का अनुमान जताया गया है।
  • वहीं उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (Emerging Market Developing Economies EMDA) के लिए यह आँकड़ा 2-5 फीसदी है। ये देश एक समूह के तौर पर पिछले 60 सालों में पहली बार अर्थव्यवस्था में सिकुड़न का सामना करेंगे।
  • दक्षिण एशिया क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियाँ 2-7 फीसदी तक सिकुड़ सकती हैं क्योंकि महामारी के मद्देनजर ऐहतियात बरतने के सख्त उपायों से खपत और सेवा क्षेत्र पर असर पड़ा है।

दीर्घकालीन दुष्प्रभाव की आशंका

  • हालात उन देशों में सबसे ज्यादा खराब होने की आशंका है जो कोविड-19 महामारी से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं और जहाँ वैश्विक व्यापार, पर्यटन, वस्तुओं के निर्यात और बाहरी वित्तीय संसाधनों पर निर्भरता ज्यादा है।
  • कोविड-19 के दौरान पढ़ाई-लिखाई और प्राथमिक स्वास्थ्य में महीनों तक चले व्यवधानों के कारण मानव संसाधन विकास पर भी दीर्घकालीन असर होने की आशंका जताई गई है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक पाबन्दियाँ साल 2020 की दूसरी छमाही में हटाने से वर्ष 2021 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि में उछाल आने और उसके 4-2 फीसदी तक बढ़ने की सम्भावना है।
  • लेकिन महामारी के लम्बा िखंचने और व्यापार, वित्तीय बाजारों व सप्लाई चेन में उथल-पुथल से संकट और गहरा हो जाएगा- इससे अर्थव्यवस्था के 8 फीसदी तक सिकुड़ने का खतरा है और वर्ष 2021 में भी आर्थिक वृद्धि की दर 1 फीसदी के आस-पास रहने का ही अनुमान है।
  • अध्ययन के मुताबिक कोविड-19 महामारी से उपजे हालात तत्काल स्वास्थ्य और आर्थिक क्षेत्रें में नीतिगत कार्रवाई की अहमियत को रेखांकित करती है।

समाधान

  • कोविड-19 वैश्वीकरण के मूल आधार को प्रभवित कर रहा है। इसके लिए वैश्विक सहयोग बेहद अहम है ताकि महामारी के दुष्प्रभावों के दंश को कम किया जा सके, निर्बल जन समूहों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में इसी तरह की चुनौतियों की रोकथाम और उनसे निपटने की क्षमता का निर्माण सम्भव हो सके।
  • इसके साथ-साथ उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना होगा, अनौपचारिक अर्थव्यवस्था से पैदा होने वाली समस्याओं को दूर करना होगा, सामाजिक सुरक्षा के सीमित दायरे को बढ़ाना होगा और संकट के गुजरने के बाद मजबूत व टिकाऊ आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देने के लिए सुधार लागू करने होंगे।
  • वैश्विक आर्थिक संभावना रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे पहला काम वैश्विक स्वास्थ्य और आर्थिक एमरजेंसी से निपटना है। उसके इतर, वैश्विक समुदाय को एक साथ आकर पुनर्निर्माण के रास्तों की तलाश करनी होगी ताकि बेहतर पुनर्बहाली से लोगों को गरीबी में धँसने और बेरोजगारी से बचाया जा सके।

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