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Blog / 26 Feb 2025

गुरुत्वाकर्षण की क्वांटम प्रकृति की जांच के लिए टेबलटॉप प्रयोग

संदर्भ:

हाल ही में कोलकाता के बोस संस्थान के शोधकर्ताओं सहित वैज्ञानिकों की एक टीम ने एक नया टेबलटॉप प्रयोग प्रस्तावित किया है, जिसका उद्देश्य यह जांचना है कि गुरुत्वाकर्षण (Gravity) क्वांटम यांत्रिकी (Quantum Mechanics) के नियमों का पालन करता है या नहीं।

    सामान्य सापेक्षता (General Relativity) और क्वांटम यांत्रिकी आधुनिक भौतिकी के दो प्रमुख सिद्धांत हैं, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि गुरुत्वाकर्षण को क्वांटम स्तर पर कैसे समझा जाए। यह शोध गुरुत्वाकर्षण को क्वांटम सिद्धांत में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, जिससे भौतिकी के एकीकृत सिद्धांत  की खोज को गति मिल सकती है।

टेबलटॉप प्रयोग के बारे में:

    वैज्ञानिकों ने गुरुत्वाकर्षण की क्वांटम प्रकृति की जांच के लिए एक नया प्रयोग प्रस्तावित किया है। यह प्रयोग यह परीक्षण करेगा कि गुरुत्वाकर्षण का व्यवहार क्वांटम यांत्रिकी (Quantum Mechanics) के सिद्धांतों के अनुरूप है या नहीं।

     इस प्रयोग में एक द्रव्यमान (Test Mass) दो संभावित पथों (Paths) में रखा जाता है, जिसे सुपरपोजिशन (Superposition) कहा जाता है। इसके साथ एक अन्य द्रव्यमान (Probe Mass) गुरुत्वाकर्षण के माध्यम से इस पर प्रभाव डालता है, जिससे परीक्षण द्रव्यमान किसी एक पथ पर स्थिर (Collapse) हो जाता है। यदि गुरुत्वाकर्षण ही  द्रव्यमान के पतन (Collapse) का कारण बनता है, तो यह संकेत देगा कि गुरुत्वाकर्षण की प्रकृति भी क्वांटम हो सकती है।

    पिछले प्रयोगों में ब्लैक होल जैसे अत्यधिक मजबूत गुरुत्वाकर्षण (Strong Gravity) वाले क्षेत्रों का अध्ययन किया गया था। लेकिन यह नया प्रयोग कमजोर गुरुत्वाकर्षण (Weak Gravity) की जांच पर केंद्रित है, जो छोटी वस्तुओं द्वारा उत्पन्न बल के समान होता है।

Quantum gravity - Wikipedia

क्वांटम यांत्रिकी औऱ शास्त्रीय यांत्रिकी सिद्धांत :

क्वांटम यांत्रिकी और शास्त्रीय यांत्रिकी भौतिकी के दो प्रमुख सिद्धांत हैं, जो अलग-अलग स्तरों पर वस्तुओं के व्यवहार को समझाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

शास्त्रीय यांत्रिकी:

    शास्त्रीय यांत्रिकी हमारे रोजमर्रा के जीवन में देखी जाने वाली वस्तुओं, जैसे कि कार, ग्रह और गेंदों की गति को समझाने में सक्षम है। यह नियम निश्चित और पूर्वानुमानित होते हैं, यानी अगर किसी वस्तु की प्रारंभिक स्थिति पता हो, तो उसकी गति को पूरी तरह से मापा और भविष्यवाणी की जा सकती है।

    शास्त्रीय भौतिकी के तहत, बड़ी वस्तुएँ, जैसे ग्रह, गाड़ियाँ या गेंद, केवल कणों (Particles) की तरह व्यवहार करती हैं। वे तरंगों की तरह नहीं दिखतीं, ही वे किसी प्रकार का तरंग पैटर्न बनाती हैं। इसी कारण से, वेव-पार्टिकल द्वैत केवल सूक्ष्म स्तर (Microscopic Level) पर लागू होता है और यह क्वांटम यांत्रिकी की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

क्वांटम यांत्रिकी:

    दूसरी ओर, क्वांटम यांत्रिकी परमाणु और उप-परमाणु स्तर के कणों के व्यवहार को समझाने के लिए विकसित की गई है, जहां नियम शास्त्रीय नियमों के अनुरूप नहीं चलते क्वांटम यांत्रिकी की सबसे अनोखी विशेषताओं में से एक सुपरपोजिशन (Superposition) है, जिसमें कोई कण एक ही समय में दो या अधिक अवस्थाओं में हो सकता है।  इसके अतिरिक्त , उलझाव (Entanglement) नामक एक और क्वांटम घटना है, जिसमें दो कण इतने गहराई से जुड़े होते हैं कि अगर एक में बदलाव होता है, तो दूसरा तुरंत प्रभावित हो जाता है, भले ही वे ब्रह्मांड के अलग-अलग कोनों में हों।

    क्वांटम सिद्धांत के अनुसार, सूक्ष्म कण, जैसे इलेक्ट्रॉन और फोटॉन, दोहरे स्वभाव (Dual Nature) वाले होते हैं। वे कभी कण (Particle) की तरह व्यवहार करते हैं और कभी तरंग (Wave) की तरह। उदाहरण के लिए, जब इलेक्ट्रॉनों को एक पतली दीवार में बने दो छिद्रों (Double-Slit) से गुजारा जाता है, तो वे तरंगों की तरह  पैटर्न बनाते हैं।