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Blog / 30 Jan 2025

WHO ने नमक के उपयोग को लेकर दिए दिशा निर्देश

संदर्भ:
हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोडियम का सेवन कम करने के लिए नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य मानव स्वास्थ्य पर सोडियम के नकरात्मक प्रभाव को कम करना है। यह विशेषकर रक्तचाप और हृदय रोगों से जुड़ी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

सिफारिशें:

·        WHO की सिफारिश है कि सोडियम का सेवन दिन में 2 ग्राम से कम किया जाए।

·        नई दिशा-निर्देश में टेबल सॉल्ट के स्थान पर पोटैशियम आधारित नमक का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

·        यह सिफारिश महिलाओं, बच्चों या किडनी की बीमारी वाले व्यक्तियों पर लागू नहीं होती, क्योंकि इस बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।

K-साल्ट क्या हैं?
K-साल्ट पोटैशियम आधारित नमक है, जो सामान्य टेबल सॉल्ट (जो सोडियम क्लोराइड से बना होता है) की जगह पोटैशियम क्लोराइड का उपयोग करता है।

1.     लाभ:

o    दोहरा लाभ: K-साल्ट से सोडियम का सेवन कम होता है और पोटैशियम का सेवन बढ़ता है।

o    रक्तचाप पर प्रभाव: पोटैशियम का सेवन बढ़ाने से रक्तचाप में काफी कमी आती है।

2.     पोटैशियम के स्रोत:
पोटैशियम प्राकृतिक रूप से इन खाद्य पदार्थों में पाया जाता है:

o    बीन्स, मटर, और मेवे

o    पालक और गोभी जैसी सब्जियाँ

o    केले और पपीता जैसी फल

भारत के लिए दिशा-निर्देश का महत्व:

1.     हाई ब्लड प्रेशर की बढ़ती दर:
भारत की 35.5% जनसंख्या (करीब 315 मिलियन लोग) उच्च रक्तचाप से ग्रस्त है, जैसा कि “भारत में मधुमेह” अध्ययन में बताया गया है।

2.     हृदय रोगों का बोझ:
2016
में, हृदय रोगों के कारण भारत में कुल मृत्यु दर का 28.1% हिस्सा था, जैसा कि ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज अध्ययन में बताया गया है।

3.     सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रभाव:
यह दिशा-निर्देश भारत में उच्च रक्तचाप, हृदयाघात और स्ट्रोक जैसी बीमारियों के बढ़ते बोझ को हल करने के लिए महत्वपूर्ण है।

दिशा-निर्देश को लागू करने में चुनौतियाँ:

  • उच्च सोडियम वाले खाद्य पदार्थों के स्वाद की आदत, लोगों के लिए पोटैशियम आधारित नमक का उपयोग करना मुश्किल बनाती है।
  • सोडियम नमक खाद्य पदार्थों में नमी बनाए रखने और उनकी शेल्फ-लाइफ बढ़ाने में मदद करता है, जिससे निर्माता इसे सस्ते में बना सकते हैं। सोडियम नमक उत्पादों का वजन भी बढ़ाता है, जिससे पैक किए गए खाद्य पदार्थों में पोटैशियम नमक का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है।