यूपीएससी परीक्षा के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न UPSC (FAQs) - साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण) की रणनीति (UPSC Civil Services, IAS Interview Strategy)


यूपीएससी, आई.ए.एस., सिविल सर्विसेज परीक्षा के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू)

UPSC Frequently Asked Questions (FAQs)


तृतीय चरण - साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण) की रणनीति (UPSC Civil Services, IAS Interview Strategy)

सिविल सेवा परीक्षा के अंति परिणाम को प्रभावित करने में साक्षात्कार की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। आज के इस प्रतिस्पद्धात्मक युग में लिखित परीक्षा में अच्छा कर लेना ही पर्याप्त नहीं है। अपितु साक्षात्कार की प्रक्रिया को पार करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। साक्षात्कार किसी प्रतियोगति के प्रतिभागी के संबंध में पूरी जानकारी प्राप्त करने की चेष्टा की एक सामान्य प्रक्रिया है जो प्रतिभागी तथा साक्षात्कार बोड्र के सदस्यों के बीच आमने-सामने की बातचीत के रूप में सामने आती है। साक्षात्कार का दायरा अधिक व्यापक एवं महत्वपूर्ण बनता जा रहा है। पहले जो चीज़ मात्र व्यक्तित्व परीक्षण तक ही सीमित थी, वह अब सर्वांगीण दृष्टिकोण के रूप में परिणत हो चुकी है। साक्षात्कार के समय के लिए किसी तरह को कोई प्रतिबंधित नियम नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि साक्षात्कार की प्रकृति कैसी है? सिविल सेवा परीक्षा के अंतर्गत प्रत्येक अभ्यथी का साक्षात्कार एक साक्षात्कार बोर्ड द्वारा लिया जाता है जिसका उद्देश्य अभ्यर्थी के व्यक्तित्व में लोक सेवा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के निर्वहन हेतु उपयुक्तता को परखना तथा आपके व्यक्तित्व को जांचना होता है। आप स्वाभाविक रूप से कक्ष में जाये। प्रविष्ट होने पर बोर्ड के अध्यक्ष का अभिवादन करें। जब वे आपको बैठने के लिए कहें तो धन्यवाद कहकर अध्यक्ष के सामने की कुर्सी पर बैठ जायें। कक्ष के अंदर अपना आत्मविश्वास और धैर्य बनाए रखें। मुखमुद्रा स्वाभाविक रखें। बोर्ड के सदस्य जब आपसे वार्तालाप आरंभ करें तो आप उसमें पूरी रुचि से भाग लें। प्रतिपृच्छा अथवा जिरह (Cross Examination) की स्थिति आने पर आप अपने ऊपर नियंत्रण तथा मानसिक संतुलन रखकर प्रश्नों का उत्तर दें। सामान्य रूप से बात करें तथा आपका बर्ताव भी सामान्य ही होना चाहिए। यदि किसी जगह पर अटक जायें या प्रश्न का उत्तर नहीं आता है जो शिष्टतापूर्वक क्षमा मांग लें क्योंकि गलत उत्तर देने से प्रभाव नकारात्मक पड़ेगा। आप जो भी उत्तर दें, वह आत्मविश्वास तथा शिष्टता से दें। भाषा की दक्षता पर विशेष ध्यान दें। भाषा ही विचारों की अभिव्यक्ति का माध्यम है। भाषा की दक्षता के बिना हम अपने मन के विचारों को ठीक प्रकार से प्रस्तुत नहीं कर सकते। उत्तर देते समय क्रम का ध्यान रखें तथा साक्षात्कार मंडल पर अपना प्रभाव (Impression) छोड़ें।

साक्षात्कार में अभ्यार्थियों द्वारा अत्यधिक अंक प्राप्त करने की व्यापक क्षमता निहित रही है। यह प्रक्रिया 25-30 मिनट की है परंतु प्राप्तांक की संभावना 130 से 225 के मध्य रहती है। अभ्यर्थियों द्वारा अपने प्राप्तांक को अधिकतम करने की प्रक्रिया में साक्षात्कार अंतिम अवसर उपलब्ध कराता है। यदि कोई अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में कट ऑफ के नजदीक भी रहता है तब भी वह साक्षात्कार में अत्यधिक अंक प्राप्त कर अंतिम रूप से सफल हो सकता है।

यूपीएससी-2015 की रिपोर्ट के अनुसार ऐसा पाया गया है कि पिछले एक दशक में जो भी अभ्यर्थी साक्षात्कार में शामिल होते हैं उनमें से 90 प्रतिशत अभ्यर्थियों का प्राप्तांक साक्षात्कार के लिए निर्धारित अंक के 55 प्रतिशत से कम होता है।

वर्ग-1 सेवा के लिए चयनित अभ्यर्थी लगभग 60 प्रतिशत अंक साक्षात्कार के प्राप्त करते हैं जबकि ऐसा पाया गया है कि केवल ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने साक्षात्कार में 66 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त किये हैं, अपनी वरीयता की सेवा के लिये चयनित होता है।

उपरोक्त तथ्य यह स्पष्ट करते हैं कि व्यक्तित्व परीक्षण अभ्यर्थियों के अंतिम चयन में निर्णायक भूमिका निभाता है।

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