यूपीएससी परीक्षा के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न UPSC (FAQs) - मुख्य परीक्षा की रणनीति (Mains Examination Strategy)


यूपीएससी, आई.ए.एस., सिविल सर्विसेज परीक्षा के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू)

UPSC Frequently Asked Questions (FAQs)


द्वितीय चरण : मुख्य परीक्षा की रणनीति (Mains Examination Strategy)

मुख्य परीक्षा के संबंध में

यह सिविल सेवा परीक्षा का द्वितीय एवं सर्वाधिक महत्वपूर्ण चरण है जिसमें अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा उर्त्तीण करने के पश्चात् सम्मिलित होते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों में से लगभग 15000-16000 अभ्यर्थियों का लगभग चयन मुख्य परीक्षा के लिए होता है।

मुख्य परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न व्यक्तिनिष्ठ (Subjective Type) के होते हैं।

इस परीक्षा में शामिल विषयों में सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्र (I, II, III एवं IV) निबंध तथा वैकल्पिक विषय के दो प्रश्नपत्र (I एवं II) अनिवार्य अंग्रेजी व अनिवार्य भारतीय भाषा में हैं।

मुख्य परीक्षा में प्रश्नों के एक नियोजित तरीके से वर्णनात्मक उत्तर उपेक्षित होते हैं। इस परीक्षा में अभ्यर्थी का मूल्यांकन न सिर्फ उसकी लेखन एवं विश्लेषात्मक क्षमता बल्कि उन विभिन्न मुद्दों पर उसकी पकड़ के आधार पर भी किया जाएगा, जो कि प्रशासनिक व्यवस्था अथवा अधिकार तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रश्नों की प्रकृति ऐसी होगी जिसमें विविध विषयों पर अभ्यर्थी की सामान्य जानकारी का परीक्षण किया जा सके।

चरण - II मुख्य परीक्षा का विस्तृत पाठ्यक्रम (Stage - II Mains Examination Detailed Syllabus)

क्वालिफाइंग प्रश्नपत्र (Qualifying Papers)

1- अंग्रेजी: 300 अंक (कक्षा दसवीं स्तर तक)
2- क्षेत्रीय भाषा: 300 अंक (कक्षा दसवीं स्तर तक)

मेधा सूची के प्रश्नपत्र (Merit Papers)

प्रश्नपत्र-1 निबंध 250 अंक
प्रश्नपत्र-2 सामान्य अध्ययन-1: (भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल तथा समाज) 250 अंक
प्रश्नपत्र-3 सामान्य अध्ययन-2: (शासन व्यवस्था, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध) 250 अंक
प्रश्नपत्र-4 सामान्य अध्ययन-3: (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा- प्रबंधन) 250 अंक
प्रश्नपत्र-5 सामान्य अध्ययन-4: (नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिवृत्ति) 250 अंक
प्रश्नपत्र-6 वैकल्पिक विषय- प्रश्नपत्र-1 250 अंक
प्रश्नपत्र-7 वैकल्पिक विषय- प्रश्नपत्र-2 250 अंक
प्रश्नपत्र-‘क’ क्वालिफाइंग-1  अंग्रेज़ी भाषा 300 अंक**
प्रश्नपत्र-‘ख’ क्वालिफाइंग-2 हिंदी या संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कोई भाषा 300 अंक**
उप-योग (लिखित परीक्षा) 1750 अंक
व्यक्तित्व परीक्षण 275 अंक
कुल योग 2025 अंक 

मुख्य परीक्षा की योजना

मुख्य परीक्षा में निम्नलिखित प्रश्नपत्र शामिल होंगे -

(1) क्वालीफाइंग प्रश्नपत्र: लिखित परीक्षा में पहली श्रेणी क्वालीफाइंग प्रश्नपत्र की है, जिसके अंक अंतिम सफलता सूची में जोड़े नहीं जाते है। इसमें एक प्रश्नपत्र संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित भाषाओं में से कोई एक चुने गये भाषा पर आधारित होता है। दूसरा प्रश्नपत्र अंग्रेजी भाषा का होता है। प्रत्येक प्रश्नपत्र 300 अंकों का होता है। इन दोनों ही प्रश्नपत्रें के लिए न्यूनतम 25 अंक प्रतिशत प्राप्त करना होता है।

(2) निबंध - इसमें उम्मीदवार को एक दिये गए विषय पर निबंध लिखना होता है। वर्तमान में दो खण्डों में से प्रत्येक खण्ड से एक-एक यानि कुल दो निबंध का चयन कर लिखना होता है। यह 250 अंकों का होता है। उम्मीदवारों से यह आशा की जाती है कि वे अपने विचारों को निबंध के विषय के निकट रखते हुए क्रमबद्ध और प्रभावपूर्ण ढंग से संक्षेप में लिखे।

(3) सामान्य अध्ययन: सामान्य अध्ययन के तहत कुल चार प्रश्नपत्र होते हैं। प्रत्येक प्रश्नपत्र 250 अंकों का होता है।

लिखित परीक्षा के संदर्भ में संघ लोक सेवा आयोग के निम्नलिखित निर्देशों को समझना जरूरी है-

  1. लिखित परीक्षा के प्रश्नपत्र विवरणात्मक प्रकार के होंगे अर्थात् आपको दिये गए प्रश्नों का निर्धारित शब्द सीमा में लिखना होगा। शब्दों की सीमा प्रश्नों के सम्मुख अंकित की गयी होती है।
  2. प्रत्येक प्रश्नपत्र तीन घंटे की अवधि का होगा।
  3. क्वालीफाइंग प्रश्नपत्र के अतिरिक्त सभी प्रश्नों के उत्तर भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किसी भी भाषा या अंग्रेजी में देने का विकल्प होगा।
  4. आप उत्तर देने के लिए जिस भी भाषा का चयन करते है, उसमें उत्तर देने के दौरान यदि कोई तकनीकी शब्द आता है, तो आवश्यक होने पर उस भाषा के अतिरिक्त कोष्ठक (..............) में अंग्रेजी में भी दे सकते है। हालांकि इसका दुरूपयोग करने पर अंकों में कटौती भी होगी।
  5. यदि किसी उम्मीदवार की लिखावट आसानी से न पढ़ी जा सके तो उससे मिलने वाले अंकों में से कुछ अंक काट लिये जायेंगे।
  6. सतही ज्ञान के लिए अंक नहीं दिए जायेंगे।
  7. परीक्षा के सभी विषयों में कम से कम शब्दों में उपयुक्त लेखन को अधिक महत्व दिया जायेगा।
  8. उम्मीदवार प्रश्न पत्रें के उत्तर देते समय केवल भारतीय अंकों के अंतर्राष्ट्रीय रूप (जैस 1, 2, 3, 4, 5, 6 आदि) का ही प्रयोग करे।

(4) वैकल्पिक विषय - इसका चयन करने के लिए उम्मीदवार स्वतंत्र होते है। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा प्रस्तुत की गयी सूची में से किसी भी वैकल्पिक विषय का चयन आप करते है। इसमें दो प्रश्नपत्र होते है और प्रत्येक प्रश्नपत्र 250-250 अंक का होता है।

इस प्रकार निबंध के 250 अंक, सामान्य अध्ययन के 1000 अंक व वैकल्पिक विषय के 500 अंक को सम्मिलित कर लिखित परीक्षा कुल 1750 अंकों की होती है। जो उम्मीदवार इन 1750 अंकों में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त कर लेता है, तो उसे साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाता है।

प्रश्न पत्र - II (Paper - II): सामान्य अध्ययन - I (General Studies - I) का विस्तृत पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन-1: भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल और समाज General Studies- I: Indian Heritage and Culture, History and Geography of the World and Society
भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे। Indian culture will cover the salient aspects of Art Forms, Literature and Architecture from ancient to modern times.
18 वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास-महत्वपूर्ण घटनाएं, व्यक्तित्व, मुद्दे। Modern Indian history from about the middle of the eighteenth century until the present- significant events, personalities, issues.
स्वतंत्रता संग्राम-इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान। The Freedom Struggle - its various stages and important contributors /contributions from different parts of the country.
स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन। Post-independence consolidation and reorganization within the country.
विश्व के इतिहास में 18वीं सदी की घटनाएं तथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनः सीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शनशास्त्र जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव शामिल होंगे। History of the world will include events from 18th century such as industrial revolution, world wars, redrawal of national boundaries, colonization, decolonization, political philosophies like communism, capitalism, socialism etc.- their forms and effect on the society.
भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएं, भारत की विविधता। Salient features of Indian Society, Diversity of India.
महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबंद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक मुद्दे, शहरीकरण, उनकी समस्याएं उनके उपचार। Role of women and women’s organization, population and associated issues, poverty and developmental issues, urbanization, their problems and their remedies.
भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव। Effects of globalization on Indian society
सामाजिक सशक्तीकरण, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्म-निरपेक्षता। Social empowerment, communalism, regionalism & secularism.
विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएं। Salient features of world’s physical geography.
विश्वभर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए), विश्व (भारत सहित) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिए जिम्मेदार कारक। Distribution of key natural resources across the world (including South Asia and the Indian subcontinent); factors responsible for the location of primary, secondary, and tertiary sector industries in various parts of the world (including India)
भूकंप, सूनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएं, भौगोलिक विशेषताएं और उनके स्थान-अति महत्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव। Important Geophysical phenomena such as earthquakes, Tsunami, Volcanic activity, cyclone etc., geographical features and their locationchanges in critical geographical features (including waterbodies and icecaps) and in flora and fauna and the effects of such changes.

प्रश्न पत्र - III (Paper - III): सामान्य अध्ययन - II (General Studies - II) का विस्तृत पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन-II शासन व्यवस्था, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध General Studies- II: Governance, Constitution, Polity, Social Justice and International relations.
भारतीय संविधान - ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी सरंचना। Indian Constitution - historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure.
संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढांचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियां, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तातरण और उसकी चुनौतियां | Functions and responsibilities of the Union and the States, issues and challenges pertaining to the federal structure, devolution of powers and finances up to local levels and challenges therein.
भारतीय संवैधानिक योजना की अन्य देशों के साथ तुलना। Comparison of the Indian constitutional scheme with that of other countries
संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य संचालन, शक्तियां एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले मुद्दे। Parliament and State Legislatures - structure, functioning, conduct of business, powers & privileges and issues arising out of these.
कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य - सरकार के मंत्रलय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका। Structure, organization and functioning of the Executive and the Judiciary Ministries and Departments of the Government; pressure groups and formal/informal associations and their role in the Polity.
विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान। Separation of powers between various organs dispute redressal mechanisms and institutions.
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएं। Salient features of the Representation of People’s Act.
विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियां, कार्य और उत्तरदायित्व। Appointment to various Constitutional posts, powers, functions and responsibilities of various Constitutional Bodies.
संविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्ध-न्यायिक निकाय। Statutory, regulatory and various quasi-judicial bodies.
सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रें में विकास के लिए हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न मुद्दे। Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.
विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग - गैर सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका। Development processes and the development industry- the role of NGOs, SHGs, various groups and associations, donors, charities, institutional and other stakeholders
केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन, इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिए गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय। Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre and States and the performance of these schemes; mechanisms, laws, institutions and Bodies constituted for the protection and betterment of these vulnerable sections.
स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/ सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित मुद्दे। Issues relating to development and management of Social Sector/Services relating to Health, Education, Human Resources
गरीबी और भूख से संबंधित मुद्दे। Issues relating to poverty and hunger.
शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस-अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएं, सीमाएं और संभावनाएं, नागरिक घोषणा-पत्र, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय। Important aspects of governance, transparency and accountability, e-governance- applications, models, successes, limitations, and potential; citizens charters, transparency & accountability and
institutional and other measures.
लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका। Role of civil services in a democracy.
भारत एवं इसके पड़ोसी-संबंध। India and its neighborhood- relations.
द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/ अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समझौते। Bilateral, regional and global groupings and agreements involving India and/or affecting India’s interests
भारत के हितों, भारतीय डायसपोरा पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव। Effect of policies and politics of developed and developing countries on India’s interests, Indian diaspora.
महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएं और मंच-उनकी संरचना, अधिदेश। Important International institutions, agencies and fora- their structure, mandate

प्रश्न पत्र - IV (Paper - IV): सामान्य अध्ययन - III (General Studies - III) का विस्तृत पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन-3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन General Studies-III: Technology, Economic Development, Bio diversity, Environment, Security and Disaster Management.
भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से सम्बंधित मुद्दे। Indian Economy and issues relating to planning, mobilization of resources, growth, development and employment.
समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न मुद्दे। Inclusive growth and issues arising from it.
सरकारी बजट। Government Budgeting.
मुख्य फसलें, देश के विभिन्न भागों में फसलों का प्रतिरूप, सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली, कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित मुद्दे और बाधाएं, किसानों की सहायता के लिए ई-प्रौद्योगिकी। Major crops cropping patterns in various parts of the country, different types of irrigation and irrigation systems storage, transport and marketing of agricultural produce and issues and related constraints; e-technology in the aid of farmers
प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय, जन वितरण प्रणाली-उद्देश्य, कार्य, सीमाएं, सुधार_ बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी मुद्दे_ प्रौद्योगिकी मिशन_ पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र। Issues related to direct and indirect farm subsidies and minimum support prices; Public Distribution System- objectives, functioning, limitations, revamping; issues of buffer stocks and food security; Technology missions; economics of animal-rearing.
भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग- कार्यक्षेत्र एवं महत्व, स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएं, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन। Food processing and related industries in India- scope and significance, location, upstream and downstream requirements, supply chain management.
भारत में भूमि सुधार। Land reforms in India.
उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिकी नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव। Effects of liberalization on the economy, changes in industrial policy and their effects on industrial growth.
बुनियादी ढांचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि। Infrastructure: Energy, Ports, Roads, Airports, Railways etc.
निवेश मॉडल। Investment models.
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी-विकास एवं अनुप्रयोग और रोजमर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव। Science and Technology- developments and their applications and effects in everyday life
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियां_ देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास। Achievements of Indians in science & technology; indigenization of technology and developing new technology.
सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कम्प्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक सम्पदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरूकता। Awareness in the fields of IT, Space, Computers, robotics, nanotechnology, bio-technology and issues relating to intellectual property rights.
संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन। Conservation, environmental pollution and degradation, environmental impact assessment
आपदा और आपदा प्रबंधन। Disaster and disaster management.
विकास और फैलते उग्रवाद के बीच संबंध। Linkages between development and spread of extremism.
आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्वों की भूमिका। Role of external state and non-state actors in creating challenges to internal security.
संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना। Challenges to internal security through communication networks, role of media and social networking sites in internal security challenges, basics of cyber security; money-laundering and its prevention
सीमावर्ती क्षेत्रें में सुरक्षा चुनौतियां एवं उनका प्रबंधन-संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध। Security challenges and their management in border areas; linkages of organized crime with terrorism
विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएं तथा उनके अधिदेश। Various Security forces and agencies and their mandate

प्रश्न पत्र - V (Paper - V): सामान्य अध्ययन - IV (General Studies - IV) का विस्तृत पाठ्यक्रम

सामान्य अध्ययन-4: नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिरूचि General Studies- IV: Ethics, Integrity, and Aptitude
नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्व, इसके निर्धारक और परिणाम_ नीतिशास्त्र के आयाम_ निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र। मानवीय मूल्य-महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा_ मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका। Ethics and Human Interface: Essence, determinants and consequences of Ethics in human actions; dimensions of ethics; ethics in private and public relationships. Human Values – lessons from the lives and teachings of great leaders, reformers and
administrators; role of family, society and educational institutions in inculcating values.
अभिवृत्ति: विषय - वस्तु, सरंचना, प्रकार्य, विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एव सबंधं_ नैतिक और राजनीतिक अभिवृत्ति सामाजिक प्रभाव और धारणा। Attitude: content, structure, function; its influence and relation with thought and behaviour; moral and political attitudes; social influence and persuasion.
सिविल सेवा के लिए अभिरूचि तथा बुनियादी मूल्य, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता तथा गैर तरफदारी, वस्तुनिष्ठता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना। Aptitude and foundational values for Civil Service, integrity, impartiality and non-partisanship, objectivity, dedication to public
service, empathy, tolerance and compassion towards the weaker sections.
भावनात्मक समझः अवधारणाएं तथा प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनके उपयोग और प्रयोग। Emotional intelligence-concepts, and their utilities and application in administration and governance.
भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान। Contributions of moral thinkers and philosophers from India and world.
लोक प्रशासनों में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएं, सरकारी तथा निजी संस्थानों  में नैतिक चिंताएं तथा दुविधाएं, नैतिक मार्गदर्शक के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अतंर्रात्मा_ जवाबदेह और नैतिक शासन व्यवस्था_ शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण अतंर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फिंडंग) में नैतिक मुद्दे_ कोरपोरट शासन व्यवस्था। Public/Civil service values and Ethics in Public administration: Status and problems; ethical concerns and dilemmas in government and private institutions; laws, rules, regulations and conscience as sources of ethical guidance; accountability and ethical governance; strengthening of ethical and moral values in governance; ethical issues in international relations and funding; corporate governance.
शासन व्यवस्था में ईमानदारीः लोक सेवा की अवधारणा_ शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार_ सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा-पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियां। Probity in Governance: Concept of public service; Philosophical basis of governance and probity; Information sharing and transparency in government, Right to Information, Codes of Ethics, Codes of Conduct, Citizen’s Charters, Work culture, Quality of service delivery, Utilization of public funds, challenges of corruption.
उपर्युक्त विषयों पर केस स्टडी संबंधी अध्ययन। Case Studies on above issues.

मुख्य परीक्षा की रणनीति (Strategy for Mains)

अनुकूल समय प्रबंधन के साथ-साथ सूत्रबद्ध रणनीति की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी हेतु एकमात्र रास्ता है।

अभ्यर्थी को परीक्षा में सम्मिलित होने से पूर्व सिविल सेवा परीक्षा के पाठ्यक्रम की जानकारी होना आवश्यक है। इससे आपको सही योजना बनाने एवं उत्त्कृष्ठ समय विभाग में सहायता मिलेगी।

सर्वप्रथम सम्पूर्ण पाठ्यक्रम और पूर्व के वर्षों में पूछे गये प्रश्नों का अवलोकन करें। यह आपकी रणनीत का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। पूर्व के वर्षों में पूछे गये प्रश्नों के अवलोकन से दो उद्देश्यों की पूर्ति होगी।

प्रथमतः आपको यह पता चलेगा कि पाठ्यक्रम के किस खंड से निरंतर प्रश्न पूछे जा रहे हैं। द्वितीय यह कि आपको पूछे गये प्रश्नों की प्रकृति के संबंध में भी जानकारी प्राप्त होगी। ये दो कारक मुख्य परीक्षा की तैयारी में आपकी स्थिर रूप से मार्गदर्शन करते रहेंगे। पाठ्यक्रम के अवलोकन के पश्चात् उपलब्ध समय एव अपनी क्षमताओं एवं कमजोरियों के आधार पर परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रें की पहचान कर आपको अपनी समय सारणी बनाने में मदद मिलती है। एक बार जब स्पष्ट रूप से टॉपिक्स को रेखांकित कर लेते हैं तो आपकी तैयारी आसान हो जाएगी।

अध्ययन सामग्री

बहुत सारी पुस्तको पढ़ने की सलाह नहीं दी जाती है। बेहतर यही है कि किसी टॉपिक के लिए एक ही मानक पुस्तके को पढ़ा जाये जिसमें कि उस टॉपिक पर सभी मूलभूत अवधारणायें निहित हों। मानक पुस्तकें न सिर्फ आपके समय की बचत करती है बल्कि आपके ज्ञान को भी समृद्ध भी करती हैं।

अध्ययन की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है न कि मात्र

सिविल सेवा परीक्षा के स्तर व पद्धति के अनुसार बिना किसी योजना एवं सोच-विचार किये विभिन्न सूत्रें से मिले सुझाव व अध्ययन सामग्री का उपयोग लाभदायक सिद्ध नहीं होगा। अध्ययन की गुणवत्ता अध्ययन का मूलभूत मापदंड होना चाहिये न कि मात्र। ज्ञान की प्रासंगिकता एवं गहराई महत्वपूर्ण है न कि पुस्तकों अथवा पृष्ठों की संख्या।

उत्तर-लेखन हेतु कुछ महत्वपूर्ण सुझाव (Important Tips for Answer Writing)

यदि आप सिविल सेवा मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आपको उत्तर लेखन कौशल के महत्व को ध्यान में रखना होगा जिसके कि आप समुचित अंक अर्जित कर सकें। उत्तर लेखन आपकी दिनचर्या का अभिन्न अंग होना चाहिए।

तुरंत प्रारंभ करें

उत्तर लेखन आरंभ करने के लिए आप सम्पूर्ण पाठ्यक्रम की समाप्ति की प्रतीक्षा नहीं करें बल्कि प्रत्येक टॉपिक को कवर करने के साथ-साथ ही उत्तर लेखन प्रारंभ कर दें, जितना आप अभ्यास करेंगे उतना अच्छा उत्तर लिख पायेंगे। सिविल सेवा परीक्षा में आपकी सफलता इस बात पर निर्भर नहीं करती है कि आपके ज्ञान का स्तर क्या है बल्कि इस बात पर निर्भर करती है कि आप उत्तर पुस्तिका में उस ज्ञान की अभिव्यक्ति किस प्रकार से करते हैं।

मात्र एवं गुणवत्ता

आप सिर्फ शब्द सीमा को आधार बनाकर कुछ भी लिखेंगे तो परीक्षक को सिर्फ उत्तर की मूल आत्मा से भटकाने की कोशिश करेंगे। इस पर हमेशा विचार करें। यूपीएससी आपके उत्तर में तथ्यात्मक ज्ञान के साथ-साथ आपके ज्ञान की अभिव्यक्ति की क्षमता का भी आंकलन बहुत प्रभावी ढंग से करती है। आपको सिर्फ दिये गये शब्द सीमा का ही ध्यान नहीं रखना होगा अपितु प्रश्नों की मांग के अनुसार ही आपका उत्तर हो यह भी सुनिश्चित करना होता है। प्रश्नों में दिये गये सूक्ष्म बातों को समझना अनिवार्य है और यह निरंतर लेखन अभ्यास से ही संभव है।

मूल्यांकन

सिर्फ Mains की तैयारी एवं उत्तर लेखन ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि उन उत्तरों किसी योग्य शिक्षक द्वारा या किसी और अच्छे सीनियर द्वारा निरंतर मूल्यांकन भी उतना ही महत्वपूर्ण है जिससे की आप अपनी कमियों की पहचान कर उन्हें दूर कर सकते हैं।

समग्र उत्तर

जब आप उत्तर लेखन का अभ्यास करते हैं तो यह भी सुनिश्चित करें कि आपका उत्तर समग्र हो। आपका उत्तर बिल्कुल साफ-सुथरा, उदाहरणयुक्त, प्रासंगिक अवधारणाओं सहित स्पष्ट एवं रचनात्मक होना चाहिए। गत्यात्मक प्रश्न एवं गत्यात्मक उत्तर की मांग करते हैं। इसलिए अपने टवबंइनसंतल (शब्द भंडार) को समृद्ध करने के लिए तथा लेखन शैली को उत्कृष्ट बनाने के लिए समाचार पत्र-पत्रिकाओं को नियमित रूप से पढें। अच्छा लिखने की पहली शर्त यही है कि आपमें पढ़ने की भी अच्छी आदत हो।

सामान्य अध्ययन बनाम वैकल्पिक विषय

चूकिं सामान्य अध्ययन में आपका उत्तर बहुआयामी और प्रभावशाली होना चाहिए इसलिए सामान्य अध्ययन में व्यर्थ बातों को लिखने से बचें जबकि वैकल्पिक विषय में उत्तर लिखते समय आप थोड़ी सी गहराई में जा सकते हैं या तकनीकी शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं। ऐसा इसलिए है कि यहां परीक्षक भी विषय-विशेषज्ञ होते हैं इसलिए जब आप उत्तर लेखन का अभ्यास करें तो वैकल्पिक विषय और सामान्य अध्ययन के बीच के अंतर को हमेशा ध्यान में रखें।

मुख्य परीक्षा अंक वितरण (Main Examination Marks Distribution)

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