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Blog / 02 Apr 2025

सीरिया की अंतरिम सरकार

संदर्भ:
सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शराआ ने हाल ही में एक अंतरिम सरकार (Transitional Government) के गठन की घोषणा की है। यह कदम दशकों से चले आ रहे असद परिवार के शासन से बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस नई सरकार में 23 मंत्री शामिल हैं, और इसका उद्देश्य सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देना तथा पश्चिमी देशों के साथ संबंध सुधारना है।

अंतरिम सरकार की संरचना

नई सरकार सीरिया के विभिन्न जातीय और धार्मिक समुदायों को शामिल करती है। यह फैसला पश्चिमी और अरब देशों की मांगों को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि सरकार ज्यादा समावेशी (इनक्लूसिव) हो। हालांकि, इस सरकार का नेतृत्व मुख्य रूप से सुन्नी इस्लामी अधिकारी कर रहे हैं, लेकिन इसमें अल्पसंख्यक समुदायों को भी जगह दी गई है, जिससे राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिले।

नई नीतियां और मंत्रालय:

नए मंत्रालय और भूमिकाएँ: पहली बार, सीरिया ने खेल मंत्रालय और आपातकालीन मंत्रालय की स्थापना की है। व्हाइट हेल्मेट्स के प्रमुख, राएद अल-सालेह को आपदा प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करते हुए, आपात स्थिति मंत्री नियुक्त किया गया है।

नेतृत्व और संक्रमणकालीन लक्ष्य: जनवरी 2025 में अंतरिम राष्ट्रपति नामित अहमद अल-शरा ने सीरिया की संस्थाओं को बहाल करने के लिए एक समावेशी सरकार बनाने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। सरकार चुनावों तक देश की देखरेख करेगी, जिसके आयोजन में पाँच साल तक का समय लग सकता है। विशेष रूप से, सरकार बिना प्रधानमंत्री के काम करेगी, जिसमें शारा कार्यकारी शाखा का नेतृत्व करेगा।

नेतृत्व और लक्ष्‍य:

  • अहमद अल-शराआ, जिन्हें जनवरी 2025 में अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया था, उन्होंने एक समावेशी सरकार बनाने का वादा किया है।
  • यह सरकार चुनाव होने तक देश का प्रशासन देखेगी, लेकिन चुनाव कराने में पांच साल तक लग सकते हैं।
  • इस सरकार में प्रधानमंत्री का पद नहीं होगा, बल्कि राष्ट्रपति शराआ खुद कार्यकारी प्रमुख होंगे।

संवैधानिक ढांचा

सीरिया की हाल ही में जारी संवैधानिक घोषणा के अनुसार:

  • इस्लामी कानून (शरिया) को देश के संविधान का मुख्य आधार बनाए रखा गया है।
  • महिलाओं के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी दी गई है।
  • पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक सुधारों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।

भारत –सीरिया संबंध-
सीरिया को लेकर भारत का दृष्टिकोण ऐतिहासिक संबंधों और रणनीतिक हितों पर आधारित है। गुटनिरपेक्ष आंदोलन के एक प्रमुख सदस्य सीरिया ने कई OIC देशों के विपरीत कश्मीर पर भारत की स्थिति का समर्थन किया है। भारत ने तिशरीन विद्युत संयंत्र और हामा लौह एवं इस्पात संयंत्र जैसी परियोजनाओं में निवेश किया है। इसने ऑपरेशन दोस्त के माध्यम से 2023 के भूकंप के बाद मानवीय सहायता भी भेजी। शांतिपूर्ण, समावेशी सीरियाई नेतृत्व वाली प्रक्रिया का समर्थन करते हुए, भारत अल्पसंख्यक सुरक्षा और सीरिया की संप्रभुता पर चिंतित है।

निष्कर्ष

सीरिया की नई अंतरिम सरकार का गठन असद शासन के बाद देश के पुनर्निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना, सरकारी संस्थानों को फिर से स्थापित करना और भविष्य में चुनाव की नींव रखना है। हालांकि, अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं, लेकिन सरकार के सुधार लागू करने की क्षमता ही सीरिया के भविष्य की दिशा तय करेगी।