यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: क्रिप्टो की पहेली (Crypto Puzzle)

खबरों में क्यों?

  • बजट भाषण के दौरान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्चुअल डिजिटल संपत्ति के हस्तांतरण से अर्जित आय पर 30% कर की शुरुआत की. सरकार ने अभी तक क्रिप्टो-मुद्राओं को मान्यता नहीं दी है, परन्तु इस अस्पष्टता ने लोगों को बड़ी संख्या में डिजिटल संपत्ति में व्यापार करने से नहीं रोका है, जिसने स्पष्ट रूप से ऐसे लेनदेन पर कर की घोषणा करने के लिए सरकार को मजबूत कारण दिया है

क्रिप्टोकरेंसी के बारे में

  • क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल या आभासी मुद्रा है जिसे क्रिप्टोग्राफी द्वारा सुरक्षित किया जाता है, जिससे नकली या दोहरा खर्च करना लगभग असंभव हो जाता है. कई क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित विकेंद्रीकृत नेटवर्क है

ब्लॉकचेन

  • क्रिप्टोकरेंसी की अपील और कार्यक्षमता का केंद्र ब्लॉकचेन तकनीक है.
  • ब्लॉकचेन अनिवार्य रूप से कनेक्टेड ब्लॉक्स या ऑनलाइन लेजर का एक सेट है.
  • प्रत्येक ब्लॉक में लेनदेन का एक सेट होता है जिसे नेटवर्क के प्रत्येक सदस्य द्वारा स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया गया है.
  • सृजित किए गए प्रत्येक नए ब्लॉक की पुष्टि होने से पहले प्रत्येक नोड द्वारा सत्यापित किया जाना चाहिए, जिससे लेनदेन इतिहास बनाना लगभग असंभव हो जाता है.
  • ऑनलाइन लेजर की सामग्री पर एक व्यत्तिफ़गत नोड के पूरे नेटवर्क, या कंप्यूटर द्वारा लेजर की एक प्रति बनाए रखने पर सहमति होनी चाहिए.

आभासी डिजिटल संपत्तियों से होने वाली आय पर कर लगाना

  • बजट में "किसी भी आभासी डिजिटल संपत्ति के हस्तांतरण" से होने वाली आय पर 30% कर का प्रस्ताव किया गया है.
  • अधिग्रहण की लागत को छोड़कर, किसी भी कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी.
  • ऐसे स्थानान्तरण से होने वाली हानियों को किसी आय से समायोजित नहीं किया जा सकता है.
  • स्रोत पर कर की कटौती 1% की दर से की जाएगी, ताकि लेन-देन विवरण प्राप्त किया जा सके

क्रिप्टोकरेंसी के लिए भारत का दृष्टिकोण

  • सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने अतीत में लोगों को क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी निविदा के रूप में मानने के प्रति आगाह किया है.
  • चूंकि इस तरह की मुद्राओं का उपयोग करने वाले लेन-देन कर जाल को आसानी से बायपास कर सकते हैं, और इसलिए अवैध लेनदेन के लिए उपयोग किया जा सकता है, दुनिया भर की सरकारों को परेशान कर रहा है.
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने 2018 में, बैंकों को क्रिप्टोकरेंसी पारिस्थितिकी तंत्र को सेवाएं प्रदान नहीं करने का निर्देश दिया.
  • सर्वोच्च न्यायालय ने इस कदम को असंगत बताते हुए इसे रद्द कर दिया, यह देखते हुए कि देश में ऐसी मुद्राओं पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया था.
  • क्रिप्टोकरेंसी पर एक कानून, जिसे पिछले साल लाया जाना चाहिए था, अभी तक नहीं आया है.
  • इस पर सरकार का दृष्टिकोण एक अंतरमंत्रालयी समिति द्वारा 2019 की रिपोर्ट द्वारा निर्धारित किया गया था, जिसने सभी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी.
  • सुश्री सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि "आभासी डिजिटल परिसंपत्तियों में लेनदेन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है".
  • इन लेनदेनों के परिमाण और आवृत्ति ने एक विशिष्ट कर व्यवस्था प्रदान करना अनिवार्य बना दिया है

कर पर क्रिप्टोकरेंसी पारिस्थितिकी तंत्र का मत

  • सभी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी ने कर का स्वागत किया है. उन्होंने इसे एक ऐसे कदम के रूप में लिया जो उनके उद्योग को स्पष्टता और "मुख्यधारा" प्रदान करता है?
  • कुछ इसे सरकार द्वारा उद्योग को वैध बनाने के रूप में देखते हैं.

क्या क्रिप्टोकरेंसी कानूनी रूप से मान्य है

  • बजट के बाद मंत्रियों और नौकरशाहों के बयानों से लगता है कि देश में क्रिप्टोकरेंसी की वैधता अभी भी एक ग्रे क्षेत्र है.
  • वित्त सचिव ने कहाः "यह एक ग्रे क्षेत्र में हैं. क्रिप्टो को खरीदना और बेचना गैरकानूनी नहीं है".
  • केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बताया, 'कल के बजट ने सीधा जवाब दिया है. क्रिप्टो पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा'
  • सुश्री सीतारमण ने सुझाव दिया कि प्रतिबंध पर सवाल एक या दूसरे तरीके से तय नहीं किया गया है. वह वैधता के मुद्दे से कर योग्यता के मुद्दे को भी भिन्नता देती दिख रही थी. उन्होंने आगे कहा कि कर लगाना पूरी तरह से उनका विशेषाधिकार है.
  • विशेषज्ञों ने बताया है कि कानूनी स्थिति, सुश्री सीतारमण की विचार प्रक्रिया के अनुरूप है
  • 1980 में आयकर आयुक्त बनाम पियारा सिंह के फैसले को आयकर आयुक्त, गुजरात बनाम एससी कोठारी के फैसले से उद्धृत किया गया था, जिसमें अदालत ने कहा था कि "यदि व्यवसाय अवैध है, तो न ही अर्जित लाभ तथा न ही किए गए नुकसान कानून में लागू करने योग्य होंगे. लेकिन, यह लाभ को कर कानून से बाहर नहीं निकालता है".