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Blog / 16 Jan 2025

प्रधानमंत्री मोदी ने आईएनएस सूरत , आईएनएस नीलगिरी और आईएनएस वाघशीर का जलावतरण किया

सन्दर्भ :

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में आयोजित एक समारोह में तीन उन्नत नौसेना लड़ाकू जहाजों- आईएनएस सूरत , आईएनएस नीलगिरी और आईएनएस वाघशीर को शामिल किया ।इसे भारतीय नौसेना को मजबूत करने और रक्षा क्षमताओं में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में एक "बड़ी छलांग" के रूप में देखा जा रहा हैं।

कमीशन किये गए जहाजों के बारे में:

आईएनएस नीलगिरि

आईएनएस नीलगिरि, भारतीय नौसेना के लिए बनाए गए सबसे आधुनिक युद्धपोतों में से एक है। इसे 'प्रोजेक्ट 17' के तहत डिजाइन किया गया है और यह शिवालिक श्रेणी के फ्रिगेटों से भी अधिक उन्नत है। इस युद्धपोत को मुंबई के मझगांव डॉक में बनाया गया है और इसका डिजाइन भारतीय नौसेना के अपने डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है।

 इसमें रडार सिग्नेचर को कम करने के लिए उन्नत स्टील्थ तकनीक शामिल है। यह युद्धपोत आधुनिक विमानन सुविधाओं से लैस है और एमएच-60आर सहित विभिन्न प्रकार के हेलीकॉप्टरों को संचालित कर सकता है, जिससे इसकी परिचालन क्षमता में वृद्धि हुई है।"

आईएनएस सूरत

आईएनएस सूरत कोलकाता श्रेणी के विध्वंसक के बाद प्रोजेक्ट 15बी स्टील्थ विध्वंसक (destroyer) श्रेणी का चौथा और अंतिम पोत है। इस युद्धपोत को मुंबई के मझगांव डॉक में बनाया गया है और इसका डिजाइन भारतीय नौसेना के अपने डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। आईएनएस सूरत में अपने पहले संस्करण की तुलना में कई उन्नत तकनीकें और क्षमताएं हैं। यह युद्धपोत दुश्मन के हमलों से खुद को बचाने में सक्षम है और यह दुश्मन के जहाजों और विमानों को मार गिरा सकता है।

आईएनएस वाघशीर:

आईएनएस वाघशीर भारत की नौसेना के लिए बनाई गई स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियों में से आखिरी है। इसे प्रोजेक्ट 75 के तहत बनाया गया है।  जिसे विभिन्न भूमिकाओं के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें सतह-रोधी युद्ध, पनडुब्बी-रोधी युद्ध और खुफिया जानकारी एकत्र करना शामिल है। इसका निर्माण मॉड्यूलर तरीके से किया गया है, जो भविष्य में वायु-स्वतंत्र प्रणोदन प्रौद्योगिकी के एकीकरण की अनुमति देता है।

महत्व:

इन जहाजों का चालू होना भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आईएनएस सूरत, आईएनएस नीलगिरी और आईएनएस वाघशीर, तीनों ही प्लेटफॉर्म, पूरी तरह से भारत में डिजाइन और निर्मित किए गए हैं। इन जहाजों की अत्याधुनिक हथियार प्रणालियां और स्टील्थ तकनीक उन्हें दुनिया के सबसे उन्नत युद्धपोतों में से एक बनाती हैं। यह उपलब्धि सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।