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Blog / 01 Apr 2025

रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024

संदर्भ:

भारत की संसद ने हाल ही में रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित किया है, जो रेलवे अधिनियम, 1989 में संशोधन करके रेलवे बोर्ड की शक्तियों और स्वायत्तता को बढ़ाने का प्रयास करता है। इस विधेयक का उद्देश्य रेलवे संचालन को सरल बनाना, प्रशासन में सुधार करना, अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करना और भारतीय रेलवे की कार्यक्षमता को बढ़ाना है।

 

रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024 की प्रमुख विशेषताएँ-

 

इस विधेयक के तहत भारतीय रेलवे के प्रशासनिक ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, विशेषतः रेलवे बोर्ड से संबंधित:

 

1. भारतीय रेलवे बोर्ड अधिनियम, 1905 का निरसन

 

यह विधेयक भारतीय रेलवे बोर्ड अधिनियम, 1905 को रद्द कर देता है और उसकी प्रावधानों को रेलवे अधिनियम, 1989 में समाहित करता है।

इससे कानूनी प्रक्रियाएँ सरल होंगी और प्रशासनिक जटिलताएँ कम होंगी, जिससे रेलवे का संचालन अधिक प्रभावी और सुचारू होगा।

 

2. रेलवे बोर्ड में केंद्र सरकार की भूमिका बढ़ी

 

केंद्र सरकार को रेलवे बोर्ड में विभिन्न शक्तियाँ और कार्य सौंपने का अधिकार मिलेगा।

इससे प्रशासन को अधिक लचीलापन मिलेगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक कुशल होगी।

 

3. रेलवे बोर्ड की संरचना और नियुक्ति प्रक्रिया

 

केंद्र सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वह बोर्ड के सदस्यों की संख्या, उनकी योग्यता, अनुभव और सेवा की शर्तें तय कर सके।

यह विधेयक रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी और सक्षम बनाने की बात करता है।

 

भारतीय रेलवे के बारे में संक्षिप्त जानकारी-

 

·        भारतीय रेलवे 68,000 किलोमीटर से अधिक पटरियों का संचालन करता है, जिससे यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क बन जाता है (अमेरिका, रूस और चीन के बाद)

·        भारतीय रेलवे प्रतिदिन लगभग 2.3 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान करता है।

·        97% ब्रॉड-गेज लाइनों का विद्युतीकरण हो चुका है।

·        भारत सरकार ने 2030 तक रेलवे में माल भाड़े की हिस्सेदारी 27% (2022) से बढ़ाकर 45% करने का लक्ष्य रखा है।

 

आगे की राह-

 

स्वतंत्र नियामक (Independent Regulator): विशेषज्ञों का सुझाव है कि रेलवे क्षेत्र के प्रमुख पहलुओं जैसे किराया निर्धारण, सुरक्षा और प्रतिस्पर्धा की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र नियामक संस्था बनाई जानी चाहिए। इससे उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा होगी और रेलवे क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी और प्रभावी बनेगा।

क्षेत्रीय इकाइयों को अधिक स्वायत्तता: रेलवे के जोनल कार्यालयों को अधिक स्वायत्तता देने का सुझाव दिया गया है। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और प्रत्येक जोन अपनी कार्यक्षमता के लिए स्वयं जिम्मेदार होगा।

निगमीकरण (Corporatization): रेलवे के कार्यों को एक कॉर्पोरेट संस्था की तरह संचालित करने का भी सुझाव दिया गया है। इससे रेलवे की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, जवाबदेही बढ़ेगी और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होगी।

 

निष्कर्ष-

रेलवे (संशोधन) विधेयक, 2024 भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रशासन को अधिक संगठित बनाएगा और भविष्य में रेलवे के ढांचागत और संचालन से जुड़े सुधारों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।