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Blog / 13 Feb 2025

एशियाई हाथियों के संचार प्रणाली पर अध्ययन

संदर्भ:

हाथी अपनी जटिल संचार प्रणाली के लिए जाने जाते हैं और वे अलग-अलग तरह की आवाज़ें निकालकर अपने झुंड के साथ संपर्क बनाए रखते हैं। अब तक अधिकतर अध्ययन अफ्रीकी हाथियों पर किए गए हैं, लेकिन हाल ही में एशियाई हाथियों की आवाज़ों पर एक नया शोध हुआ है, जिसने उनके खास ट्रम्पेटिंग’ (चिंग्घाड़ने) की ध्वनि को लेकर नई जानकारी दी है।

मुख्य निष्कर्ष:

1.   चार तरह की मुख्य आवाज़ें: एशियाई हाथी ट्रम्पेटिंग (चिंग्घाड़ना), गर्जना, गुनगुनाना और चहकने जैसी आवाज़ों का उपयोग करते हैं। उनकी ऊँची और नीची आवृत्तियों वाली ध्वनियाँ अलग-अलग संदेश देती हैं।

2.   ट्रम्पेटिंग (चिंघाड़ना) के कई अर्थ: पहले इसे सिर्फ़ ख़तरे का संकेत माना जाता था, लेकिन अब पता चला है कि हाथी इसे सामाजिक मेल-जोल, खेलने और भावनाओं के इज़हार के लिए भी इस्तेमाल करते हैं।

3.   संयुक्त आवाज़ें: शोध में नई तरह की मिश्रित आवाज़ें भी पाई गईं, जैसे गर्जना-गुनगुनाहट’, जिससे हाथी अपने झुंड से संपर्क बनाए रखते हैं और किसी खतरे का संकेत देते हैं।

4.   आयु के अनुसार ध्वनियों में अंतर:

o    छोटे हाथी अधिक ऊँची आवाज़ निकालते हैं ताकि वे अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकें।

o    बड़े हाथी भारी और गहरी आवाज़ निकालते हैं, जो उनके शरीर के आकार और आवाज़ निकालने की क्षमता में बदलाव की वजह से होती है।

Asian elephants change scientists' minds about why elephants trumpet - The  Hindu

एशियाई हाथियों के बारे में जानकारी:

  • एशिया के सबसे बड़े स्थलीय जीव हैं, जो दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के 13 देशों में पाए जाते हैं।
  • ये सूखे और गीले जंगलों के अलावा घास के मैदानों में भी रहते हैं।

सामाजिक संरचना:

  • हाथी बहुत मिलनसार होते हैं और आमतौर पर 6-7 मादा हाथियों का झुंड बनाते हैं, जिसकी अगुवाई सबसे अनुभवी मादा हाथी (मेट्रिआर्क) करती है।
  • अफ्रीकी हाथियों की तुलना में एशियाई हाथियों के झुंड छोटे होते हैं।

आहार और पानी की ज़रूरत:

  • हाथी दिन का दो-तिहाई हिस्सा खाने में बिताते हैं और घास, पेड़ों की छाल, जड़ें, पत्ते और तने खाते हैं।
  • उन्हें रोज़ाना पानी पीने की ज़रूरत होती है, इसलिए वे हमेशा मीठे पानी के स्रोतों के पास रहते हैं।

संरक्षण की स्थिति और भारत की भूमिका:

1.   कानूनी सुरक्षा:

o    भारत में हाथी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (1972) की अनुसूची-1 में शामिल हैं।

o    इन्हें भारत के राष्ट्रीय धरोहर प्रतीक (National Heritage Animal) का दर्जा मिला हुआ है।

2.   भारत में हाथियों की संख्या:

o    भारत में दुनिया की कुल एशियाई हाथी आबादी का लगभग 60% हिस्सा है।

o    सबसे ज़्यादा हाथी कहां हैं?

§  कर्नाटक 6,049 हाथी

§  असम 5,719 हाथी

§  केरल 3,054 हाथी (2017 की जनगणना के अनुसार)

3.   वैश्विक संरक्षण प्रयास:

o    IUCN रेड लिस्ट स्थिति: संकटग्रस्त (Endangered)

o    विश्व हाथी दिवस (12 अगस्त): यह दिन हाथियों की रक्षा और अवैध शिकार रोकने के लिए जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है।

o    2023 की थीम: "अवैध वन्यजीव व्यापार को समाप्त करना"

यह अध्ययन सिर्फ़ हाथियों की भाषा को समझने में मदद करता है, बल्कि उनके संरक्षण के महत्व को भी दर्शाता है।