हाल ही में रोडामिन बी नामक एक सिंथेटिक रंग, जो वस्त्रों, चमड़े और कागज जैसे उत्पादों में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है, खाद्य पदार्थों में इसके अवैध उपयोग के कारण चर्चा का विषय बन गया है। अपनी चमकदार गुलाबी रंगत और फ्लोरोसेंट गुणों के लिए जाना जाने वाला यह रंग, डीएनए क्षति, उत्परिवर्तन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, जिससे यह स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है।
रोडामिन बी क्या है?
रोडामिन बी (C₂₈H₃₁ClN₂O₃) एक सिंथेटिक रंग है जो पानी में घुल जाता है। यह पाउडर के रूप में हरा दिखता है, लेकिन पानी में घोलने पर चमकीला गुलाबी रंग का हो जाता है और चमकदार नज़र आता है।
- इसका व्यापक रूप से वस्त्र, चमड़ा, कागज और पेंट बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इसके अतिरिक्त, वैज्ञानिक शोध में भी इसका उपयोग होता है क्योंकि यह चमकदार होता है। चूंकि यह आसानी से टूटता नहीं है, इसलिए यह पर्यावरण में लंबे समय तक रहता है और प्रदूषण फैलाता है।
- अपनी औद्योगिक उपयोगिता के बावजूद, रोडामिन बी को विश्व स्तर पर विषाक्त के रूप में वर्गीकृत किया गया है और खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित है।
रोडामिन बी के हानिकारक प्रभाव:
- रोडामिन बी गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ा हुआ है। अध्ययनों से इसके कार्सिनोजेनिक गुणों का पता चलता है, जो इसे डीएनए क्षति, उत्परिवर्तन और पशु मॉडल में ट्यूमर वृद्धि से जोड़ते हैं।
· लंबे समय तक रोडामिन बी के संपर्क में रहने से हमारे शरीर के अहम अंग जैसे कि लीवर, किडनी और मूत्राशय को नुकसान पहुंच सकता है। यह हमारे शरीर की कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचाता है।
· बच्चे और बीमार लोग रोडामिन बी से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। यह पानी और मिट्टी को भी प्रदूषित करता है जिससे पूरा पर्यावरण प्रभावित होता है।
· त्वचा रोग विशेषज्ञों का कहना है कि रोडामिन बी से एलर्जी और त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।
वैश्विक नियामक कार्रवाइयाँ:
- संयुक्त राज्य अमेरिका में, एफडीए ने दशकों पहले खाद्य पदार्थों में रोडामिन बी पर प्रतिबंध लगा दिया था और जनवरी 2025 में इसकी कार्सिनोजेनिटी के बढ़ते सबूतों का हवाला देते हुए निषेध को और मजबूत किया।
- इसी प्रकार, यूरोपीय संघ ने इसके उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया है, इसे "बहुत अधिक चिंता का विषय" के रूप में चिन्हित किया है।
भारत में रोडामिन बी के खिलाफ कार्रवाइयाँ:
तमिलनाडु: फरवरी 2024 में, जब रंगीन कॉटन कैंडी में रोडामिन बी मिला, तो सरकार ने इसे बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया। यह कदम खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के उल्लंघन के कारण उठाया गया था।
कर्नाटक: मार्च 2024 में, कर्नाटक सरकार ने भी कॉटन कैंडी जैसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड्स में रोडामिन बी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी। इस नियम को तोड़ने वालों को 10 लाख रुपये का जुर्माना या जेल हो सकती है।
पुदुचेरी और हिमाचल प्रदेश: साल 2024 की शुरुआत में, पुदुचेरी और हिमाचल प्रदेश सरकारों ने भी लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए रोडामिन बी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिए थे।
आगे की राह:
भारत में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत और व्यापक तंत्र की आवश्यकता है। खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले हानिकारक योजकों, विशेषकर सिंथेटिक रंगों पर गहन शोध के लिए एफएसएसएआई को पर्याप्त धनराशि आवंटित की जानी चाहिए। इसके साथ ही, खाद्य सुरक्षा के बारे में जन जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थों के महत्व के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना कि खाद्य पदार्थ न केवल आकर्षक बल्कि पोषण से भरपूर और सुरक्षित भी हों, देश के दीर्घकालिक स्वास्थ्य लक्ष्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।