संदर्भ:
हाल ही में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा समय उपयोग सर्वेक्षण (TUS) 2024 जारी किया गया है। यह सर्वेक्षण, विभिन्न गतिविधियों में व्यक्तियों द्वारा बिताए गए समय का विश्लेषण करता है, जिसमें विशेष रूप से लैंगिक भूमिकाओं और आर्थिक भागीदारी पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
सर्वेक्षण के मुख्य निष्कर्ष:
· समय उपयोग सर्वेक्षण 2024 के अनुसार, महिलाओं की वेतन वाले रोजगार में वृद्धि देखी गई है। 15-59 वर्ष आयु वर्ग की 25% महिलाएँ रोजगार संबंधी गतिविधियों में संलग्न हैं, जो 2019 में मात्र 21.8% थी। हालांकि, पुरुष अब भी रोजगार में आगे हैं और वेतन संबंधी कार्यों में महिलाओं की तुलना में प्रतिदिन 132 मिनट अधिक व्यतीत करते हैं। इसके विपरीत, महिलाएँ अब भी अवैतनिक घरेलू कार्यों में पुरुषों की तुलना में प्रतिदिन 201 मिनट अधिक खर्च करती हैं।
देखभाल और घरेलू काम:
· देखभाल संबंधी गतिविधियों में लैंगिक असमानता बनी हुई है। सर्वेक्षण के अनुसार 41% महिलाएँ देखभाल संबंधी गतिविधियों में भाग लेती हैं, जबकि पुरुषों में यह संख्या केवल 21.4% है।
· महिलाएँ देखभाल संबंधी गतिविधियों में प्रतिदिन औसतन 140 मिनट बिताती हैं, जबकि पुरुष 74 मिनट बिताते हैं। हालांकि, 2019 की तुलना में महिलाओं द्वारा अवैतनिक घरेलू कार्यों में व्यतीत समय में थोड़ी कमी आई है – यह 2019 में 315 मिनट से घटकर 2024 में 305 मिनट हुआ है। फिर भी, महिलाओं पर घरेलू जिम्मेदारियों का बोझ पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक है।
सीखना और कौशल विकास:
· सर्वेक्षण ने 6-14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में शिक्षा और सीखने की गतिविधियों में उच्च भागीदारी को रेखांकित किया है, जिनमें से 89.3% बच्चे प्रतिदिन औसतन 413 मिनट सीखने में व्यतीत करते हैं।
· हालांकि, लड़के और लड़कियों दोनों ने सीखने में बिताए समय में मामूली गिरावट दर्ज की है, जो शैक्षिक असमानता और सीखने की गुणवत्ता में गिरावट जैसी संभावित चिंताओं को दर्शाता है।
अवकाश, मास मीडिया और सामाजिक गतिविधियाँ:
· अवकाश, संस्कृति, मास मीडिया और खेल पर बिताया गया समय दैनिक समय का 11% हो गया, जो 2019 में 9.9% था। हालाँकि, जहाँ महिलाओं ने औसतन 139 मिनट सामाजिकता और संचार में बिताए, वहीं इन गतिविधियों में पुरुषों की भागीदारी 147 मिनट से घटकर 138 मिनट रह गया।
सकारात्मक रुझान :
· महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि (2019 में 21.8% से 2024 में 25%) सकारात्मक संकेत है।
· अवैतनिक घरेलू कार्य में महिलाओं द्वारा बिताए गए समय में मामूली कमी भी घरेलू जिम्मेदारियों में लिंग संतुलन की ओर एक संकेत देती है।
· पुरुषों और महिलाओं दोनों की देखभाल संबंधी भूमिकाओं में बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि देखभाल कार्यों को अब अधिक महत्व दिया जा रहा है।
चुनौतियाँ:
· इन सकारात्मक बदलावों के बावजूद, चुनौतियाँ बनी हुई हैं। महिलाएँ अभी भी पुरुषों की तुलना में अवैतनिक घरेलू काम पर काफी अधिक समय बिताती हैं और देखभाल में पुरुषों की भागीदारी न्यूनतम हैं।
· ग्रामीण-शहरी विभाजन भी लगातार बना हुआ है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों की तुलना में स्व-उत्पादन गतिविधियों में अधिक भागीदारी दिखाई देती है। इसके अतिरिक्त, पुरुषों और महिलाओं दोनों ने सीखने की गतिविधियों पर अपना समय कम कर दिया है, जोकि शिक्षा में गुणवत्ता की कमी का संकेत देता है।
निष्कर्ष:
समय उपयोग सर्वेक्षण 2024 महिलाओं की कार्यबल भागीदारी में वृद्धि हुई है, जो एक सकारात्मक संकेत है। लेकिन, अवैतनिक घरेलू कार्यों और देखभाल कार्यों में लैंगिक असमानता अब भी बनी हुई है। लक्ष्य-आधारित नीति हस्तक्षेपों और सामाजिक दृष्टिकोण में बदलाव के माध्यम से इन मुद्दों को सुलझाना आवश्यक है, ताकि लैंगिक समानता के साथ-साथ समावेशी आर्थिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके।