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Blog / 18 Mar 2025

आव्रजन विधेयक, 2025

संदर्भ:

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आव्रजन और विदेशी विधेयक, 2025 पेश किया है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की आव्रजन प्रणाली को सुव्यवस्थित करना और विदेशियों के प्रवेश, आवाजाही पर बेहतर नियंत्रण सुनिश्चित करना है। यह विधेयक जाली पासपोर्ट और वीज़ा के उपयोग पर कड़ी सजा का प्रावधान करता है।

विधेयक की मुख्य विशेषताएँ:

1.   जाली पासपोर्ट के उपयोग के लिए कठोर दंड: प्रस्तावित आव्रजन विधेयक में सबसे उल्लेखनीय प्रावधान जाली पासपोर्ट या वीजा का उपयोग करते हुए पकड़े जाने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए कठोर दंड लगाना है।

      अपराधियों को सात साल तक की जेल और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।

      इस विधेयक में भारत में प्रवेश करने, ठहरने या बाहर निकलने के लिए फर्जी यात्रा दस्तावेजों का उपयोग करते हुए पकड़े जाने वालों के लिए न्यूनतम दो साल की सजा का भी प्रावधान है।

इन उपायों से अवैध आव्रजन और आव्रजन प्रक्रिया में धोखाधड़ी पर अंकुश लगने की संभावना है।

2. सरकार के नियंत्रण में वृद्धि: यह विधेयक भारत के अंदर विदेशियों की आवाजाही को नियंत्रित करने और विनियमित करने के लिए केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण शक्तियाँ प्रदान करता है।

      मुख्य प्रावधानों में होटल, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल और अन्य प्रतिष्ठानों द्वारा विदेशी नागरिकों के विवरण की अनिवार्य रिपोर्टिंग शामिल है। इससे अधिकारियों को उन विदेशियों पर नज़र रखने में मदद मिलेगी जोकि अपने वीज़ा की अवधि से अधिक समय तक रुकते हैं या अवैध गतिविधियों में लिप्त रहते हैं।

      बिल में यह भी अनिवार्य किया गया है कि अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस और जहाज़ विस्तृत यात्री और चालक दल की सूची प्रस्तुत करें, जिससे देश में आने वाले विदेशी नागरिकों की निगरानी करने की सरकार की क्षमता बढ़ेगी।

3. आव्रजन कानूनों का आधुनिकीकरण: नया विधेयक भारत में विदेशी नागरिकों को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे को सरल और आधुनिक बनाने का प्रयास करता है।

      यह चार पुराने कानूनों की जगह लेगा: पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920, विदेशियों का पंजीकरण अधिनियम, 1939, विदेशियों का अधिनियम, 1946 और आव्रजन (वाहक दायित्व) अधिनियम, 2000

आव्रजन और विदेशी विधेयक, 2025 इन कानूनों के प्रावधानों को एक साथ लाता है और समकालीन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उन्हें अद्यतन करता है। यह निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने वाले विदेशियों और अवैध प्रवासन की बेहतर ट्रैकिंग के लिए नए प्रावधान भी पेश करता है, जोकि सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं।

4. राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास को बढ़ावा: यह विधेयक राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाता है। एक ओर, यह अवैध आव्रजन से निपटने और विदेशियों को अधिक प्रभावी ढंग से ट्रैक करने के लिए नियमों को मजबूत करता है वही दूसरी ओर, यह व्यापार और पर्यटन को आसान बनाता है।

5. विदेशियों के आवागमन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना: नया कानून भारत में विदेशियों के आवागमन के लिए व्यापक दिशा-निर्देश पेश करता है।

      यह उन विदेशियों के पंजीकरण को अनिवार्य बनाता है जोकि विशिष्ट वीज़ा श्रेणियों (छात्र, चिकित्सा, रोजगार, आदि) के तहत 180 दिनों से अधिक समय तक रहते हैं, आगमन के 14 दिनों के भीतर। यह विधेयक आगमन पर वीज़ा और इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा की प्रक्रिया को भी सरल बनाता है और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और आव्रजन ब्यूरो के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करता है।

      पूर्वोत्तर राज्यों, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों जैसे विशिष्ट संरक्षित क्षेत्रों में विदेशियों को अभी भी यात्रा करने के लिए विशेष परमिट की आवश्यकता होगी, ताकि देश के रणनीतिक क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

निष्कर्ष:

आव्रजन और विदेशी विधेयक, 2025 भारत के आव्रजन प्रणाली में एक महत्वपूर्ण सुधार को दर्शाता है। यह विधेयक अवैध प्रवास, जाली यात्रा दस्तावेजों और विदेशियों के निर्धारित अवधि से अधिक ठहरने जैसी चुनौतियों का समाधान करता है। जहाँ एक ओर यह विधेयक कठोर दंड और सख्त नियमों को लागू करता है, वहीं दूसरी ओर, यह वैध विदेशी आगंतुकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल और सुव्यवस्थित बनाकर भारत को अधिक सुलभ बनाने का प्रयास करता है। यह सरकार की व्यापक नीति प्राथमिकताओं के अनुरूप है और एक प्रभावी एवं संतुलित आव्रजन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।