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Blog / 24 Feb 2025

दर्दनाक श्वासावरोध (Traumatic Asphyxia)

संदर्भ:  हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक दुखद भगदड़ हुई, जिसमें 18 लोगों की जान चली गई। यह भगदड़ उस समय हुई जब बड़ी संख्या में यात्री महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों को पकड़ने के लिए एक साथ दौड़े। मृतकों में से पांच की मौत का कारण दम घुटने (Traumatic Asphyxia) को बताया गया है।

दर्दनाक श्वासावरोध के विषय में:

      दर्दनाक श्वासावरोध एक जानलेवा स्थिति है। यह तब होती है जब किसी दुर्घटना, जैसे इमारत का गिरना या भगदड़, में छाती या पेट पर बहुत दबाव पड़ता है। भारी वस्तु या भीड़ से पड़ने वाला तीव्र दबाव डायाफ्राम (सांस लेने के लिए जिम्मेदार मांसपेशी) को फैलने से रोकता है, जिससे सामान्य श्वसन असंभव हो जाता है। छाती पर दबाव पड़ने से खून शरीर के ऊपरी हिस्से में जमा हो जाता है, जिससे सूजन और अन्य समस्याएं हो जाती हैं।

بسم الله الرحمن الرحيم. ASPHYXIA Definition:  Conditions in which the  supply of oxygen to the blood and tissues has been reduced below the normal  working. - ppt download

लक्षण:

      पेटीचिया (Petechiae) : चेहरे, गर्दन और आँखों के आसपास छोटी रक्त वाहिकाओं के टूटने से बैंगनी-लाल धब्बे हो जाते हैं।

      सूजन: दबाव के कारण सिर और शरीर के ऊपरी भाग में सूजन हो सकती है, जो रक्त प्रवाह को बाधित करता है।

श्वासावरोध के गंभीर परिणाम:

      बेहोशी : लंबे समय तक दबाव रहने पर पीड़ित ऑक्सीजन की कमी के कारण कुछ ही मिनटों में बेहोश हो सकता है।

       अंगो की निष्क्रियता: लंबे समय तक श्वासावरोध के कारण अंगो में निष्क्रियता हो सकती है।

       मृत्यु: तत्काल राहत और चिकित्सा सहायता के बिना, कुछ ही मिनटों में मृत्यु हो सकती है।

रोकथाम रणनीति:

      सुरक्षा उपाय: निर्माण स्थलों, भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों या परिवहन केंद्रों जैसे उच्च जोखिम वाले स्थानो में, उचित सुरक्षा उपायों को लागू करना आवश्यक है।

      भीड़भाड़ से बचाव : भीड़-भाड़ से बचना ज़रूरी है, विशेषकर परिवहन केंद्रों पर। क्योंकि भीड़भाड़ में दम घुटने का खतरा बढ़ जाता है। भीड़ को नियंत्रित करने और दबाव को कम करने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए।

      आपातकालीन प्रतिक्रिया: प्रभावी आपातकालीन प्रतिक्रिया होने से ऐसी घटनाओं की स्थिति में त्वरित हस्तक्षेप सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।

 

निष्कर्ष:

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई दुखद घटना निवारक उपायों, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया के महत्व को रेखांकित करती है। भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए, सुरक्षा बुनियादी ढांचे में सुधार और भीड़भाड़ को प्रबंधित करने के लिए सरकारी अधिकारियों, परिवहन निकायों और स्टेशन अधिकारियों की ओर से समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, श्वासरोध के बारे में जागरूकता बढ़ाना भविष्य में इसी तरह की स्थितियों में जान बचाने के लिए महत्वपूर्ण है।