यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: एक्ट ऑफ गॉड (Act of God)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): एक्ट ऑफ गॉड (Act of God)

एक्ट ऑफ गॉड (Act of God)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में, जीएसटी संग्रह में होने वाली कमी के लिए कोविड-19 को कारण ठहराते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, कि अर्थव्यवस्था ‘एक्ट ऑफ गॉड’ जैसी स्थिति के समतुल्य है।

एक्ट ऑफ गॉड क्या है

  • यह एक फ्रांसीसी शब्द है।
  • ‘प्राकृतिक आपदा’ (Force Majeure) अथवा ‘एक्ट ऑफ गॉड’ (Act of God) प्रावधान नेपोलियन कोड (Napoleonic Code) से लिए गए है।
  • ब्लैक लॉ डिक्शनरी में ‘फोर्स मेज्योर’ शब्द को एक ऐसी घटना या प्रभाव के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसे न तो प्रत्याशित किया जा सकता है और न ही नियंत्रित किया जा सकता है। इस शब्द में प्रकृति घटना (जैसे बाढ़ और तूफान) और मानवीय घटना (जैसे दंगे, हमले और युद्ध) शामिल हैं।
  • इसके अलावा, ‘प्राकृतिक आपदा’ से संबंधित नियम ‘भारतीय संविदा अधिनियम, 1872’ (Indian Contract Act 1872) के तहत निर्धारित किये गए हैं।
  • यह संकट की स्थिति में एक सावधानी से तैयार कानूनी व्यवस्था है जो अधिकांश वाणिज्यिक अनुबंधों में मौजूद होता है।
  • ‘प्राकृतिक आपदा प्रावधान’ में दोनों पक्ष आवश्यक रूप से अनुबंध को भंग किए बिना, अस्थायी या स्थायी रूप से अपने दायित्वों से मुक्त होने का निर्णय ले सकती हैं।
  • ऐसी स्थितियों में कंपनियां क्लॉज का उपयोग सुरक्षित निकास मार्ग के रूप में करती हैं।

न्यायालय की दृष्टि में यह प्रावधान

  • न्यायालय ने अपने फैसलों में यह स्थापित किया है, कि प्राकृतिक आपदा प्रावधानों को किसी अनुबंध के परिपालन में कठिनाई होने पर लागू नहीं किया जा सकता है, इसे केवल असंभवता वाली स्थितियां उत्पन्न होने पर लागू किया जायेगा।
  • बॉम्बे उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2020 में एक मामले में प्राकृतिक आपदा के प्रावधानों पर बहस को स्वीकार नहीं किया, जहां याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि वह कोविड-19 से संबंधित लॉकडाउन के कारण स्टील की आपूर्ति के लिए किये गये एक अनुबंध को पूरा करने में सक्षम नहीं है, अतः उसे प्राकृतिक आपदा प्रावधानों के तहत राहत प्रदान की जाए।

वैश्विक उदाहरण

  • च ीन के सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट द्वारा SARS 2002 के प्रकोप को ‘प्राकृतिक आपदा’ घटना के रूप में मान्यता दी गयी।
  • सिंगापुर ने अप्रैल में उन व्यवसायों को राहत देने के लिए कोविड-19 (अस्थायी उपाय) अधिनियम बनाया, जो महामारी के कारण अपने संविदात्मक दायित्वों को निभाने में असमर्थ थे।
  • जुलाई में, पेरिस की एक वाणिज्यिक अदालत ने निर्णय दिया कि, इस महामारी को ‘प्राकृतिक आपदा’ के समान माना जा सकता है।
  • इंटरनेशनल चौंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) द्वारा विकसित की गईः प्राकृतिक आपदा’ प्रावधान पर आदर्श सहिंता
  • इस कोड में कहा गया है कि प्राकृतिक आपदा’ प्रावधान को लागू करने के लिए, परिस्थितियों को याचिकाकर्ता के उचित नियंत्रण से बाहर होना चाहिए तथा अनुबंध की शुरुआत के समय इन परिस्थितियों का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता हो।